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रेलवे और बस स्टेशन पर बरती जा रही ढिलाई, नहीं हो रही कार्रवाई
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गोमती ट्रेन में बिना मास्क के सफर करते यात्री।
- फोटो : KHURJA
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रेलवे और बस स्टेशन पर बरती जा रही ढिलाई, नहीं हो रही कार्रवाई
बुलंदशहर/ खुर्जा जंक्शन। दिल्ली समेत अन्य कई राज्यों में कोरोना ने फिर से कहर ढाना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन और रोडवेज डिपो प्रशासन सजग नहीं दिखाई दे रहा है। खुर्जा जंक्शन पर बिना मास्क के यात्री स्टेशन पर टहलते दिखाई दिए। दिल्ली और कानपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों में सफर कर रहे यात्री भी कोरोना को लेकर लापरवाह देखे गए। स्टेशन परिसर में कोरोना जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। साथ ही इसी तरह का हाल रोडवेज बस स्टेशन बुलंदशहर का है
दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई। लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके चलते वहां रात्रि कर्फ्यू तक लगा दिया गया है। लेकिन इसे लेकर खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर कोई सतर्कता नहीं दिखाई दी। यह हाल तब है जब जंक्शन पर रुकने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों पर खुर्जा- दिल्ली के लिए यात्री आवागमन कर रहे हैं। बिना मास्क के लोग स्टेशन पर घूमते हुए दिखाई दिए। बिना किसी रोकटोक के लोग स्टेशन से बाहर और अंदर आते जाते भी दिखाई दिए। वहीं दूसरी ओर बुधवार को रोडवेज बस स्टेशन बुलंदशहर पर भी यात्री और बस चालक बिना मास्क के बेखौफ आते-जाते रहे, लेकिन कोविड-19 जांच की वहां पर भी कोई व्यवस्था नहीं मिली।
ट्रेन में बैठे अधिकांश यात्री बिना मास्क के
बुधवार सुबह 7.20 बजे अलीगढ़ से चलकर नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन खुर्जा जंक्शन पर आकर रुकी। ट्रेन में बैठने के लिए यात्रियों की भीड़ दिखाई दी। लेकिन अधिकांश यात्री न तो मास्क लगाए थे और न ही सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे थे। वहीं, लखनऊ से चलकर दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस जंक्शन स्टेशन पर 12.45 बजे आकर रुकी। उसमें भी कुछ ऐसी ही लापरवाही दिखाई दी। ज्यादातर यात्रियों ने मास्क नहीं लगाया था। वहीं ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर खड़े यात्री भी मास्क का प्रयोग करते नहीं दिखाई दिए। इसके बाद डाउन में दिल्ली से चलकर लखनऊ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस जंक्शन पर दोपहर पौने दो बजे रुकी। लेकिन उसमें बैठे यात्रियों में कोरोना को लेकर कोई भय नहीं दिखाई दिया। इस ट्रेन में भी अधिकांश यात्री कोविड के नियमों का पालन करते हुए नहीं दिखाई दिए।
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कोरोना जांच के नाम पर हो रही खानापूर्ति
रेलवे स्टेशन परिसर में बैठे रेलवे कर्मी ट्रेनों से उतरकर आने वाले यात्रियों और बाहर से स्टेशन पर जाने वाले यात्रियों का नाम पता नोट किया जाता है। उसके बाद उनकी कोरोना जांच कराई जाती है। कुछ दिन तक इसे लेकर काफी सख्ती बरती गई थी। यात्रियों को रोकने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था। ताकि यात्री बिना जांच कराए स्टेशन से बाहर न जा सके। लेकिन अब कोरोना जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। ट्रेनों से उतरकर जो यात्री बाहर निकल रहे हैं उन्हें रोकने के लिए कोई जीआरपी-आरपीएफ का जवान तैनात नही है। ऐसे में कई यात्री बिना कोरोना जांच के ही बाहर निकल जा रहे हैं।
चालक के साथ-साथ यात्रियों के चेहरे से मास्क गायब
रोडवेज बस शाम पांच बजे नगर के रोडवेज बस अड्डे पर पहुंची तो वहां, न तो कोई कोविड-19 की जांच करती टीम मिली और न ही रोडवेज बस चालक समेत यात्रियों के चेहरे पर मास्क मिला। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय कर्मियों के साथ-साथ लोग कोरोना का भय भूल गए हैं। वहीं, दिल्ली की ओर से आने वाले यात्री भी बिना जांच के आते रहे।
मुख्य सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
मुख्य सचिव द्वारा 27 मार्च तक विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कोरोना जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रति भी पत्र में लिखा गया है। विभागीय अफसरों ने मुख्य सचिव के पत्र के अनुसार कोरोना जांच कराने का दावा किया। लेकिन बुधवार को रोडवेज बस अड्डों पर चलने वाले अभियान के दौरान किसी भी यात्री की जांच होते नहीं मिली।
अब तक 2627 की हो चुकी जांच
एसीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर कोरोना जांच की जा रही है। 27 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। 16 मार्च तक 1782 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई और 845 लोगों के आरटीपीसीआर सैंपल लेकर जांच को भेजे गए है। विभागीय टीम लगातार जांच कर रही है।
कोरोना को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। मास्क का प्रयोग करने के लिए स्टेशन पर घोषणा भी कराई जा रही है। कोरोना को लेकर किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
पीके गुप्ता, स्टेशन अधीक्षक खुर्जा जंक्शन
27 मार्च तक टीम को विभिन्न स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मियों और दिल्ली व अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की जांच की जाएगी। टीम द्वारा लापरवाही बरतने या निर्धारित स्थान पर न मिलने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ
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बुलंदशहर/ खुर्जा जंक्शन। दिल्ली समेत अन्य कई राज्यों में कोरोना ने फिर से कहर ढाना शुरू कर दिया है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन और रोडवेज डिपो प्रशासन सजग नहीं दिखाई दे रहा है। खुर्जा जंक्शन पर बिना मास्क के यात्री स्टेशन पर टहलते दिखाई दिए। दिल्ली और कानपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों में सफर कर रहे यात्री भी कोरोना को लेकर लापरवाह देखे गए। स्टेशन परिसर में कोरोना जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। साथ ही इसी तरह का हाल रोडवेज बस स्टेशन बुलंदशहर का है
दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई। लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके चलते वहां रात्रि कर्फ्यू तक लगा दिया गया है। लेकिन इसे लेकर खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर कोई सतर्कता नहीं दिखाई दी। यह हाल तब है जब जंक्शन पर रुकने वाली पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों पर खुर्जा- दिल्ली के लिए यात्री आवागमन कर रहे हैं। बिना मास्क के लोग स्टेशन पर घूमते हुए दिखाई दिए। बिना किसी रोकटोक के लोग स्टेशन से बाहर और अंदर आते जाते भी दिखाई दिए। वहीं दूसरी ओर बुधवार को रोडवेज बस स्टेशन बुलंदशहर पर भी यात्री और बस चालक बिना मास्क के बेखौफ आते-जाते रहे, लेकिन कोविड-19 जांच की वहां पर भी कोई व्यवस्था नहीं मिली।
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ट्रेन में बैठे अधिकांश यात्री बिना मास्क के
बुधवार सुबह 7.20 बजे अलीगढ़ से चलकर नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन खुर्जा जंक्शन पर आकर रुकी। ट्रेन में बैठने के लिए यात्रियों की भीड़ दिखाई दी। लेकिन अधिकांश यात्री न तो मास्क लगाए थे और न ही सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे थे। वहीं, लखनऊ से चलकर दिल्ली जाने वाली गोमती एक्सप्रेस जंक्शन स्टेशन पर 12.45 बजे आकर रुकी। उसमें भी कुछ ऐसी ही लापरवाही दिखाई दी। ज्यादातर यात्रियों ने मास्क नहीं लगाया था। वहीं ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पर खड़े यात्री भी मास्क का प्रयोग करते नहीं दिखाई दिए। इसके बाद डाउन में दिल्ली से चलकर लखनऊ जाने वाली गोमती एक्सप्रेस जंक्शन पर दोपहर पौने दो बजे रुकी। लेकिन उसमें बैठे यात्रियों में कोरोना को लेकर कोई भय नहीं दिखाई दिया। इस ट्रेन में भी अधिकांश यात्री कोविड के नियमों का पालन करते हुए नहीं दिखाई दिए।
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कोरोना जांच के नाम पर हो रही खानापूर्ति
रेलवे स्टेशन परिसर में बैठे रेलवे कर्मी ट्रेनों से उतरकर आने वाले यात्रियों और बाहर से स्टेशन पर जाने वाले यात्रियों का नाम पता नोट किया जाता है। उसके बाद उनकी कोरोना जांच कराई जाती है। कुछ दिन तक इसे लेकर काफी सख्ती बरती गई थी। यात्रियों को रोकने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया था। ताकि यात्री बिना जांच कराए स्टेशन से बाहर न जा सके। लेकिन अब कोरोना जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। ट्रेनों से उतरकर जो यात्री बाहर निकल रहे हैं उन्हें रोकने के लिए कोई जीआरपी-आरपीएफ का जवान तैनात नही है। ऐसे में कई यात्री बिना कोरोना जांच के ही बाहर निकल जा रहे हैं।
चालक के साथ-साथ यात्रियों के चेहरे से मास्क गायब
रोडवेज बस शाम पांच बजे नगर के रोडवेज बस अड्डे पर पहुंची तो वहां, न तो कोई कोविड-19 की जांच करती टीम मिली और न ही रोडवेज बस चालक समेत यात्रियों के चेहरे पर मास्क मिला। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभागीय कर्मियों के साथ-साथ लोग कोरोना का भय भूल गए हैं। वहीं, दिल्ली की ओर से आने वाले यात्री भी बिना जांच के आते रहे।
मुख्य सचिव के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
मुख्य सचिव द्वारा 27 मार्च तक विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कोरोना जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के प्रति भी पत्र में लिखा गया है। विभागीय अफसरों ने मुख्य सचिव के पत्र के अनुसार कोरोना जांच कराने का दावा किया। लेकिन बुधवार को रोडवेज बस अड्डों पर चलने वाले अभियान के दौरान किसी भी यात्री की जांच होते नहीं मिली।
अब तक 2627 की हो चुकी जांच
एसीएमओ/नोडल अधिकारी डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देश पर कोरोना जांच की जा रही है। 27 मार्च तक अभियान चलाया जाएगा। 16 मार्च तक 1782 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई और 845 लोगों के आरटीपीसीआर सैंपल लेकर जांच को भेजे गए है। विभागीय टीम लगातार जांच कर रही है।
कोरोना को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। मास्क का प्रयोग करने के लिए स्टेशन पर घोषणा भी कराई जा रही है। कोरोना को लेकर किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।
पीके गुप्ता, स्टेशन अधीक्षक खुर्जा जंक्शन
27 मार्च तक टीम को विभिन्न स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मियों और दिल्ली व अन्य राज्यों से आने वाले लोगों की जांच की जाएगी। टीम द्वारा लापरवाही बरतने या निर्धारित स्थान पर न मिलने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. भवतोष शंखधर, सीएमओ