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खुले में वेस्ट बहा रहीं फैिक्ट्रयां बिगड़ रही लोगों की सेहत

Sun, 26 Feb 2017 11:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Sun, 26 Feb 2017 11:20 PM IST
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Faiktryan deteriorating health of the people in the West were open shed
नदी - फोटो : अमर उजाला

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औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री संचालकों की लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। फैक्ट्रियों का गंदा पानी नालों से होकर नदी और रजवाहों में भरा है। प्रदूषण के  चलते क्षेत्र में कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में है। ऐसा नहीं है कि लोगों ने प्रदूषण के खिलाफ आवाज नहीं उठाई लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों लचीले रवैये के चलते कभी कार्रवाई ही नहीं हो पाई।

बता दें कि सिकंदराबाद के औद्योगिक क्षेत्र में करीब 400 फैक्ट्रियां है। औद्योगिक क्षेत्र में संचालित अधिकांश अधिकांश फैक्ट्रियां नाले या खुले में अपना वेस्ट बहा रही हैं। औद्योगिक क्षेत्र से निकले वाला यह नाला निजामपुर, प्रानगढ़ को होते हुए सराय दुल्हा के करवर नदी में गिरता है।
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वहीं बहुत से फैक्ट्रियां बोरिंग के जरिए भूमि में गंदे पानी की खपत कर रही है। खुले में पानी बहाने, भूमि के अंदर गंदा पानी जाने से क्ष्क्षेत्र में जल, प्रदूषण बढी समस्या बन गया है। दूषित पानी पीने से लोग कैंसर, पीलिया आदि की चपेट में है।
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बिगड़ती सेहत से आक्रोशित लोगों ने कई बार प्रदूषण फैला रही फैक्ट्रियों के खिलाफ आवाज भी उठाई धरने प्रदर्शन किए लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के लचीले रवैये के चलते कभी कार्रवाई नहीं हो सकी।


कॉस्ट कटिंग के  फेर में ईटीपी बंद
दूषित पानी को साफ करने के लिए फैक्ट्रियों में लगाए अधिकांश इटीपी प्लांट काम नहीं कर रहे है। वहीं इटीपी प्लांट के चलने से बिजली की खपत से बढ़ने वाली लागत को कम करने के लिए ज्यादातर फैक्ट्रियों के इटीपी प्लांट अधिकांश समय बंद रहते हैऔर फैक्ट्रियां प्रदूषित पानी को ही सीधे नाले में बहा देती है।

प्रदूषण विभाग समय-समय पर फैक्ट्रियों ने निकलने वाले पानी की जांच करता है। विभाग हर बार ओके रिपोर्ट दे देता है। - कन्हई सिंह, एसडीएम
फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। यदि प्रदूषित पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। - हीरालाल सैनी, तहसीलदार

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