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समानांतर एक्सचेंज चला रहा था गैंग
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Fri, 17 Mar 2017 11:20 PM IST
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आरोपियों से बरामद टेलीकॉम।
- फोटो : ब्यूरो
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अनूपशहर और डिबाई के एसडीएम को फोन पर धमकी देने वाला गिरोह फर्जी आईडी पर सिमकार्ड लेकर समानांतर एक्सचेंज चला रहा था। गैंग का सरगना मुंबई में बताया जा रहा है। सरगना हर माह नए सदस्यों को गैंग से जोड़कर उन्हें पकड़े नहीं जाने की गारंटी देता था।
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पुलिस की अब तक की जांच में खुलासा होने के गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने के लिए एनआईए समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां एकजुट हो गई हैं। बता दें कि करीब 15 दिन पहले एसडीएम डिबाई और एसडीएम अनूपशहर को फोन पर धमकी दी गई थी।
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इस पर पुलिस ने 12 मार्च 2017 में भूड़ चौराहे से वसीम, नईम, मोहम्मद साजिद और समीर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपियों ने आजमगढ़ निवासी सरफुद्दीन पुत्र इमामुद्दीन से टेलीकॉम उपकरणों का खरीदना कबूल किया था।
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पुलिस की अब तक की जांच में जो खुलासा हुआ है कि आरोपी अन्य टेलीकॉम कंपनियों की तरह एक्सचेंज चला रहे थे। ये लोग एक माह के भीतर अपना स्थान बदल लेते थे। गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी से पहले गौतमबुद्धनगर के बिसरख में अड्डा बना रखा था।
अब खोड़ा से स्थान बदलने की फिराक में थे, लेकिन इससे पहले ही पकड़े गए। आरोपियों ने पुलिस को बताया है कि जिन लोगों ने उन्हें टेलीकॉम उपकरण बेचे हैं, उन्होंने कभी न पकड़े जाने की गारंटी दी थी।
100 से 150 एमबीपीएस की स्पीड पर कामकरता था मॉडम
एसपी देहात जगदीश शर्मा ने बताया कि मॉडम 100 से 150 एमबीपीएस स्पीड पर काम करता है। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों को मॉडम उपलब्ध कराने वाले ने विशेष तौर पर जानकारी दी थी। इससे कम स्पीड पर यह मॉडम काम नहीं करता है।
बिल्डिंग बनाने वाली नामी कंपनी में काम करते थे आरोपी
पुलिस को आगे की जांच में पता चला कि पकड़े गए चारों आरोपी दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा में बिल्डिंग बनाने वाली नामी कंपनी में भी काम करते थे। कंपनी में मजदूरी के साथ-साथ कमरे पर मॉडम लगाकर जल्द ही अमीर बनना चाहते थे।
पकड़े गए आरोपियों के पास से 50 से अधिक मोबाइल सिम बरामद हुए हैं। ये सिम आरोपियों ने फर्जी आईडी पर जारी करा रखे थे। अन्य आरोपियों को पुलिस तलाश कर रही है। - जगदीश शर्मा, एसपी देहात, बुलंदशहर