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हत्या में चार को उम्रकैद
अमर उजाला /बुलंदशहर
Updated Sat, 17 Dec 2016 11:30 PM IST
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चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास
- फोटो : ब्यूरो
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पांच साल पुराने हत्या के एक मामले में चार अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा चारों आरोपियों पर 60-60 हजार रुपये का कुल 2.40 लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड की आधी रकम 1.20 लाख रुपये पीड़ित परिजनों को देने के आदेश दिए गए हैं।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि थाना कोतवाली देहात के गांव सराय खेड़ा निवासी सतीश कुमार ने 12 मार्च 2011 को नई मंडी चौकी में अपने भाई रमेश चंद्र पुत्र हरी सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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अगले दिन सतीश ने फिर तहरीर दी कि उसे गांव के चंद्रभान पुत्र टुक्की सिंह और रामवीर पुत्र सम्मन सिंह ने बताया कि जब वह दोनों बुलंदशहर से गांव लौट रहे थे तो उन्होंने रमेश को गांव निवासी श्योराज पुत्र खड़क सिंह, कुंवरपाल पुत्र गोधा, गिरीश पुत्र प्रहलाद और प्रहलाद पुत्र मान सिंह के साथ गांव के मोड़ पर खड़े देखा था।
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पुलिस की जांच में पता चला कि श्योराज ने रमेश से टेंट का काम चलाने के लिए एक लाख रुपये उधार ले रखे थे। पुलिस ने श्योराज को गिरफ्तार किया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। श्योराज की निशानदेही पर गांव सराय छबीला के कब्रिस्तान में बने कुएं से मृतक रमेश का शव और उसकी साइकिल बरामद की गई।
शनिवार को मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम राजीव कुमार ने साक्ष्यों के आधार पर श्योराज, गिरीश, प्रहलाद और कुंवरपाल को रमेश का अपहरण करके हत्या करने और उसके शव को छिपाने का दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 60-60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड की सजा में से आधी रकम 1.20 लाख रुपये मृतक के परिजनों को अदा करने के निर्देश दिए गए हैं।