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दूसरी लहर के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटे 73 चालक और 45 परिचालक
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दूसरी लहर के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटे 73 चालक और 45 परिचालक
सिकंदराबाद। कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी सिकंदराबाद डिपो के 73 संविदा चालक और 45 परिचालक ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। अनुपस्थित रहने के कारण डिपो से कई बसें संचालित नहीं हो रही हैं। जिससे डिपो को लाखों का नुकसान हो रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में रोडवेज बसों का संचालन बंद होने के कारण चालक, परिचालक भी अवकाश पर चले गए थे। जून में अनलॉक होने के बाद रोडवेज बसों का फिर से संचालन शुरू हो गया था। एआरएम ममता सिंह ने बताया कि अनलॉक होने के बाद भी गैरहाजिर चल रहे 118 संविदा चालक और परिचालक ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। अनुपस्थित चल रहे परिचालकों, चालकों को नोटिस दिए जाने के बाद भी वापस नहीं लौट रहे हैं। जिससे बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
महीने में हो रहा 7.5 लाख का नुकसान
सिकंदराबाद। एआरएम ने बताया कि आम दिनों में डिपो से औसतन 28 बसों का प्रतिदिन संचालन होता है। चालकों परिचालकों की कमी के चलते अब करीब 22 बसों का ही संचालन हो पा रहा है। पूरी तरह से बसों का संचालन नहीं होने के कारण महीने में 7.5 लाख का नुकसान हो रहा है।
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इन रूटों पर बसों का होता है संचालन
सिकंदराबाद। एआरएम ममता सिंह ने बताया कि सिकंदराबाद डिपो से लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, देवरिया, बरेली, आगरा, मथुरा, जलालाबाद, समताबाद, दरयावगंज, बदायूं, एटा, मैनपुरी, मेरठ, मुरादाबाद, दिल्ली, गाजियाबाद आदि रूट पर बसों का संचालन किया जाता है।
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सिकंदराबाद। कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी सिकंदराबाद डिपो के 73 संविदा चालक और 45 परिचालक ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। अनुपस्थित रहने के कारण डिपो से कई बसें संचालित नहीं हो रही हैं। जिससे डिपो को लाखों का नुकसान हो रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर में रोडवेज बसों का संचालन बंद होने के कारण चालक, परिचालक भी अवकाश पर चले गए थे। जून में अनलॉक होने के बाद रोडवेज बसों का फिर से संचालन शुरू हो गया था। एआरएम ममता सिंह ने बताया कि अनलॉक होने के बाद भी गैरहाजिर चल रहे 118 संविदा चालक और परिचालक ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। अनुपस्थित चल रहे परिचालकों, चालकों को नोटिस दिए जाने के बाद भी वापस नहीं लौट रहे हैं। जिससे बसों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
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महीने में हो रहा 7.5 लाख का नुकसान
सिकंदराबाद। एआरएम ने बताया कि आम दिनों में डिपो से औसतन 28 बसों का प्रतिदिन संचालन होता है। चालकों परिचालकों की कमी के चलते अब करीब 22 बसों का ही संचालन हो पा रहा है। पूरी तरह से बसों का संचालन नहीं होने के कारण महीने में 7.5 लाख का नुकसान हो रहा है।
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इन रूटों पर बसों का होता है संचालन
सिकंदराबाद। एआरएम ममता सिंह ने बताया कि सिकंदराबाद डिपो से लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, देवरिया, बरेली, आगरा, मथुरा, जलालाबाद, समताबाद, दरयावगंज, बदायूं, एटा, मैनपुरी, मेरठ, मुरादाबाद, दिल्ली, गाजियाबाद आदि रूट पर बसों का संचालन किया जाता है।