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खुर्जा में हुए फर्जीवाड़े में कैशियर से रिकवरी
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Sun, 04 Dec 2016 12:57 AM IST
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घोटाला
- फोटो : अमर उजाला
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पावर कारपोरेशन के खुर्जा खंड में राजस्व वसूली के गबन में एसई की मुस्तैदी का असर दिखने लगा है। लाखों रुपये दबाए बैठे आरोपी कैशियर से विभाग ने 11 लाख की रिकवरी की है। इससे माना जा रहा है कि आरोपी कैशियर पर निलंबन की गाज गिर सकती है।
बता दें कि पावर कारपोरेशन के खुर्जा खंड में एक कैशियर सालों से 14 रसीद बुक दबाए बैठा था। इन रसीद बुकों पर करीब 76 लाख रुपये का राजस्व गबन करने का मामला सामने आया है। आरोपी सालों तक रसीद बुक के साथ विभागीय राजस्व को दबाए बैठा रहा।
मामला सामने आने के बाद चीफ इंजीनियर के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कराई गई। अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन खुर्जा को तलब कर लिया। तीन दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया। एसई के एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगते ही आरोपी कैशियर से करीब 11 लाख रुपये की रिकवरी कर ली गई।
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हालांकि अभी तक पूरे राजस्व की रिकवरी नहीं हो सकी है। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है कि आखिर इतने सालों तक रसीद बुक कैसे दबी रही। एक्सईएन से तीन दिन में लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। कैशियर से करीब 11 लाख रुपये की रिकवरी कर ली गई है।
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बता दें कि पावर कारपोरेशन के खुर्जा खंड में एक कैशियर सालों से 14 रसीद बुक दबाए बैठा था। इन रसीद बुकों पर करीब 76 लाख रुपये का राजस्व गबन करने का मामला सामने आया है। आरोपी सालों तक रसीद बुक के साथ विभागीय राजस्व को दबाए बैठा रहा।
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मामला सामने आने के बाद चीफ इंजीनियर के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कराई गई। अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन खुर्जा को तलब कर लिया। तीन दिन में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया। एसई के एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगते ही आरोपी कैशियर से करीब 11 लाख रुपये की रिकवरी कर ली गई।
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हालांकि अभी तक पूरे राजस्व की रिकवरी नहीं हो सकी है। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है कि आखिर इतने सालों तक रसीद बुक कैसे दबी रही। एक्सईएन से तीन दिन में लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। कैशियर से करीब 11 लाख रुपये की रिकवरी कर ली गई है।