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खानपुर नरसंहार में नरेश को सजा-ए-मौत
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Tue, 31 May 2016 12:26 AM IST
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नरसंहार में दोषी
- फोटो : अमर उजाला
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खानपुर की मढ़ैया में हुए नरसंहार मामले में कोर्ट ने हत्या के दोषी को फांसी की सजा सुनाई है। दोषी ने भूमि विवाद में अपने ही खानदान के पांच लोगों को मार डाला था। एडीजे तृतीय राम नारायन ने चार दिन पहले इस मामले में सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने 36 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मोहम्मद शारिक व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि 12 मई 2013 को खानपुर मढ़ैया में वादिया के पति निहाल सिंह और उनके बेटे राहुल व राजा खेत पर काम कर रहे थे। सुबह वादिया का देवर नरेश पुत्र शीशपाल अपनी ट्रैैक्टर-ट्रॉली उनके खेत से होकर निकालने लगा।
वीरवती के पति और बेटों ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। नरेश पुत्र शीशपाल घर गया और अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर खेत पर पहुंचा। नरेश ने वादिया के पति निहाल सिंह, बेटा राहुल और राजा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह उनके घर आया और छोटे पुत्र बॉबी को भी गोली मार दी थी।
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बॉबी को बचाने के दौरान पड़ोसी अनीता पत्नी नेमपाल को भी गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी नरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 26 मई को एडीजे तृतीय राम नारायन ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी नरेश को दोषी करार दिया। लेकिन सजा पर सुनवाई के लिए 30 मई की तारीख मुकर्रर की थी।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मोहम्मद शारिक व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि 12 मई 2013 को खानपुर मढ़ैया में वादिया के पति निहाल सिंह और उनके बेटे राहुल व राजा खेत पर काम कर रहे थे। सुबह वादिया का देवर नरेश पुत्र शीशपाल अपनी ट्रैैक्टर-ट्रॉली उनके खेत से होकर निकालने लगा।
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वीरवती के पति और बेटों ने विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। नरेश पुत्र शीशपाल घर गया और अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर खेत पर पहुंचा। नरेश ने वादिया के पति निहाल सिंह, बेटा राहुल और राजा पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह उनके घर आया और छोटे पुत्र बॉबी को भी गोली मार दी थी।
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बॉबी को बचाने के दौरान पड़ोसी अनीता पत्नी नेमपाल को भी गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी नरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 26 मई को एडीजे तृतीय राम नारायन ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी नरेश को दोषी करार दिया। लेकिन सजा पर सुनवाई के लिए 30 मई की तारीख मुकर्रर की थी।