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मियां-बीवी और वो के संस्पेस से क्रिएट हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
Updated Thu, 22 Feb 2018 11:17 PM IST
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मियां-बीवी और वो के सस्पेंस से हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा। दिल्ली में रह रहे गांव नगला बरौला निवासी दंपति के बीच किसी तीसरे को लेकर मनमुटाव हो गया। पत्नी पति से नाराज होकर अपने मायके छतारी चली गई। वहीं पति अचानक लापता हो गया। इसके बाद मायके और ससुराल वाले एक दूसरे पर गायब करने का आरोप लगाने लगे। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति को सकुशल बरामद करते हुए कहानी का दी एंड कर दिया।
पहासू क्षेत्र के गांव नगला बरौला निवासी संजीव कुमार पुत्र समय सिंह का विवाह वर्ष 2015 में मीनू पुत्री सुभाष निवासी ग्राम सालाबाद छतारी के साथ हुआ था। शादी के बाद दंपति दिल्ली स्थित भजनपुरा इलाके में किराए पर जाकर रहने लगे। इस दौरान पत्नी-पति में किसी तीसरे को लेकर आपसी मनमुटाव रहने लगा। पुलिस के अनुसार दोनों एक दूसरे को संदेह की नजर से देखते थे, जिसके चलते गृह क्लेश के हालात हो गए। विगत 20 मई को संजीव की गुमशुदगी दिल्ली स्थित भजनपुरा थाने में हुई। 22 मई को संजीव वापस आ गया और पत्नी मीनू को सालाबाद छोड़कर दिल्ली में आकर अपना काम करने लगा। अलगाव के चलते दंपति में मनमुटाव बढ़ता चला गया। विगत 31 जुलाई 2016 को संजीव अपनी ससुराल सालाबाद पत्नी मीनू को लेने पहुंचा। मीनू ने पति संजीव संग जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसी दिन से संजीव एक बार फिर फिल्मी स्टाइल में गायब हो गया, जिसके बाद गांव में 31 दिसंबर 2016 को हुई पंचायत में एक मध्यस्थता में तय हुआ कि लड़का पक्ष लड़की पक्ष को पांच लाख रुपये देगा, लेकिन संजीव के पिता समय सिंह ने स्त्रीधन देने से इंकार करते हुए प्रकरण में डीआईजी मेरठ के सामने पेश होकर पत्नी मीनू और ससुर सुभाष के खिलाफ 364 का अभियोग छतारी थाने पर दर्ज करा दिया। प्रकरण में लोकेंद्र शर्मा उपनिरीक्षक ने जांच करते हुए संविलांस टीम की मदद से दिनांक 20 फरवरी 2018 को संजीव को क्राऊन प्लाजा ए द्धितीय मयूर विहार नई दिल्ली से बरामद कर लिया। संजीव ने बताया कि इस दौरान वह ग्रेटर नोएडा में उबेर कंपनी में कैब चला रहा था।
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अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा। दिल्ली में रह रहे गांव नगला बरौला निवासी दंपति के बीच किसी तीसरे को लेकर मनमुटाव हो गया। पत्नी पति से नाराज होकर अपने मायके छतारी चली गई। वहीं पति अचानक लापता हो गया। इसके बाद मायके और ससुराल वाले एक दूसरे पर गायब करने का आरोप लगाने लगे। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति को सकुशल बरामद करते हुए कहानी का दी एंड कर दिया।
पहासू क्षेत्र के गांव नगला बरौला निवासी संजीव कुमार पुत्र समय सिंह का विवाह वर्ष 2015 में मीनू पुत्री सुभाष निवासी ग्राम सालाबाद छतारी के साथ हुआ था। शादी के बाद दंपति दिल्ली स्थित भजनपुरा इलाके में किराए पर जाकर रहने लगे। इस दौरान पत्नी-पति में किसी तीसरे को लेकर आपसी मनमुटाव रहने लगा। पुलिस के अनुसार दोनों एक दूसरे को संदेह की नजर से देखते थे, जिसके चलते गृह क्लेश के हालात हो गए। विगत 20 मई को संजीव की गुमशुदगी दिल्ली स्थित भजनपुरा थाने में हुई। 22 मई को संजीव वापस आ गया और पत्नी मीनू को सालाबाद छोड़कर दिल्ली में आकर अपना काम करने लगा। अलगाव के चलते दंपति में मनमुटाव बढ़ता चला गया। विगत 31 जुलाई 2016 को संजीव अपनी ससुराल सालाबाद पत्नी मीनू को लेने पहुंचा। मीनू ने पति संजीव संग जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद उसी दिन से संजीव एक बार फिर फिल्मी स्टाइल में गायब हो गया, जिसके बाद गांव में 31 दिसंबर 2016 को हुई पंचायत में एक मध्यस्थता में तय हुआ कि लड़का पक्ष लड़की पक्ष को पांच लाख रुपये देगा, लेकिन संजीव के पिता समय सिंह ने स्त्रीधन देने से इंकार करते हुए प्रकरण में डीआईजी मेरठ के सामने पेश होकर पत्नी मीनू और ससुर सुभाष के खिलाफ 364 का अभियोग छतारी थाने पर दर्ज करा दिया। प्रकरण में लोकेंद्र शर्मा उपनिरीक्षक ने जांच करते हुए संविलांस टीम की मदद से दिनांक 20 फरवरी 2018 को संजीव को क्राऊन प्लाजा ए द्धितीय मयूर विहार नई दिल्ली से बरामद कर लिया। संजीव ने बताया कि इस दौरान वह ग्रेटर नोएडा में उबेर कंपनी में कैब चला रहा था।
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