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विवेचक सस्पेंड होने से अटकी जांच
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:14 PM IST
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- फोटो : demo
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सीबीआई को जांच ट्रांसफर होने की आशंका में पुलिस ने गैंगरेप के इस चर्चित मामले में कोई खास कार्रवाई नहीं की है। अब विवेचक आरके सिंह के सस्पेंड होने से भी जांच रुक गई है। इसके चलते बाद में जेल गए तीन आरोपियों की शिनाख्त परेड भी नहीं हो सकी। साथ ही पुलिस ने अभी तक रईस का रिमांड भी नहीं मांगा है।
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माना जा रहा है कि अब जांच को सीबीआई ही आगे बढ़ाएगी। 29 जुलाई को हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप की वारदात के बाद पुलिस ने एक अगस्त को रईस, शाबेज और जबर सिंह को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। तीनों आरोपियों के जेल जाने के बाद पुलिस ने कोर्ट से कई दिनों तक रिमांड नहीं मांगा।
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मीडिया में मामला आने के बाद हरकत में आई पुलिस ने रईस को छोड़कर शाबेज और जबर सिंह की रिमांड एप्लीकेशन कोर्ट में लगाई। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए दोनों को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने रईस का रिमांड नहीं मांगा।
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मामला सीबीआई में जाने की आशंका में पुलिस ने बाद में जेल गए तीनों आरोपियों की शिनाख्त परेड़ भी नहीं कराई। घटना के बाद तत्कालीन एसएसपी ने कोतवाली देहात के इंस्पेक्टर रामसेन सिंह को सस्पेंड कर दिया था। उसके बाद आईजी सुजीत पांडे ने शहर कोतवाल आरके सिंह को विवेचनाधिकारी बनाया था।
अफसरों ने अभी तक गैंगरेप मामले में विवेचक नियुक्त नहीं किया है। इस बारे में एसएसपी अनीस अहमद अंसारी का कहना है कि सीबीआई को विवेचना सौंपे जाने की जानकारी मिली है।
तीन आरोपियों की बढ़ी न्यायिक हिरासत
जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद शारिक और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट एवं पॉक्सो एक्ट न्यायाधीश ध्रुव कुमार तिवारी ने 12 अगस्त को रईस, शाबेज और जबर सिंह की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। अब तीनों को 26 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में जेल में रहना होगा।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई सुनवाई
जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद शारिक ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा शुरू होने के चलते शुक्रवार 12 अगस्त को तीनों आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए न्यायाधीश से मुखातिब हुए। न्यायाधीश ने न्यायिक हिरासत पर सुनवाई करते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी।
आखिर रईस के रिमांड से क्यों बच रही पुलिस?
सुतारी गांव निवासी रहीसुद्दीन उर्फ रईस के परिजन शुरू से ही उसे निर्दोष बता रहे हैं। परिजनों ने पुलिस पर उसे झूठा फंसाने का आरोप लगाया है। रईस के साथ जेल भेजे गए दो आरोपियों शाबेज और जबर सिंह को 72 घंटे की रिमांड पर लिया और समय पूरा होने के बाद जेल भेज दिया।
14 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने रईस को रिमांड पर नहीं लिया है। जब पुलिस को खबर लगी की जांच सीबीआई को मिलने जा रही है तो पुलिस ने अपने हथियार डाल दिए। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस रईस का रिमांड लेने से इसलिए बचती रही कि उसके परिजन पुलिस कार्यालय आकर हंगामा कर सकते हैं।