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मृत्यु के 24 दिन बाद व्यक्ति को दूसरा टीका लगाने का मिला संदेश
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मृत्यु के 24 दिन बाद व्यक्ति को दूसरा टीका लगाने का मिला संदेश
बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण करने में काफी गड़बड़ी सामने आ रही है। लक्ष्य हासिल करने की हड़बड़ी में मृत लोगों को भी टीका लगाना पोर्टल पर दर्शा दिया गया, इसका खुलासा तब हुआ जब मृतक के बेटे के मोबाइल पर मृत पिता को दूसरा टीका लगने का संदेश पहुंचा। मृतक व्यापारी के बेटे ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की है।
औरंगाबाद निवासी उमेश सिंघल उम्र करीब 52 वर्ष की दो जनवरी की सुबह मृत्यु हो गई थी। उनको अप्रैल माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी पर कोविशील्ड की पहली खुराक दी गई थी। दूसरी खुराक से पहले ही वह बीमार हो गए। इसी दौरान उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। मृतक व्यापारी उमेश सिंघल के पुत्र नितिन सिंघल ने बताया कि पिता की तीन जनवरी की सुबह मृत्यु हो गई थी। 12 जनवरी को उनके नंबर पर कोरोना से बचाव का दूसरा टीका लगने के लिए फोन आया। संबंधित को पिता की मृत्यु के बारे में अवगत करा दिया गया था। इसके बाद भी 27 जनवरी को मृत पिता के कोरोना वैक्सीन का दूसरा टीका लगने का मेसेज आया।
पिता को वैक्सीन का दूसरा टीका लगने का मेसेज मिलने पर वह चौंक गए। उन्होंने पोर्टल से पिता का सर्टिफिकेट निकाला। उसमें 27 जनवरी को वैक्सीन का दूसरा टीका लगना पोर्टल पर दर्शाया गया। जबकि इस दौरान न तो घर से कोई सदस्य किसी भी टीकाकरण केंद्र पर टीका लगवाने गया और न ही किसी को सूचना दी।
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पूर्व में भी मृत को लग चुका है टीका
मृत लोगों को कोरोना से बचाव का दूसरा टीका लगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई मामले सामने आ चुके है। हाल ही में नगर के चांदपुर रोड निवासी एक बुजुर्ग के नंबर पर मृत पत्नी को दूसरा टीका लगने का मेसेज प्राप्त हुआ था। जबकि उनकी पत्नी का मुरादाबाद में उपचार के दौरान 20 जुलाई को निधन हो गया था।
बिना टीका लगवाए भी मोबाइल पर आ रहा मेसेज
मृत लोगों के मोबाइल नंबर पर जहां टीका लगने का मेसेज प्राप्त हो रहा है तो वहीं जीवित लोगों के नंबर पर भी बिना टीका लगवाए ही दूसरा टीका लगने के मेसेज आ रहे हैं। सिकंदराबाद के नई बस्ती निवासी रविकांत शर्मा ने छह अगस्त को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगवाया। 29 अक्तूबर को दूसरा टीका लगना था। वह किसी कार्य में व्यस्त होने के कारण केंद्र तक नहीं पहुंच सके। 25 जनवरी को उनके मोबाइल नंबर पर दूसरा टीका लगने का मेसेज प्राप्त हुआ। इसी तरह चोला क्षेत्र के गांव चचोई निवासी प्रवीण गिरी ने 16 अगस्त को पहला टीका लगवाया था। बीमार हो जाने के कारण दूसरा टीका नहीं लगवा पाए कि 17 जनवरी को उनके मोबाइल नंबर पर दूसरा टीका सफलता पूर्वक लगने का मेसेज प्राप्त हुआ। नगर निवासी 53 वर्षीय उषा ने 15 मई को पहला टीका लगवाया। इसके बाद दूसरा टीका लगवाना भूल गई। बीते दो दिन पूर्व वह टीका लगवाने केंद्र पहुंची तो वहां उनको 18 अक्तूबर को दूसरा टीका लगा होना बताया गया।
मोबाइल नंबर में फीडिंग में गड़बड़ी होने के कारण ऐसा हो रहा है। मृत लोगों को टीका लगने के मेसेज मिलने के एक-दो मामले संज्ञान में हैं। वहीं, जिन जीवित लोगों को बिना दूसरा टीका लगे मेसेज मिला है, वह टीकाकरण केंद्र पर आकर टीका लगवा सकते हैं। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
(संवाद)
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बुलंदशहर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण करने में काफी गड़बड़ी सामने आ रही है। लक्ष्य हासिल करने की हड़बड़ी में मृत लोगों को भी टीका लगाना पोर्टल पर दर्शा दिया गया, इसका खुलासा तब हुआ जब मृतक के बेटे के मोबाइल पर मृत पिता को दूसरा टीका लगने का संदेश पहुंचा। मृतक व्यापारी के बेटे ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से मामले की शिकायत की है।
औरंगाबाद निवासी उमेश सिंघल उम्र करीब 52 वर्ष की दो जनवरी की सुबह मृत्यु हो गई थी। उनको अप्रैल माह में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखावटी पर कोविशील्ड की पहली खुराक दी गई थी। दूसरी खुराक से पहले ही वह बीमार हो गए। इसी दौरान उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई। मृतक व्यापारी उमेश सिंघल के पुत्र नितिन सिंघल ने बताया कि पिता की तीन जनवरी की सुबह मृत्यु हो गई थी। 12 जनवरी को उनके नंबर पर कोरोना से बचाव का दूसरा टीका लगने के लिए फोन आया। संबंधित को पिता की मृत्यु के बारे में अवगत करा दिया गया था। इसके बाद भी 27 जनवरी को मृत पिता के कोरोना वैक्सीन का दूसरा टीका लगने का मेसेज आया।
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पिता को वैक्सीन का दूसरा टीका लगने का मेसेज मिलने पर वह चौंक गए। उन्होंने पोर्टल से पिता का सर्टिफिकेट निकाला। उसमें 27 जनवरी को वैक्सीन का दूसरा टीका लगना पोर्टल पर दर्शाया गया। जबकि इस दौरान न तो घर से कोई सदस्य किसी भी टीकाकरण केंद्र पर टीका लगवाने गया और न ही किसी को सूचना दी।
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पूर्व में भी मृत को लग चुका है टीका
मृत लोगों को कोरोना से बचाव का दूसरा टीका लगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई मामले सामने आ चुके है। हाल ही में नगर के चांदपुर रोड निवासी एक बुजुर्ग के नंबर पर मृत पत्नी को दूसरा टीका लगने का मेसेज प्राप्त हुआ था। जबकि उनकी पत्नी का मुरादाबाद में उपचार के दौरान 20 जुलाई को निधन हो गया था।
बिना टीका लगवाए भी मोबाइल पर आ रहा मेसेज
मृत लोगों के मोबाइल नंबर पर जहां टीका लगने का मेसेज प्राप्त हो रहा है तो वहीं जीवित लोगों के नंबर पर भी बिना टीका लगवाए ही दूसरा टीका लगने के मेसेज आ रहे हैं। सिकंदराबाद के नई बस्ती निवासी रविकांत शर्मा ने छह अगस्त को कोरोना से बचाव का पहला टीका लगवाया। 29 अक्तूबर को दूसरा टीका लगना था। वह किसी कार्य में व्यस्त होने के कारण केंद्र तक नहीं पहुंच सके। 25 जनवरी को उनके मोबाइल नंबर पर दूसरा टीका लगने का मेसेज प्राप्त हुआ। इसी तरह चोला क्षेत्र के गांव चचोई निवासी प्रवीण गिरी ने 16 अगस्त को पहला टीका लगवाया था। बीमार हो जाने के कारण दूसरा टीका नहीं लगवा पाए कि 17 जनवरी को उनके मोबाइल नंबर पर दूसरा टीका सफलता पूर्वक लगने का मेसेज प्राप्त हुआ। नगर निवासी 53 वर्षीय उषा ने 15 मई को पहला टीका लगवाया। इसके बाद दूसरा टीका लगवाना भूल गई। बीते दो दिन पूर्व वह टीका लगवाने केंद्र पहुंची तो वहां उनको 18 अक्तूबर को दूसरा टीका लगा होना बताया गया।
मोबाइल नंबर में फीडिंग में गड़बड़ी होने के कारण ऐसा हो रहा है। मृत लोगों को टीका लगने के मेसेज मिलने के एक-दो मामले संज्ञान में हैं। वहीं, जिन जीवित लोगों को बिना दूसरा टीका लगे मेसेज मिला है, वह टीकाकरण केंद्र पर आकर टीका लगवा सकते हैं। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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