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अफसरों से 30 लाख रुपये की होगी रिकवरी
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 20 Dec 2015 11:36 PM IST
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जिनाई-सिरौरा फर्जीवाड़े के बाद अब एक और फर्जीवाड़े में अफसरों से रिकवरी तय हो गयी है। स्याना के किरौंठी लिंक लाइन फर्जीवाड़े में एसई से लेकर जेई के खिलाफ चार्जशीट जारी हो गई है।
मामले में आरोपी ठेकेदार पहले से ही जेल में बंद है। स्याना-किरौंठी लिंक लाइन को बिना बनाए स्टोर से करीब 39 लाख रुपये का सामान निकालकर गबन किया गया था।
ठेकेदार ने लिंक लाइन को बिना बनाए सामान डकार लिया था। अफसरों ने पूरे मामले को दबाने की कोशिशी की, लेकिन अमर उजाला द्वारा पूरा फर्जीवाड़ा खोलने के बाद अफसर हरकत में आ गए थे।
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एसई ने आनन-फानन में मामले की जांच बैठा दी थी। फर्जीवाड़े की परत-दर-परत खुलने के बाद आरोपी ठेकेदार राकेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसके अलावा तत्कालीन अधीक्षण अभियंता आरएस प्रसाद, तत्कालीन एक्सईएन स्याना सुरेश चंद्रा, तत्कालीन एसडीओ राहुल गुप्ता और जेई अशोक कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
इसके बाद हुई उच्च स्तरीय जांच में चारों अफसरों पूरे फर्जीवाड़े के लिए दोषी माने गए थे। अब चारों अफसरों के खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी गई है। अफसरों पर करीब 30 लाख रुपये की रिकवरी निकाली गई है।
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मामले में आरोपी ठेकेदार पहले से ही जेल में बंद है। स्याना-किरौंठी लिंक लाइन को बिना बनाए स्टोर से करीब 39 लाख रुपये का सामान निकालकर गबन किया गया था।
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ठेकेदार ने लिंक लाइन को बिना बनाए सामान डकार लिया था। अफसरों ने पूरे मामले को दबाने की कोशिशी की, लेकिन अमर उजाला द्वारा पूरा फर्जीवाड़ा खोलने के बाद अफसर हरकत में आ गए थे।
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एसई ने आनन-फानन में मामले की जांच बैठा दी थी। फर्जीवाड़े की परत-दर-परत खुलने के बाद आरोपी ठेकेदार राकेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसके अलावा तत्कालीन अधीक्षण अभियंता आरएस प्रसाद, तत्कालीन एक्सईएन स्याना सुरेश चंद्रा, तत्कालीन एसडीओ राहुल गुप्ता और जेई अशोक कुमार की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
इसके बाद हुई उच्च स्तरीय जांच में चारों अफसरों पूरे फर्जीवाड़े के लिए दोषी माने गए थे। अब चारों अफसरों के खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी गई है। अफसरों पर करीब 30 लाख रुपये की रिकवरी निकाली गई है।