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700 गोलियां निगलकर बैरक में पहुंचा बंदी
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
Updated Thu, 22 Jun 2017 12:34 AM IST
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700 bananas seized from barracks
- फोटो : अमर उजाला
हत्या के मामले में न्यायालय में पेशी के लिए आए बंदी ने 14 पैकेट में करीब 700 नशे की गोलियां निगल लीं और बैरक में पहुंच गया। जेलर ने सिकंदराबाद कोतवाली में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई है।जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह ने बताया कि नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देवीपुरा निवासी देवेंद्र 2014 से हत्या के मामले में जिला कारागार में बंद है।
मंगलवार 20 जून की दोपहर वह न्यायालय में पेशी पर गया था। इसकी जिम्मेदारी एचसीपी राजकुमार और अन्य पुलिसकर्मियों पर थी। पेशी से लौटकर देवेंद्र जिला कारागार में बैरक में पहुंच गया। इसी बीच जेल अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली कि देवेंद्र बाहर से नशीली गोलियां निगलकर अंदर आया है।
फौरन ही देवेंद्र को बुलाया तो उसके पास से नशे की गोलियों का एक पैकेट मिला। उसे फौरन जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने देवेंद्र से उल्टी कराईं तो पेट से 14 पैकेट गोलियां निकलीं। प्रत्येक पैकेट में करीब 50 गोलियां थीं। देवेंद्र ने जेल प्रशासन को बताया कि ईद आने वाली है।
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इसलिए जेल में बंद कुछ बंदियों ने उससे यह गोलियां मंगवाई थीं। जेलर कुलदीप भदौरिया ने बताया कि सिकंदराबाद कोतवाली में तहरीर देकर देवेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कार्रवाई में कई झोल-जेल अधिकारियों ने भले ही देवेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी हो, लेकिन इसमें कई झोल हैं।
देवेंद्र के पेट से निकलवाई गई गोलियों को जेल प्रशासन नशे की बता रहा है, जबकि इनका सैंपल नहीं कराया गया है। नियमानुसार इन गोलियों की जांच के लिए सीएमओ और सिटी मजिस्ट्रेट को आदेश करने होते हैं। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर सैंपल लेकर जांच को भेजता है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही गोलियों का असली केमिकल साल्ट पता किया जा सकता है।
जेल अधिकारी मनमाने तरीके से इनको नशे की गोलियां सिद्ध नहीं कर सकते हैं। इससे इतर जेलर कुलदीप भदौरिया का कहना है कि हमको जानकारी है कि ये गोलियां नशे की ही हैं। किसी जांच की जरुरत नहीं समझी है।
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मंगलवार 20 जून की दोपहर वह न्यायालय में पेशी पर गया था। इसकी जिम्मेदारी एचसीपी राजकुमार और अन्य पुलिसकर्मियों पर थी। पेशी से लौटकर देवेंद्र जिला कारागार में बैरक में पहुंच गया। इसी बीच जेल अधिकारियों को खुफिया जानकारी मिली कि देवेंद्र बाहर से नशीली गोलियां निगलकर अंदर आया है।
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फौरन ही देवेंद्र को बुलाया तो उसके पास से नशे की गोलियों का एक पैकेट मिला। उसे फौरन जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टरों ने देवेंद्र से उल्टी कराईं तो पेट से 14 पैकेट गोलियां निकलीं। प्रत्येक पैकेट में करीब 50 गोलियां थीं। देवेंद्र ने जेल प्रशासन को बताया कि ईद आने वाली है।
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इसलिए जेल में बंद कुछ बंदियों ने उससे यह गोलियां मंगवाई थीं। जेलर कुलदीप भदौरिया ने बताया कि सिकंदराबाद कोतवाली में तहरीर देकर देवेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। कार्रवाई में कई झोल-जेल अधिकारियों ने भले ही देवेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी हो, लेकिन इसमें कई झोल हैं।
देवेंद्र के पेट से निकलवाई गई गोलियों को जेल प्रशासन नशे की बता रहा है, जबकि इनका सैंपल नहीं कराया गया है। नियमानुसार इन गोलियों की जांच के लिए सीएमओ और सिटी मजिस्ट्रेट को आदेश करने होते हैं। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर सैंपल लेकर जांच को भेजता है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही गोलियों का असली केमिकल साल्ट पता किया जा सकता है।
जेल अधिकारी मनमाने तरीके से इनको नशे की गोलियां सिद्ध नहीं कर सकते हैं। इससे इतर जेलर कुलदीप भदौरिया का कहना है कि हमको जानकारी है कि ये गोलियां नशे की ही हैं। किसी जांच की जरुरत नहीं समझी है।