{"_id":"579e43d74f1c1bda762b8ee5","slug":"dengue-death-of-farmer","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से किसान की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डेंगू से किसान की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
डैंगू
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वायरल बुखार, मलेरिया के बाद अब डेंगू का कहर चल रहा है। डेंगू से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक किशोर ने बुखार से दम तोड़ दिया। दो मौतों के बाद जनपद में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 17 पहुंच गया है। जिले में पहले ही वायरल बुखार और मलेरिया से हाहाकार मचा हुआ है, अब डेंगू के डंक ने लोगों को खौफजदा कर दिया है।
विज्ञापन
अनूपशहर क्षेत्र के गांव सलगवां निवासी रनवीर सिंह (47) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। रनवीर के बड़े भाई हरपाल सिंह ने बताया कि उसे अनूपशहर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां तबीयत में सुधार नहीं होने पर उसे दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे डेंगू घोषित कर उसे सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रविवार सुबह रनवीर सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं गांव में अभी सैकड़ों लोग बुखार की चपेट में बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, बुगरासी क्षेत्र के गांव किरयावली निवासी रूपचंद का 16 वर्षीय बेटा पवन कुमार बाहर रहकर मजदूरी करता है। पवन की मां की तवियत खराब चल रही है। पवन अपनी मां को देखने तथा त्योहार के चलते गांव में आया हुआ था। परिजनों ने बताया कि दो दिन से पवन को बुखार था।
विज्ञापन
पवन का कस्बे के एक प्राइवेट चिकित्सक के इलाज चल रहा था। पवन ने रविवार की सुबह चिकित्सक द्वारा दी गई दवा खाई थी। दवा खाने के कुछ देर बाद पवन की तबियत और ज्यादा खराब हो गई। पवन को तत्काल बुगरासी लाया गया, जहां पवन की मौत हो गई।
खानापूर्ति कर रहीं मेडिकल टीम
बुखार के लिए जनपद में तैनात की गई स्वास्थ्य विभाग की टीमें खानापूर्ति कर लौट रही हैं। जिले में हाहाकार मचा हुआ है। जिस गांव में बुखार से मौत हो रही है, वहां स्वास्थ्य टीमें पहुंच जरूर रही हैं, लेकिन दवाएं-उपचार की औपचारिकता पूरी कर जल्द से जल्द लौट जाती हैं। यही कारण है कि जानलेवा बुखार से बचने के लिए ग्रामीण निजी अस्पतालों की तरफ रुख कर रहे हैं।
गांवों में बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
बारिश के कारण नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। गांवों में तो गंदगी और जलभराव के कारण डेंगू और मलेरिया का लार्वा पनपने लगा है। प्रत्येक गांव में सैकड़ों ग्रामीण खाट पर पड़े हुए हैं। न तो गांव में साफ-सफाई हो रही है और न ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव आदि किया जा रहा है। शासन से आने वाली कीटनाशक दवाओं के बजट को एएनएम और प्रधान मिलकर डकार रहे हैं।
मऊ गांव में लगाया कैंप
अनूपशहर। एसडीएम के निर्देश पर पीएचसी तौली ने कोतवाली क्षेत्र के गांव मऊ में बुखार पीड़ितों के उपचार के लिए मेडिकल कैंप लगाकर दवाओं का वितरण किया गया । प्राइमरी स्कूल में लगे कैंप में 13 लोगों का ब्लड सैंपल लिया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने 130 बुखार पीड़ितों दवा दी ।