फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Gokshi will not let the villagers speak

ग्रामीण बोले-नहीं होने देंगे गोकशी

Fri, 31 Mar 2017 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 31 Mar 2017 12:51 AM IST
विज्ञापन
Gokshi will not let the villagers speak
क्राइम - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन

योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद बुचड़खानों और मीट की अवैध दुकानों पर रोक लगी है। ऐसे में गोकशी और पशु कटान से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है। वह चोरी छिपे गोकशी की घटनाओं को अंजाम देकर चुनौती देखे दिख रहे हैं। सीएम के कडे़ निर्देशों के बाद भी सुस्त-लापरवाह अफसरों के चलते गोकशी की घटना पर लगाम नहीं कस पा रही है।

खास बात है कि सपा सरकार के समय से गोकशों का नेटवर्क चल रहा है। जिसके चलते सुबह और रात के वक्त अरनिया क्षेत्र के कई गांवों में धड़ल्ले से गोकशी होती है। ग्रामीण बोले कि अब योगीराज में किसी हाल में गोकशी नहीं होने दी जाएगी। उन्होनें क्षेत्र में तेजतर्रार अफसरों को तैनात करने की मांग की है।
विज्ञापन


प्रदेश की कमान गोभक्त सीएम योगी आदित्यनाथ के आने के बाद भी प्रशासन गोकशी की घटनाओं पर लगाम कसने में नाकाम है। खास बात है कि सपा सरकार के समय गोकशों के नेटवर्क के चलते अरनिया क्षेत्र में धड़ल्ले से गोकशी की घटनाएं हो रही थीं। जिसमें कहीं ना कहीं कुछ प्रशासनिक मशीनरी भी शामिल थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अब योगी के कडे़ निर्देशों के बाद भी सुस्त-लापरवाह अफसर गोकशी की घटनाओं को रोक नहीं पा रहे है। ग्रामीण एकजुट होकर बोले कि योगी राज में अब गोकशी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सीएम से तेजतर्रार अफसरों को तैनात करने की अपील करते हुए गोकशों का नेटवर्क ध्वस्त करने की मांग की है।

गौरतलब है कि अरनिया क्षेत्र के बलराऊ, कमालपुर, लखनवाड़ा समेत कई गांवों में शाम ढलने और अल-सुबह धड़ल्ले से गोकशी की घटनाएं होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed