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समय से न पहुंचती पुलिस तो बढ़ सकता था विवाद
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:29 PM IST
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समय से न पहुंचती पुलिस तो बढ़ सकता था विवाद
- बीते वर्ष एक समुदाय के द्वारा धार्मिक स्थल पर टिप्पणी बिगाड़ चुकी है माहौल
- देर शाम तक दोनों पक्षों में चल रही थी समझौते की बात
अमर उजाला ब्यूरो
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव लखावटी में बीते वर्ष एक धार्मिक स्थल पर असामाजिक तत्वों के द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी माहौल बिगाड़ चुकी है। शुक्रवार को यदि पुलिस समय से नहीं पहुंचती तो कबूतर पकड़ने को लेकर हुआ विवाद बढ़ सकता था। देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात चल रही है।
बता दें कि थाना क्षेत्र के गांव लखावटी में शुक्रवार देर रात दो पक्षों के बीच कबूतर पकड़ने को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से जमकर लाठी डंडे चले, जिसमें एक महिला समेत करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही समय रहते पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई और बिगड़ रही स्थिति को काबू में किया। पुलिस समय पर न पहुंचती तो गांव का माहौल और भी अधिक बिगड़ सकता था। बता दें कि बीते वर्ष इसी गांव में बवाल हुआ था। बताया गया था कि एक समुदाय के धार्मिक स्थल पर असामाजिक तत्वों के द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पोस्टर चस्पा कर दिए गए थे। सुबह पोस्टर देख लोगों में आक्रोश फैल गया। इस दौरान देखते ही देखते नारेबाजी व हंगामा हुआ, जिसके बाद तत्कालीन एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू में किया और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया था।
दहशत में हैं ग्रामीण
- देर रात हुई वारदात के बाद ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीण घर से निकलने में भी कतराते नजर आ रहे थे। वहीं दोनों पक्षों के अलावा ग्रामीण भी जल्द से जल्द मामले में फैसला करना चाहते हैं।
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पुलिस ने की गांव में कदमताल
- घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को जैसे-तैसे काबू में किया। साथ ही सीओ ने पुलिस बल के साथ गांव में फ्लैग मार्च किया। साथ ही ग्रामीणों से माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने का आह्वान भी किया।
कोट
मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। गांव में फिलहाल शांति है, एहतियातन गांव में फोर्स तैनात है।
- जगदीश चंद्र सिंह, सीओ सिटी
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- बीते वर्ष एक समुदाय के द्वारा धार्मिक स्थल पर टिप्पणी बिगाड़ चुकी है माहौल
- देर शाम तक दोनों पक्षों में चल रही थी समझौते की बात
अमर उजाला ब्यूरो
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव लखावटी में बीते वर्ष एक धार्मिक स्थल पर असामाजिक तत्वों के द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी माहौल बिगाड़ चुकी है। शुक्रवार को यदि पुलिस समय से नहीं पहुंचती तो कबूतर पकड़ने को लेकर हुआ विवाद बढ़ सकता था। देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात चल रही है।
बता दें कि थाना क्षेत्र के गांव लखावटी में शुक्रवार देर रात दो पक्षों के बीच कबूतर पकड़ने को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते दोनों पक्षों की ओर से जमकर लाठी डंडे चले, जिसमें एक महिला समेत करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही समय रहते पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई और बिगड़ रही स्थिति को काबू में किया। पुलिस समय पर न पहुंचती तो गांव का माहौल और भी अधिक बिगड़ सकता था। बता दें कि बीते वर्ष इसी गांव में बवाल हुआ था। बताया गया था कि एक समुदाय के धार्मिक स्थल पर असामाजिक तत्वों के द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए पोस्टर चस्पा कर दिए गए थे। सुबह पोस्टर देख लोगों में आक्रोश फैल गया। इस दौरान देखते ही देखते नारेबाजी व हंगामा हुआ, जिसके बाद तत्कालीन एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू में किया और लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया था।
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दहशत में हैं ग्रामीण
- देर रात हुई वारदात के बाद ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। ग्रामीण घर से निकलने में भी कतराते नजर आ रहे थे। वहीं दोनों पक्षों के अलावा ग्रामीण भी जल्द से जल्द मामले में फैसला करना चाहते हैं।
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पुलिस ने की गांव में कदमताल
- घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को जैसे-तैसे काबू में किया। साथ ही सीओ ने पुलिस बल के साथ गांव में फ्लैग मार्च किया। साथ ही ग्रामीणों से माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने का आह्वान भी किया।
कोट
मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। गांव में फिलहाल शांति है, एहतियातन गांव में फोर्स तैनात है।
- जगदीश चंद्र सिंह, सीओ सिटी