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अपहरण के बाद मासूम की हत्या में एक को आजीवन कारावास
Updated Tue, 15 May 2018 11:08 PM IST
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अपहरण के बाद मासूम की हत्या में एक को आजीवन कारावास
- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा, 22 हजार का अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा।
अपहरण के बाद फिरौती न देने पर मासूम की हत्या के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 22 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता इमामुद्दीन ने बताया कि छतारी क्षेत्र के गांव बरखेड़ा निवासी रेशम पाल अलीगढ़ में मजदूरी करता है। अलीगढ़ में उसकी मुलाकात अरुण जाटव निवासी जवां क्षेत्र से हुई। उसने रेशम पाल के साथ कुछ दिन मजदूरी की। 15 जून 2016 को अपनी घरेलू परेशानी बताते हुए अरुण रेशम पाल के साथ उसके गांव बरखेड़ा आ गया। रेशम पाल के मुताबिक 16 जून 2016 की सुबह वह और उसकी पत्नी खेतों पर काम करने गए हुए थे। आरोप है कि तभी अरुण ने सुबह 9:30 बजे रेशम पाल के चार माह के बटे अमन को अगवा कर लिया और घर पर रखा मोबाइल भी अपने साथ ले गया। रेशम पाल की माने तो गांव निवासी खेमपाल सिंह और उमेश कुमार ने बच्चे को आरोपी अरुण साथ जाते हुए देखा था। मासूम के लापता होने पर पीड़ित रेशम पाल ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 16 जून की शाम करीब तीन बजे उसे फिरौती का फोन आया। फोन पर बच्चा लेने की एवज में पांच लाख रुपये देने की मांग की गई। साथ ही पुलिस को सूचना देने पर मासूम को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। मामले में 17 जून को पुलिस ने रेशम पाल की सूचना पर आरोपी अरुण को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी अरुण ने मासूम अमन की हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मासूम अमन के शव जंगल से बरामद कर लिया। इस प्रकरण में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनते हुए आरोपी अरुण जाटव को आजीवन कारावास और 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा, 22 हजार का अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा।
अपहरण के बाद फिरौती न देने पर मासूम की हत्या के मामले में कोर्ट ने मंगलवार को आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर 22 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर उसे छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता इमामुद्दीन ने बताया कि छतारी क्षेत्र के गांव बरखेड़ा निवासी रेशम पाल अलीगढ़ में मजदूरी करता है। अलीगढ़ में उसकी मुलाकात अरुण जाटव निवासी जवां क्षेत्र से हुई। उसने रेशम पाल के साथ कुछ दिन मजदूरी की। 15 जून 2016 को अपनी घरेलू परेशानी बताते हुए अरुण रेशम पाल के साथ उसके गांव बरखेड़ा आ गया। रेशम पाल के मुताबिक 16 जून 2016 की सुबह वह और उसकी पत्नी खेतों पर काम करने गए हुए थे। आरोप है कि तभी अरुण ने सुबह 9:30 बजे रेशम पाल के चार माह के बटे अमन को अगवा कर लिया और घर पर रखा मोबाइल भी अपने साथ ले गया। रेशम पाल की माने तो गांव निवासी खेमपाल सिंह और उमेश कुमार ने बच्चे को आरोपी अरुण साथ जाते हुए देखा था। मासूम के लापता होने पर पीड़ित रेशम पाल ने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। 16 जून की शाम करीब तीन बजे उसे फिरौती का फोन आया। फोन पर बच्चा लेने की एवज में पांच लाख रुपये देने की मांग की गई। साथ ही पुलिस को सूचना देने पर मासूम को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी। मामले में 17 जून को पुलिस ने रेशम पाल की सूचना पर आरोपी अरुण को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी अरुण ने मासूम अमन की हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मासूम अमन के शव जंगल से बरामद कर लिया। इस प्रकरण में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योत्सना सिंह ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनते हुए आरोपी अरुण जाटव को आजीवन कारावास और 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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