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पुलिस बोली-पांच, पोस्टमार्टम में निकलीं छह गोलियां
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:35 AM IST
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पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस के दावे से उलट पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कुछ और ही कह रही है। पुलिस का कहना है कि सौरभ ने पांच गोलियां चलाईं, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छह गोलियां मिली हैं। नगर कोतवाली प्रभारी राजवर्धन गौड़ का दावा है कि सौरभ त्यागी के पास 50 राउंड थ्री नॉट थ्री कारतूस थे। उसने पांच राउंड फायर किए। जिसमें तीन गोली मनोज यादव और चंद्रपाल को लगी।
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मनोज यादव के हाथ में लगी एक गोली पार होते हुए चंद्रपाल के पेट में लगी। एक गोली मनवीर को लगी और एक गोली से सौरभ ने खुद को उड़ा लिया। मौका ए वारदात से 45 जिंदा कारतूस और पांच कारतूस के खोखे बरामद हुए। अब अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखें तो कोतवाली साहब की यह थ्योरी पूरी तरह गलत साबित हो रही है।
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एक बड़े स्वास्थ्य अफसर द्वारा बताई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, तीन गोली मनोज यादव को लगी। इसमें एक गोली उसकी छाती के नीचे लगी, एक गोली उसके पेड़ू में लगी और एक गोली उसके दांये हाथ में लगी। पुलिस जिस हाथ वाली गोली को पार होते हुए चंद्रपाल के पेट में लगना बता रही है, दरअसल वह गोली तो मनोज के हाथ में फंसी हुई थी।
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यदि यह गोली मनोज के हाथ में फंसी हुई थी तो फिर चंद्रपाल के कैसे लग गई। एक गोली मनवीर के लगी और एक गोली से सौरभ त्यागी को खुद को खत्म कर लिया। पुलिस की थ्योरी में पांच खाली कारतूस बरामद हुए हैं तो पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में यह छह हो रहे हैं। इस चश्मदीद सिपाही का दावा है कि करीब आधा से पौने घंटे तक खूनी खेल चलता रहा। सौरभ त्यागी ने पांच नहीं बल्कि 12 से 16 राउंड फायरिंग की।
पता चलते ही हापुड़ से लौटे कप्तान
पुलिस लाइन में खेला गया खूनी खेल कितना लंबा चला, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कप्तान अनीस अहमद अंसारी मेरठ जा रहे थे। घटना की सूचना उन्हें हापुड़ में मिली और वह हापुड़ से वापस बुलंदशहर पुलिस लाइन आ गए। उनके सामने सौरभ त्यागी जिंदा था। पुलिस अफसर उसे समझा रहे थे। चश्मदीदों के अनुसार, खुद एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने भी उसे समझाया, लेकिन सौरभ त्यागी ने जिल्लत की जिंदगी से मरना बेहतर समझा।
पुलिस अफसर-सीएमओ की गुफ्तगू
मनोज यादव के पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में जिस वक्त उसे सलामी दी जा रही थी तो पुलिस विभाग के दो बड़े अफसर सीएमओ दफ्तर पहुंचे। सूत्रों का दावा है कि इन दोनों पुलिस अफसरों और सीएमओ के बीच करीब आधा घंटे तक गुफ्तगू चली। जाहिर है कि यह गुफ्तगू पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर ही चली। अब ऐसा क्या था कि जो पुलिस के यह अफसर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बदलवाना चाहते थे।