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किसानों से धोखा, डीएपी और जिंक के नमूने फेल
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
Updated Sat, 27 Aug 2016 10:46 PM IST
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खेती
- फोटो : ब्यूरो
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एग्रीकल्चर खाद बनाने वाली नामचीन कंपनियां मानक की आड़ में किसानों से छल कर रही हैं। प्रयोगशाला की हालिया जांच रिपोर्ट में जिंक एवं डीएपी में पोषक तत्वों की मात्रा मानक से कम पाई गई है। डीडी कृषि ने संबंधित स्टॉक नंबरों की खाद बिक्री पर रोक लगा दी है।डीडी कृषि एलबी यादव ने बताया कि 14 जुलाई को डीएम के आदेश पर योगेश कुमार एंड धीरज कुमार जहांगीराबाद की दुकान से जिंक का नमूना लिया गया था।
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नियम के मुताबिक जिंक में मोनो जिंक की मात्रा 33 फीसदी होनी चाहिए। जांच में मोनो जिंक की मात्रा 31.2 फीसदी पाई गई है। भूमि कृषि सेवा केंद्र जहांगीराबाद से लिए गए जिंक के नमूने में मोनो जिंक महज 27 प्रतिशत पाई गई है। जिंक का एक नमूना दयाल फर्टिलाइजर्स कंपनी का था और दूसरा नमूना छत्रपति बालाजी फर्टिलाइजर्स कंपनी का था।
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पहासू में सिंह खाद भंडार से लिए गए डीएपी (डाई) के नमूने में फास्फेट की मात्रा 44.4 प्रतिशत निकली। मानक के हिसाब से डीएपी में फास्फेट तत्व की मात्रा 46 प्रतिशत होना जरुरी है। डीडी कृषि एलबी यादव ने बताया कि नमूना फेल होने पर खाद के संबंधित बैच के स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
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