{"_id":"57ded7774f1c1b223aa82593","slug":"engineer-and-inspector-died-of-dengue","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से इंजीनियर और दरोगा की जान गई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डेंगू से इंजीनियर और दरोगा की जान गई
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 18 Sep 2016 11:35 PM IST
विज्ञापन
डेंगू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
वायरल, मलेरिया, चिकनगुनिया के बाद अब डेंगू के डंक से मौतें होने लगीं हैं। बीते दिन डेंगू से पिता-पुत्र की मौत के बाद रविवार को नगर में एक इंजीनियर और यूपी पुलिस के दरोगा की मौत हो गई, जबकि बुखार से दो महिलाओं समेत तीन लोगों ने दम तोड़ दिया। बुखार का प्रकोप बढ़ता देख स्वास्थ्य विभाग ने जांच शिविरों की संख्या दोगुनी कर दी है।
नगर के प्रीत विहार निवासी हरी गिरी बीएसएनएल में टेलीकॉम मैकेनिक पद पर तैनात हैं। हरी गिरी का बड़ा बेटा इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर अंशुल गिरी (20) को पिछले पांच-छह दिनों से बुखार था। उसका उपचार नगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। शनिवार को अंशुल की तबीयत अधिक खराब होने लगी तो उसे मेरठ ले जाया गया।
विज्ञापन
मेरठ में उपचार के दौरान अंशुल की मौत हो गई। अंशुल के पिता हरी गिरी ने बताया कि डॉक्टरों ने उनके बेटे की मौत का कारण डेंगू से होना बताया था। अंशुल दिल्ली की किसी कंपनी में जॉब कर रहा था।
विज्ञापन
वहीं नगर के शांति निकेतन निवासी हुकुम सिंह यूपी पुलिस में दारोगा के पद पर तैनात हैं। वह बागपत के बड़ौत में तैनात थे। हुकुम सिंह के बेटे आकाश ने बताया कि करीब पांच-छह दिन से उन्हें बुखार था।
उनका उपचार नगर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। आकाश ने बताया कि डॉक्टरों के अनुसार उनके पिता की मौत का कारण डेंगू बताया गया है।
इसके अलावा शिकारपुर क्षेत्र के गांव अहमदगढ़ निवासी दीप्ती देवी (50) पत्नी यशोधर शर्मा को भी पिछले सात-आठ दिन से तेज बुखार था।
दीप्ती का उपचार गांव के ही एक अपंजीकृत चिकित्सक के यहां चल रहा था। शनिवार को दीप्ती की तबीयत अचानक खराब हो गई और उसकी अचानक मौत हो गई। इसके अलावा खुर्जा में न्यू शिवपुरी निवासी सरोज (30) पत्नी टीटू पिछले एक सप्ताह से बुखार था। पहले तो परिजनों ने निजी चिकित्सकों से इलाज करवाया।
लेकिन हालत बिगड़ने पर चार दिन पूर्व उन्हें नगर के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान शनिवार रात को सरोज देवी ने दम तोड़ दिया। वहीं स्याना के घनसूरपुर गांव निवासी प्रदीप उर्फ बबलू उम्र 27 वर्ष को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। रविवार को जब उसकी हालत बिगड़ी तो परिजन लगभग 3.30 बजे उसे मेरठ ले गये।
बताया जाता है कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। तीन मौतों के बाद जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 85 पहुंच गया है।