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लाला हत्याकांड: तीन हत्यारोपी दोषी करार, आजीवन कारावास और अर्थदंड
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लाला हत्याकांड: तीन हत्यारोपी दोषी करार, आजीवन कारावास और अर्थदंड
बुलंदशहर। खुर्जा नगर निवासी युवक लाला की मार्च 2007 में खेत पर पानी लगाते समय हत्या कर दी गई थी। मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय/ विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट विष्णु कुमार शर्मा के न्यायालय ने तीन हत्यारोपियों को दोषी करार दिया है। जिन्हें न्यायालय ने आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाया है।
विशेष लोक अभियोजन एससी-एसटी सुबोध शर्मा व एडीजीसी सुरेंद्र पाल सिंह चौहान ने बताया कि वादी सत्यवीर सिंह ने 27 मार्च 2007 को थाना खुर्जा नगर में तहरीर देकर अपने भाई लाला की हत्या का मामला दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि दोपहर दो बजे उसका भाई लाला खेत पर पानी लगाने गया था। वादी का भतीजा रवि कुमार पुत्र कालीचरन लाला के लिए खाना लेकर खेत पर गया था। इस दौरान लाला खेत पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। खेत से आरोपी किशनलाल, जुगेंद्र, राजकुमार व नीटू निवासी मदनपुर भाग रहे थे। आरोपियों ने वादी के भतीजे को गवाही देने पर हत्या की धमकी दी थी। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। मामला न्यायालय में विचारण के दौरान ही पूर्व में आरोपी किशन लाल की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों व अधिवक्ताओं के बीच बहस सुनने के बाद आरोपी जुगेंद्र, राजकुमार व नीटू को हत्या का दोषी माना है। तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थंदंड की सजा सुनाई गई है।
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बुलंदशहर। खुर्जा नगर निवासी युवक लाला की मार्च 2007 में खेत पर पानी लगाते समय हत्या कर दी गई थी। मामले में सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय/ विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट विष्णु कुमार शर्मा के न्यायालय ने तीन हत्यारोपियों को दोषी करार दिया है। जिन्हें न्यायालय ने आजीवन कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाया है।
विशेष लोक अभियोजन एससी-एसटी सुबोध शर्मा व एडीजीसी सुरेंद्र पाल सिंह चौहान ने बताया कि वादी सत्यवीर सिंह ने 27 मार्च 2007 को थाना खुर्जा नगर में तहरीर देकर अपने भाई लाला की हत्या का मामला दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि दोपहर दो बजे उसका भाई लाला खेत पर पानी लगाने गया था। वादी का भतीजा रवि कुमार पुत्र कालीचरन लाला के लिए खाना लेकर खेत पर गया था। इस दौरान लाला खेत पर मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। खेत से आरोपी किशनलाल, जुगेंद्र, राजकुमार व नीटू निवासी मदनपुर भाग रहे थे। आरोपियों ने वादी के भतीजे को गवाही देने पर हत्या की धमकी दी थी। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। मामला न्यायालय में विचारण के दौरान ही पूर्व में आरोपी किशन लाल की मृत्यु हो चुकी है। वहीं, न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों व अधिवक्ताओं के बीच बहस सुनने के बाद आरोपी जुगेंद्र, राजकुमार व नीटू को हत्या का दोषी माना है। तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थंदंड की सजा सुनाई गई है।
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