{"_id":"581f6f604f1c1bf37eb37752","slug":"question-mark-on-the-police-investigation","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस तफ्तीश पर उठे सवाल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस तफ्तीश पर उठे सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
क्राइम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हाईवे पर मां-बेटी के साथ हुए गैंगरेप के मामले में एक अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों रईस, शावेज और जबर सिंह की जमानत याचिका मंजूर किए जाने के साथ ही तीन अन्य आरोपियों सलीम, परवेज और साजिद के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश होने से पुलिस की तफ्तीश पर सवाल उठने लगे हैं।
29 जुलाई की रात हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप और लूटपाट की वारदात हुई थी। 31 जुलाई को डीजीपी-प्रमुख सचिव गृह ने घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद मीडिया को रईस, शाबेज और जबर सिंह की गिरफ्तारी बताई थी।
विज्ञापन
बताते हैं कि 31 अगस्त की शाम पुलिस लाइन में डीजीपी ने मीडिया के सामने भले ही तीन आरोपियों के नामों का खुलासा कर दिया हो, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्हें आभास हो गया था कि दाल में कुछ काला है।
विज्ञापन
तत्कालीन डीआईजी लक्ष्मी सिंह भी तीनों के बीच वारदात का कनेक्शन जोड़ने में नाकाम रही थीं। तीनों का आपराधिक इतिहास भी नहीं मिला था अलबत्ता पुलिस ने फोटो के आधार पर पीड़ित परिवार से पहचान कराने का दावा किया था। सवाल तब भी उठा था कि आपराधिक इतिहास नहीं था तो पुलिस के पास इनके फोटो कैसे पहुंचे।
वहीं 11 अगस्त को हाईकोर्ट में सीबीआई को जांच दिए जाने वाली याचिका पर सुनवाई से तीन दिन पहले आठ अगस्त की रात पुलिस ने तीन और आरोपियों सलीम छैमार उसके साथी परवेज उर्फ जुबैर और साजिद को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। इसलिए सीबीआई ने जांच शुरू की तो फोकस सलीम, परवेज औ्र साजिद का आपराधिक कनेक्शन साबित हो पाया जबकि अन्य तीन का नहीं।
आज कोर्ट में दाखिल किए जाएंगे दो जमानती
हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप के मामले में एक अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों को जमानत दिलाने के लिए आज कोर्ट में जमानती दाखिल किए जा सकते हैं। शनिवार शाम कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका मंजूर कर ली थी।
कोर्ट ने उन्हें दो-दो लाख के दो जमानती दाखिल करने पर ही जमानत देने का आदेश दिया था। जमानतियों की वैरिफिकेशन होने के बाद प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बता दें कि 29 जुलाई 2016 की रात हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी।
पुलिस ने एक अगस्त 2016 को आरोपी रईस, जबर सिंह और शाबेज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद नौ अगस्त को पुलिस ने कन्नौज निवासी सलीम, परवेज और साजिद को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
बृहस्पतिवार दोपहर रईस, जबर सिंह और शाबेज के अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट न्यायाधीश ध्रुव कुमार तिवारी के न्यायालय में जमानत संबंधी प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायाधीश ने एक अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों रईस, जबर सिंह और शाबेज की जमानत मंजूर कर ली थी।
डेढ़ दर्जन पुलिसवालों पर गिरी थी गाज
हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे और मामला सीएम तक पहुंचा तो अफसरों पर गाज गिरनी शुरू हुई। सबसे पहले तत्कालीन थानाध्यक्ष रामसेन सिंह को सस्पेंड किया गया।
मुख्यमंत्री ने तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण, एसपी सिटी राम मोहन सिंह, सीओ सिटी हिमांशु गौरव को सस्पेंड किया गया। इसके बाद डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया। दो अगस्त को एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने एक दर्जन दरोगा-सिपाहियों को सस्पेंड किया था।