{"_id":"58026f5f4f1c1b210328e965","slug":"reading-once-again-came-to-grips-scam","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक बार फिर पकड़ में आया रीडिंग घोटाला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक बार फिर पकड़ में आया रीडिंग घोटाला
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Sat, 15 Oct 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
बिजली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पावर कारपोरेशन में एक बार फिर रीडिंग घोटाला सामने आया है। जिले में लाखों रुपये की रीडिंग स्टोर मिली हैं। मीटर रीडरों द्वारा किए गए फर्जीवाड़े का खुलासा जांच में हुआ है। अधीक्षण अभियंता ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
सर्किल द्वितीय के खंड स्याना, शिकारपुर, जहांगीराबाद और सिकंदराबाद में बदले गए मीटरों में करीब 18 लाख रुपये की रीडिंग स्टोर पकड़ी गई है। मीटरों में रीडिंग स्टोर करने के बाद इनको खराब बताकर बदल दिया गया था। यह रीडिंग मीटर रीडरों द्वारा स्टोर की गई थी और बाद में मीटर अफसरों से सांठगांठ कर मीटरों को बदलवा दिया गया।
विज्ञापन
शुरूआती जांच में 18 लाख रुपये की रीडिंग पकड़ी गई है। यह फर्जीवाड़ा और भी बड़ा हो सकता है। इसलिए अधीक्षण अभियंता ने एक्सईएन टेस्ट को जांच के आदेश दिए हैं। गौरतलब है कि पावर कारपोरेशन में मीटरों में रीडिंग स्टोर का यह नया मामला नहीं है।
विज्ञापन
इससे पहले भी रीडिंग स्टोर के कई फर्जीवाड़े पकड़ में आ चुके हैं। अधिकांश मामलों में सिर्फ मीटर रीडरों तक ही कार्रवाई को सीमित रखा जाता है, जबकि मामले में मीटर विभाग के कर्मियों की भूमिका भी संलिप्त होती है।
एसई राकेश कुशवाहा का कहना है कि शुरूआती जांच में करीब 18 लाख रुपये की रीडिंग स्टोर मिली हैं। एक्सईएन टेस्ट को जांच के निर्देश दिए गए हैं। आरोपी कर्मियों और मीटर रीडरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।