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अस्पताल में मौत, स्टाफ को दौड़ाकर पीटा

Mon, 06 Jun 2016 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर Updated Mon, 06 Jun 2016 10:30 PM IST
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Death in hospital , staff beaten
हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद सोमवार को विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

शिकारपुर बाइपास पर हेरिटेज हॉस्पिटल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर स्टाफ को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। बाद में परिजन बिना कार्रवाई के ही शव लेकर चले गए।

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अस्पताल संचालक ने पीड़ित परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। नई मंडी चौकी क्षेत्र के भाईपुरा गांव निवासी हामिद अली ने अपनी पत्नी हजरा (38) को हेरीटेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। हामिद अली ने पुलिस को बताया कि हजरा आठ बच्चों की मां थी। उसकी पित की थैली में पथरी थी।
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हामिद के रिश्तेदार कादिर ने बताया कि दर्द होने पर 3 जून को हजरा को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसकी ऑपरेशन कराने की बात कही। शुक्रवार को डॉक्टर ने पथरी का ऑपरेशन कर दिया। आरोप है कि हजरा के इलाज में चिकित्सकों ने लापरवाही बरती और पथरी के साथ हर्निया का भी ऑपरेशन कर दिया।
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आरोप है कि हजरा की तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सक ने उसे इंजेक्शन लगा दिया, जिससे हजरा कुछ देर के लिए सो गई, लेकिन उसे आराम नहीं मिला। पूछताछ करने चिकित्सकों ने रेफर करने की बजाए उन्हें गुमराह करते रहे।

सोमवार सुबह करीब 10 बजे हजरा ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना पर भाईपुरा से लोग हॉस्पिटल पर पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ कर स्टाफ को जमकर पीटा। इस दौरान तीरमदारों ने चिकित्सकों से भी हाथापाई की।

शुक्रवार दोपहर महिला मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने लिखित में दो ऑपरेशन करने की अनुमति दी थी। सोमवार सुबह हार्टअटैक पड़ने से हजरा की मौत हो गई। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। परिजनों ने ही अस्पताल की सुनीता, योगेंद्र समेत चार कर्मियों से मारपीट व तोड़फोड़ की। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।डॉ. संजीव यादव-हेरीटेज अस्पताल, संचालक


महिला की मौत के बाद तीमारदारों द्वारा अस्पताल में हंगामा करने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। परिजनों ने लिखित में कोई शिकायत पुलिस को नहीं दी है। मामला शांत होने के बाद परिजन शव को अपने साथ ले गए। आरके सिंह-नगर कोतवाल

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