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इनको तो खाने-पीने की लत ने बना दिया बलवाई

Fri, 07 Dec 2018 11:54 PM IST
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:54 PM IST
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यारी-दोस्ती निभाने के फेर में बन गए बलवाई
- महाब गांव के युवकों को साथ लेकर जीतू अक्सर करता था पार्टी
- जीतू के इशारे पर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े थे गांव के युवा
- गांव में 20 दिन पहले आया था छुट्टी पर, घटना वाले दिन छुट्टी हो रही थी समाप्त
राहुल सक्सेना
बुलंदशहर। महाब गांव से उठी बलवे की आग ने कई युवाओं को बलवाई बना दिया। आरोपी युवाओं में अधिकतर युवा जीतू से प्रभावित थे। फौजी छुट्टी पर आने के बाद कुछ युवाओं को अपने साथ रखता था। जब तक वह गांव में छुट्टी पर रहता था युवाओं की एक टोली उसके पीछे रहती थी। क्योंकि वह सभी को खिलाता-पिलाता था। उसके इशारे पर युवा कुछ भी करने को तैयार हो जाते थे। बलवे के दौरान ही युवाओं की एक टोली उसके इशारे पर चिंगरावठी चौकी तक पहुंच गई थी।
सोमवार को महाब गांव में कथित गो कटान को लेकर लगी चिंगारी ने पूरे देश को हिला दिया है। इस बलवे में इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार सिंह समेत युवक सुमित की जान चली गई। मामले में रोज नई-नई चीजें निकलकर सामने आ रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार बलवे का आरोपी महाब निवासी जीतू फौजी 20 दिन पूर्व छुट्टी लेकर गांव आया था। सोमवार को जिस दिन कथित गो कटान की सूचना मिली, उस दिन उसे डयूटी पर जम्मू कश्मीर वापस पहुंचना था। सुबह से गांव के अंदर गो कटान को लेकर रोष पनप जाता है। जीतू अपने साथियों के साथ गांव में एक मोहल्ले में खड़ा होता है। जैसे ही कथित गोवंशों को चिंगरावठी चौकी ले जाने की बात होती है, तो जीतू भी अपने करीब एक दर्जन साथियों को इशारा करता है। ग्रामीणों के अनुसार युवा उसके इशारे पर चिंगरावठी चौकी के लिए रवाना हो जाते हैं। पुलिस के द्वारा गो तस्करों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर हंगामा बढ़ जाता है। कुछ ही देर में पथराव और फायरिंग शुरू हो जाती है। सूत्रों का कहना है कि किसी को यह पता नहीं था कि इतना बड़ा मामला हो जाएगा। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जीतू फौजी के साथ रहने वाले कुछ युवक नशे की लत के कारण बलवाई और आरोपी बन गए। इनमें से कई युवक ऐसे हैं, जो कहीं न कहीं काम करते हैं, सब्जी बेचते हैं या पढ़ाई करते हैं। उनका किसी भी घटना से कोई लेना देना नहीं रहा है। यदि जीतू उन युवकों को नहीं खिलाता-पिलाता तो वह उसके इशारे पर शायद घटना पर नहीं जाते और न ही वह आरोपी बनते।
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जानकर भी अनजान बना गांव
गांव के लोग एक दूसरे के बारे में अच्छे से जानते हैं, लेकिन वह डर की वजह से जानकर भी अनजान बने हुए हैं। कोई किसी के बारे में कुछ भी बोलने को तैयार नही है। सब अपने को बचाने में लगे हुए हैं।
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नहीं की जीतू की पहचान
जीतू की एक फोटो लोगों को दिखाया गया, लेकिन उन्होंने जीतू को पहचानने से ही इनकार कर दिया गया। बच्चे उसके बारे में बता रहे थे, तो पीछे से महिलाएं उन्हें बुला लेती थीं।
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