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अनफिट बनकर खाकी को कमजोर नहीं कर पाएंगे पुलिसकर्मी
Updated Mon, 31 Jul 2017 10:14 PM IST
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अनफिट बनकर खाकी को कमजोर नहीं कर पाएंगे पुलिसकर्मी
- शासन ने शारीरिक रूप से अनफिट पुलिसकर्मियों की मांगी सूची
- शासन के आदेश पर एसएसपी ने ऐसे पुलिसकर्मियों से मांगे फिटनेस सर्टिफिकेट
- ड्यूटी के दौरान एक्सीडेंट या मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मी भी हैं शामिल
- मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर ऐसे पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त कर सकता है विभाग
गौरव भारद्वाज
बुलंदशहर।
शरीर में चोट, बीमारी या अंग भंग होने का बहना बनाकर आए दिन छुट्टी या मनमाफिक क्षेत्र में तैनाती लेने वाले पुलिसकर्मियों की अब उल्टी गिनती शुरू हो गई हैं। विभाग को कमजोर करने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों की शासन ने सूची मांगी है। सभी थाना प्रभारी और आरआई लाइन ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची बनाकर उनके फिटनेस सर्टिफिकेट मांगे हैं।
ड्यूटी के दौरान एक्सीडेंट या मुठभेड़ में घायल हुए कई पुलिसकर्मी खुद को शारीरिक रूप से अनफिट बताकर आए दिन कप्तान के सामने पेश होकर छुट्टी मांग लेते थे। साथ ही कुछ पुलिसकर्मी बीमारी का बहना बनाकर जिला मुख्यालय के निकट ही पोस्टिंग मांगते रहते थे। अफसर भी ऐसे लोगों पर दया करके ढेर सारी छुट्टी और मनमाफिक पोस्टिंग दे देते थे। अब शासन की मंशा है कि ड्यूटी के दौरान एक्सीडेंट में घायल, मुठभेड़ में घायल, अन्य तरीके से शरीर का कोई अंग भंग और किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रसित पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की जाए। जानकार बताते हैं कि इसके पीछे शासन का तर्क है कि ये लोग विभाग को कमजोर कर रहे हैं। इसलिए इन्हें रिटायरमेंट देकर आजीवन पेंशन दिए जाने की योजना है। शासन के आदेश पर एसएसपी ने सभी थाना प्रभारी, आरआई लाइन से ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है। इन लोगों की सूची के साथ उनके फिटनेस सर्टिफिकेट भी मांगे हैं। ...
एसएसपी ने बताया कि सर्टिफिकेट इसलिए मांगा जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि कौन पुलिसकर्मी कितने प्रतिशत फिट या अनफिट है। वह विभाग के काम का है या नहीं। विभाग के जानकारों ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने यदि इस पर मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया तो गाज गिर सकती है। मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही ऐसे लोगों का भविष्य तय होगा।
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शासन के आदेश पर सभी थाना प्रभारियों से अनफिट पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने को कहा है। सूची तैयार कर उन पुलिसकर्मियों के फिटनेस सर्टिफिकेट भी मांगे जा रहे हैं। जल्द ही सूची शासन को भेज दी जाएगी। - डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एसपी सिटी
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- शासन ने शारीरिक रूप से अनफिट पुलिसकर्मियों की मांगी सूची
- शासन के आदेश पर एसएसपी ने ऐसे पुलिसकर्मियों से मांगे फिटनेस सर्टिफिकेट
- ड्यूटी के दौरान एक्सीडेंट या मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मी भी हैं शामिल
- मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर ऐसे पुलिसकर्मियों की सेवा समाप्त कर सकता है विभाग
गौरव भारद्वाज
बुलंदशहर।
शरीर में चोट, बीमारी या अंग भंग होने का बहना बनाकर आए दिन छुट्टी या मनमाफिक क्षेत्र में तैनाती लेने वाले पुलिसकर्मियों की अब उल्टी गिनती शुरू हो गई हैं। विभाग को कमजोर करने वाले ऐसे पुलिसकर्मियों की शासन ने सूची मांगी है। सभी थाना प्रभारी और आरआई लाइन ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची बनाकर उनके फिटनेस सर्टिफिकेट मांगे हैं।
ड्यूटी के दौरान एक्सीडेंट या मुठभेड़ में घायल हुए कई पुलिसकर्मी खुद को शारीरिक रूप से अनफिट बताकर आए दिन कप्तान के सामने पेश होकर छुट्टी मांग लेते थे। साथ ही कुछ पुलिसकर्मी बीमारी का बहना बनाकर जिला मुख्यालय के निकट ही पोस्टिंग मांगते रहते थे। अफसर भी ऐसे लोगों पर दया करके ढेर सारी छुट्टी और मनमाफिक पोस्टिंग दे देते थे। अब शासन की मंशा है कि ड्यूटी के दौरान एक्सीडेंट में घायल, मुठभेड़ में घायल, अन्य तरीके से शरीर का कोई अंग भंग और किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रसित पुलिसकर्मियों की सूची तैयार की जाए। जानकार बताते हैं कि इसके पीछे शासन का तर्क है कि ये लोग विभाग को कमजोर कर रहे हैं। इसलिए इन्हें रिटायरमेंट देकर आजीवन पेंशन दिए जाने की योजना है। शासन के आदेश पर एसएसपी ने सभी थाना प्रभारी, आरआई लाइन से ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है। इन लोगों की सूची के साथ उनके फिटनेस सर्टिफिकेट भी मांगे हैं। ...
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एसएसपी ने बताया कि सर्टिफिकेट इसलिए मांगा जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि कौन पुलिसकर्मी कितने प्रतिशत फिट या अनफिट है। वह विभाग के काम का है या नहीं। विभाग के जानकारों ने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने यदि इस पर मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया तो गाज गिर सकती है। मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही ऐसे लोगों का भविष्य तय होगा।
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शासन के आदेश पर सभी थाना प्रभारियों से अनफिट पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने को कहा है। सूची तैयार कर उन पुलिसकर्मियों के फिटनेस सर्टिफिकेट भी मांगे जा रहे हैं। जल्द ही सूची शासन को भेज दी जाएगी। - डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एसपी सिटी
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