{"_id":"830a4cac014c6954cc7d0f72040bd6da","slug":"after-the-child-s-death-protest-police-orgy-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चे की मौत के विरोध के बाद पुलिसिया तांडव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बच्चे की मौत के विरोध के बाद पुलिसिया तांडव
अमर उजाला, शिकारपुर
Updated Thu, 19 Nov 2015 11:11 PM IST
विज्ञापन
िशकारपुर से गांव मानपुर की आेर जाने वाली कच्ची सड़क पर पुलिया के पास हुए विस्फोट में बच्चे की मौत पर बवाल के बाद गुस्साई पुलिस ने बीती रात लोगों के घरों में घुसकर जमकर उत्पात मचाया।
दरवाजे तोड़ दिए और खाना बना रही महिलाओं से अभद्रता की। कई घरों से महिला-पुरुष को थाने उठा लाए जिसके चलते उनके घरों में बच्चे और बूढ़े भूखे रह गए।
लक्ष्मी, सविता, राजवति, सरोज, रजनी ने बताया कि गली में अचानक शोर मचने लगा। वह घर में परिजनों के लिए खाना बना रही थीं। तभी जोर-जोर से दरवाजा पीटने की आवाज आई।
जैसे ही दरवाजा खोलने जा रहे थे तो पुलिसकर्मी दरवाजे तोड़कर अंदर घुस आए। उन्होंने खाना बनाने के सामान को फेंक दिया। साथ ही अभद्रता करते हुए जमकर उत्पात मचाया।
विज्ञापन
बच्चे अर्जुन, मनीष, खुशबू ने बताया कि पुलिस के उत्पात के चलते उन्हें रातभर खाना नहीं मिला। पुलिस माता-पिता को पकड़कर ले गई। उन्हें पूछताछ के बाद गुरुवार दोपहर छोड़ा गया। लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने सात रबर बुलेट व आंसू गैस के पांच गोले छोड़े थे
सीओ खुर्जा आरएल निरंजन ने बताया कि बेकाबू हुई भीड़ को काबू में करने के लिए पांच आंसू गैस के गोले और सात रबर बुलट छोड़ीं गईं। पथराव में उनके पैर में भी चोट आई।
इसके अलावा एसओ अहमदगढ़ का जीप ड्राइवर सतवीर घायल हुआ है। पथराव से एडीएम की कार का शीशा भी टूटा था और एक होमगार्ड राजकुमार भी चोटिल हो गया था।
इनके खिलाफ एफआईआर
शिवम पुत्र चंद्रपाल, राजकुमार पुत्र प्रह्लाद, सूरज पुत्र चंद्र, रिंकू पुत्र कालीचरन, सोनू पुत्र रमेश, धर्मपाल पुत्र जीत सिंह, जयप्रकाश पुत्र विजयपाल, संजू पुत्र बनारसीदास, मूलचंद पुत्र कंछी, भीम पुत्र मंजू, राजू पुत्र सुंदर लाल, भोला पुत्र सुम्बेरा, सिद्धार्थ पुत्र लोकेश, दीपू पुत्र श्यामलाल, नेत्रपाल पुत्र विजयपाल, हरिओम पुत्र अशोक, अनूप पुत्र चंपत, शिवा सिंह पुत्र चंपत, विकास मेडिकल स्टोर संचालक यतेंद्र चौधरी और सौरभ पुत्र बिन्ना के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। जबकि 125 अज्ञात हैं।
चारों घायलों का चल रहा है इलाज
विस्फोट में घायल हुए अरुण पुत्र रमेश और पिंटू पुत्र सुरेंद्र का बुलंदशहर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। गंभीर रूप से घायल विवेक (12) पुत्र उत्तम का मेरठ के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वहीं मोहल्ला पैंठ निवासी मुकेश(11) पुत्र खेमपाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
इकलौता बेटा था नितिन
माता-पिता से बकरी चराने की बात कहकर घर से निकला नितिन फिर कभी जीवित नहीं लौटेगा। इसका किसी को यकीन नहीं था। एक विस्फोट से पलक झपकते ही घर का चिराग बुझ गया।
नितिन की मौत के बाद उसके मां-बाप बड़ी बहन दुर्गेश(16) का रो-रोकर बुरा हाल है। नितिन के दादा सुंदर सिंह ने बताया कि बड़ी बहन दुर्गेश के बाद नितिन अपने मां-बाप की इकलौती संतान था।
वह ओमवती पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। नितिन के पिता के नाम ढाई बीघा जमीन है। वह ठेके पर जमीन लेकर खेतीबाड़ी करता है।
वीडियोग्राफी से पहचाने जा रहे बवाली
बुलंदशहर। शिकारपुर में विस्फोट में नितिन की मौत के बाद हुए बवाल में शामिल लोगों की पहचान वीडियो रिकार्डिंग के जरिए की जा रही है।
यह वीडियो रिकार्डिंग बवाल के दौरान पुलिस ने कराई थी। बवाल में पुलिस ने 20 लोगोें को नामजद करते हुए 125 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की है।
बवाल में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि तीस से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं एसएसपी ने देर रात तक फोर्स के साथ कस्बे में मार्च किया।
बृहस्पतिवार को बवाल की आशंका के चलते बाजार में करीब आधी दुकानें ही खुलीं। एसएसपी अनंत देव ने बताया किया बुधवार शाम हुए विस्फोट में नितिन की मौत के बाद परिजनों ने मुआवजे के लिए जहांगीराबाद चुंगी पर जाम लगाया था।
एसडीएम शिकारपुर के आश्वासन पर लोग शांत हुए लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया। इस पर पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। लोगों ने छतों पर चढ़कर पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। तीस से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया जिनमें से कुछ लोगों को जांच के बाद छोड़ दिया गया।
उन्होंने बताया कि शिवम पुत्र चंद्रपाल, राजकुमार पुत्र प्रह्ललाद, सूरज पुत्र चंद्र, रिंकू पुत्र कालीचरन, सोनू पुत्र रमेश, धर्मपाल पुत्र जीत सिंह, जयप्रकाश पुत्र विजयपाल, संजू पुत्र बनारसीदास, मूलचंद और भीम सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
दरोगा के डंडे ने भड़काया गुस्सा
विस्फोट में नितिन की मौत के बाद हुआ बवाल शिकारपुर कोतवाली में तैनात एक दरोगा की नासमझी के चलते हुआ। दरोगा ने विरोध करने वाले एक युवक को धक्का दे दिया और उसके बाद उसे डंडा मार दिया।
डंडा लगते ही भीड़ बेकाबू हो गई। गुस्साई भीड़ ने पुलिस और राहगीरों पर पथराव किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एसडीएम शिकारपुर ने जाम लगा रहे लोगों से कहा कि नियम के तहत पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
एसडीएम के आश्वासन पर लोगों ने जाम खोलना शुरू कर दिया था। अचानक भीड़ में खड़े एक दरोगा ने एक युवक को धक्का दे दिया।
युवक एक अन्य पुलिसकर्मी के ऊपर जाकर गिरा। इस पर पुलिसकर्मी की युवक से हॉट-टॉक हुई। इसे देखकर दरोगा ने युवक को लाठी मार दी। िजस पर भीड़ ने उग्र रूप धारण कर लिया।
इसके बाद जो हुआ उसे काबू करने में कप्तान के भी पसीने छूट गए।
विज्ञापन
दरवाजे तोड़ दिए और खाना बना रही महिलाओं से अभद्रता की। कई घरों से महिला-पुरुष को थाने उठा लाए जिसके चलते उनके घरों में बच्चे और बूढ़े भूखे रह गए।
लक्ष्मी, सविता, राजवति, सरोज, रजनी ने बताया कि गली में अचानक शोर मचने लगा। वह घर में परिजनों के लिए खाना बना रही थीं। तभी जोर-जोर से दरवाजा पीटने की आवाज आई।
विज्ञापन
जैसे ही दरवाजा खोलने जा रहे थे तो पुलिसकर्मी दरवाजे तोड़कर अंदर घुस आए। उन्होंने खाना बनाने के सामान को फेंक दिया। साथ ही अभद्रता करते हुए जमकर उत्पात मचाया।
विज्ञापन
बच्चे अर्जुन, मनीष, खुशबू ने बताया कि पुलिस के उत्पात के चलते उन्हें रातभर खाना नहीं मिला। पुलिस माता-पिता को पकड़कर ले गई। उन्हें पूछताछ के बाद गुरुवार दोपहर छोड़ा गया। लोगों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने सात रबर बुलेट व आंसू गैस के पांच गोले छोड़े थे
सीओ खुर्जा आरएल निरंजन ने बताया कि बेकाबू हुई भीड़ को काबू में करने के लिए पांच आंसू गैस के गोले और सात रबर बुलट छोड़ीं गईं। पथराव में उनके पैर में भी चोट आई।
इसके अलावा एसओ अहमदगढ़ का जीप ड्राइवर सतवीर घायल हुआ है। पथराव से एडीएम की कार का शीशा भी टूटा था और एक होमगार्ड राजकुमार भी चोटिल हो गया था।
इनके खिलाफ एफआईआर
शिवम पुत्र चंद्रपाल, राजकुमार पुत्र प्रह्लाद, सूरज पुत्र चंद्र, रिंकू पुत्र कालीचरन, सोनू पुत्र रमेश, धर्मपाल पुत्र जीत सिंह, जयप्रकाश पुत्र विजयपाल, संजू पुत्र बनारसीदास, मूलचंद पुत्र कंछी, भीम पुत्र मंजू, राजू पुत्र सुंदर लाल, भोला पुत्र सुम्बेरा, सिद्धार्थ पुत्र लोकेश, दीपू पुत्र श्यामलाल, नेत्रपाल पुत्र विजयपाल, हरिओम पुत्र अशोक, अनूप पुत्र चंपत, शिवा सिंह पुत्र चंपत, विकास मेडिकल स्टोर संचालक यतेंद्र चौधरी और सौरभ पुत्र बिन्ना के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। जबकि 125 अज्ञात हैं।
चारों घायलों का चल रहा है इलाज
विस्फोट में घायल हुए अरुण पुत्र रमेश और पिंटू पुत्र सुरेंद्र का बुलंदशहर जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। गंभीर रूप से घायल विवेक (12) पुत्र उत्तम का मेरठ के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वहीं मोहल्ला पैंठ निवासी मुकेश(11) पुत्र खेमपाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
इकलौता बेटा था नितिन
माता-पिता से बकरी चराने की बात कहकर घर से निकला नितिन फिर कभी जीवित नहीं लौटेगा। इसका किसी को यकीन नहीं था। एक विस्फोट से पलक झपकते ही घर का चिराग बुझ गया।
नितिन की मौत के बाद उसके मां-बाप बड़ी बहन दुर्गेश(16) का रो-रोकर बुरा हाल है। नितिन के दादा सुंदर सिंह ने बताया कि बड़ी बहन दुर्गेश के बाद नितिन अपने मां-बाप की इकलौती संतान था।
वह ओमवती पब्लिक स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ता था। नितिन के पिता के नाम ढाई बीघा जमीन है। वह ठेके पर जमीन लेकर खेतीबाड़ी करता है।
वीडियोग्राफी से पहचाने जा रहे बवाली
बुलंदशहर। शिकारपुर में विस्फोट में नितिन की मौत के बाद हुए बवाल में शामिल लोगों की पहचान वीडियो रिकार्डिंग के जरिए की जा रही है।
यह वीडियो रिकार्डिंग बवाल के दौरान पुलिस ने कराई थी। बवाल में पुलिस ने 20 लोगोें को नामजद करते हुए 125 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज की है।
बवाल में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि तीस से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं एसएसपी ने देर रात तक फोर्स के साथ कस्बे में मार्च किया।
बृहस्पतिवार को बवाल की आशंका के चलते बाजार में करीब आधी दुकानें ही खुलीं। एसएसपी अनंत देव ने बताया किया बुधवार शाम हुए विस्फोट में नितिन की मौत के बाद परिजनों ने मुआवजे के लिए जहांगीराबाद चुंगी पर जाम लगाया था।
एसडीएम शिकारपुर के आश्वासन पर लोग शांत हुए लेकिन कुछ शरारती तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया। इस पर पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। लोगों ने छतों पर चढ़कर पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। तीस से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया जिनमें से कुछ लोगों को जांच के बाद छोड़ दिया गया।
उन्होंने बताया कि शिवम पुत्र चंद्रपाल, राजकुमार पुत्र प्रह्ललाद, सूरज पुत्र चंद्र, रिंकू पुत्र कालीचरन, सोनू पुत्र रमेश, धर्मपाल पुत्र जीत सिंह, जयप्रकाश पुत्र विजयपाल, संजू पुत्र बनारसीदास, मूलचंद और भीम सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
दरोगा के डंडे ने भड़काया गुस्सा
विस्फोट में नितिन की मौत के बाद हुआ बवाल शिकारपुर कोतवाली में तैनात एक दरोगा की नासमझी के चलते हुआ। दरोगा ने विरोध करने वाले एक युवक को धक्का दे दिया और उसके बाद उसे डंडा मार दिया।
डंडा लगते ही भीड़ बेकाबू हो गई। गुस्साई भीड़ ने पुलिस और राहगीरों पर पथराव किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एसडीएम शिकारपुर ने जाम लगा रहे लोगों से कहा कि नियम के तहत पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
एसडीएम के आश्वासन पर लोगों ने जाम खोलना शुरू कर दिया था। अचानक भीड़ में खड़े एक दरोगा ने एक युवक को धक्का दे दिया।
युवक एक अन्य पुलिसकर्मी के ऊपर जाकर गिरा। इस पर पुलिसकर्मी की युवक से हॉट-टॉक हुई। इसे देखकर दरोगा ने युवक को लाठी मार दी। िजस पर भीड़ ने उग्र रूप धारण कर लिया।
इसके बाद जो हुआ उसे काबू करने में कप्तान के भी पसीने छूट गए।