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बहू ने पिता और नाबालिग भाई के साथ की थी सास की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:13 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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दो सप्ताह पहले बीबीनगर थाना क्षेत्र के गांव लुधपुरा में हुई वृद्धा परसंदी देवी की हत्या के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से वारदात के वक्त मृतका से लूटे गए कुंडल और पाजेब बरामद किए हैं।
आरोपियों ने परसंदी देवी की हत्या इसलिए कर दी थी कि आरोपी उसपर तांत्रिक द्वारा अपने दो रिश्तेदार की हत्या कराने का शक करते थे। साथ ही मृतका अपने दोनों बेटों को प्रॉपर्टी बराबर-बराबर देना चाहती थी। इस फैसले से नाराज परसंदी की पुत्रवधू ने अपने भाई और पिता के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
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एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि छह नवंबर की सुबह मनीष ने थाना बीबीनगर पर एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें उसने बताया था कि पांच नवंबर की रात 9.30 बजे उसके घर में 3-4 अज्ञात बदमाशों द्वारा घर में घुसकर उसकी पत्नी सविता से सोने के कुंडल, चांदी की पाजेब लूट लिए थे।
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साथ ही मां परसंदी देवी की बलकटी से गला रेतकर हत्या कर दी थी। शक के आधार पर पुलिस ने जब मनीष की पत्नी सविता से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। सविता ने हत्या में अपने पिता और भाई को भी शामिल होना बताया। 12 नवंबर को पुलिस ने सविता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
तब से पुलिस सविता के नाबालिग भाई और पिता को तलाश कर रही थी। शुक्रवार सुबह पुलिस ने चिंगरावटी मोड़ से सविता के 14 वर्षीय भाई और पिता राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटे गए कुंडल और पाजेब बरामद हुए हैं।
सविता के पिता ने पूछताछ में बताया कि परसंदी देवी का एक 100 गज का प्लॉट नजफगढ़ (दिल्ली) में था। प्लाट उसने 80 लाख रुपये में बेच दिया था। उसी रुपये से बाबूगढ़ व बीबीनगर में अन्य प्रॉपर्टी खरीद ली थी। इसको वह अपने दोनों बेटों (मनीष व सोनू) को बराबर-बराबर देना चाहती थी।
परसंदी देवी का छोटा लड़का सोनू कम बुद्धि का था। वह अपने मामा के यहां रहता था। सविता नहीं चाहती थी कि प्रॉपर्टी दोनों भाइयों में बराबर बंटे। इसलिए उसने अपने भाई व पिता राजकुमार के साथ मिलकर अपनी सास परसंदी देवी की हत्या कर एवं फर्जी लूट करने की योजना बनाई।
राजकुमार ने बताया कि परसंदी देवी ने तांत्रिक द्वारा उसके दो रिश्तेदारों की हत्या कराई थी। अक्सर लड़ाई के दौरान परसंदी यह बात स्वीकार करती थी। जिसके चलते भी उसकी हत्या करनी पड़ी। पुलिस ने सविता के नाबालिग भाई को बाल बंदी गृह और राजकुमार को जिला कारागार भेज दिया है।