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पांच साल से 30 लाख दबाए बैठा है पावर कारपोरेशन का कैशियर

Wed, 19 Oct 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Wed, 19 Oct 2016 11:32 PM IST
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Power Corporation cashiers sitting down 30 million
रुपये। - फोटो : ब्यूरो

डिबाई खंड के कैशियर द्वारा 84 लाख रुपये गायब करने के मामले में हुई जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि कैशियर जहां 54 लाख रुपये पिछले महीने से दबाए बैठा था तो 30 लाख रुपये पांच साल से दबाए हुए था। अफसर आते जाते रहे और किसी को इस गबन की भनक तक नहीं लगी। यहां तक कि हैड कैशियर भी पूरे मामले को दबाता रहा।

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डिबाई खंड के नगर कैश काउंटर पर तैनात कैशियर विजय प्रताप को विभाग के 84 लाख रुपये के राजस्व को गायब करने के आरोप में निलंबित किया  है। न तो कैशियर का कुछ पता है और न ही राजस्व का। जांच में अब चौंकाने वाली नई बात सामने आई है।
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पता चला है कि कैशियर 30 लाख रुपये वर्ष 2011 से दबाए बैठा था, जबकि 54 लाख रुपये की रकम करीब डेढ़ माह से दबाए बैठा था। अफसर तो इस पर भी चुप थे, यदि राजस्व डाउन होते ही चीफ इंजीनियर ने कड़ी फटकार न लगाई होती।
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सवाल उठता है कि वर्ष 2011 से किसी भी अधिकारी और हैड कैशियर ने इतनी बड़ी रकम के गायब होने पर संज्ञान क्यों नहीं लिया। विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ही इतने बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा सका। मामले में कई कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

गौरतलब है कि बुलंदशहर खंड में छह माह पहले दो कैशियर इस प्रकार की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। एक कैशियर तो 20 लाख रुपये के गबन के आरोप में जेल में बंद है। अधीक्षण अभियंता ने आरोपी कैशियर विजय प्रताप की कैश चेस्ट को तुड़वाने के निर्देश दिए है।

एसई ने एक्सईएन डिबाई पंकज कुमार को एसडीएम और पुलिस की मौजूदगी में चेस्ट तोड़ने के निर्देश दिए हैं। इससे देखा जाए कि चेस्ट में कुछ पैसा है या नहीं। यदि चेस्ट में पैसा नहीं है तो राजस्व को काउंट कर विभागीय एफआईआर दर्ज कराई जाए।


जांच में पता चला है कि 54 लाख रुपये तो डेढ़ माह पुराने हैं, जबकि 30 लाख रुपये कैशियर वर्ष 2011 से दबाए बैठा है। जांच की जा रही है। जो भी अफसर-कर्मी दोषी होगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कैशियर की चेस्ट को पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में तोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। - एके सिंह, अधीक्षण अभियंता


 

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