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कोरोना किट घपले की जांच अधर में लटकी
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कोरोना किट घपले की जांच अधर में लटकी
बुलंदशहर। आम लोगों की कोराना जांच को आई एंटीजन किट के बाजार में बेचे जाने के मामले में चल रही जांच अधर में लटकी हुई है। डीएम ने 30 नवंबर को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। अब मामले में 20 दिन बीत जाने के बाद विभाग और जांच टीम पर सवाल उठने लगे हैं।
कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए शासन द्वारा जून माह में जांच का दायरा बढ़ाने के लिए रैपिड एंटीजन किट से कोरोना जांच की व्यवस्था की थी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने करोड़ों रुपये की एंटीजन किट खरीदी थी। वहीं, दूसरी ओर बाजार में कोरोना जांच किट की डिमांड और कोरोना के खौफ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के मास्टरमाइंड दो फार्मासिस्ट और कुछ लैब टेक्नीशियन ने खूब भुनाया और आमजन की निशुल्क जांच के लिए आई एंटीजन किट को बाजार में बेच दिया। जिसकी शिकायत एक गुमनाम पत्र द्वारा चीफ फार्मासिस्ट जगदीश तेवतिया, फार्मासिस्ट मनोज चौधरी और छह लैब टेक्नीशियन पर एंटीजन किट को बाजार में बेचे जाने का आरोप लगाकर की गई थी। मामले की शिकायत होने पर एक माह तक स्वास्थ्य विभाग जांच करता रहा, लेकिन मास्टरमाइंड तक नहीं पहुंच सका। इस बीच गुमनाम पत्र द्वारा जांच अधिकारी पर भी मास्टरमाइंड से साठगांठ करने का आरोप लगाया गया। जिसके बाद विभाग ने फर्जीवाड़ा की बात कबूली और चीफ फार्मासिस्ट समेत गुमनाम पत्र में शामिल एक अन्य फार्मासिस्ट मनोज चौधरी और छह लैब टेक्नीशियन को कोविड-19 जांच से हटा दिया गया। विभाग की लापरवाही और मंद गति से जांच किए जाने पर डीएम ने डिप्टी कलेक्टर को जांच समिति का अध्यक्ष नामित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। नाम न छापने की शर्त पर जांच टीम ने बताया कि एंटीजन किट फर्जीवाड़ा मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक पूरे अभिलेख नहीं दिए गए हैं। वहीं, जो डाटा मिला है वो भी इनकंप्लीट है। इस संबंध में कई बार विभाग को नोटिस भेजकर और मौखिक अवगत कराकर मांग की जा चुकी है। लेकिन विभाग और जांच अधिकारी बनाए गए डॉ. नरेश गोयल द्वारा कोई सहयोग नहीं किया जा रहा।
डीएम द्वारा गठित जांच टीम द्वारा एंटीजन फर्जीवाड़ा मामले में जो भी अभिलेख मांगे गए हैं। जल्द उपलब्ध करा दिए जाएंगे। - डॉ. नरेश गोयल, एसीएमओ/जांच अधिकारी
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एंटीजन किट फर्जीवाड़ा मामले की जांच रिपोर्ट अभी मिली नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अगर जांच टीम का सहयोग नहीं किया जा रहा है तो संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। वहीं, मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- रविंद्र कुमार, डीएम
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बुलंदशहर। आम लोगों की कोराना जांच को आई एंटीजन किट के बाजार में बेचे जाने के मामले में चल रही जांच अधर में लटकी हुई है। डीएम ने 30 नवंबर को तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। अब मामले में 20 दिन बीत जाने के बाद विभाग और जांच टीम पर सवाल उठने लगे हैं।
कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए शासन द्वारा जून माह में जांच का दायरा बढ़ाने के लिए रैपिड एंटीजन किट से कोरोना जांच की व्यवस्था की थी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने करोड़ों रुपये की एंटीजन किट खरीदी थी। वहीं, दूसरी ओर बाजार में कोरोना जांच किट की डिमांड और कोरोना के खौफ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के मास्टरमाइंड दो फार्मासिस्ट और कुछ लैब टेक्नीशियन ने खूब भुनाया और आमजन की निशुल्क जांच के लिए आई एंटीजन किट को बाजार में बेच दिया। जिसकी शिकायत एक गुमनाम पत्र द्वारा चीफ फार्मासिस्ट जगदीश तेवतिया, फार्मासिस्ट मनोज चौधरी और छह लैब टेक्नीशियन पर एंटीजन किट को बाजार में बेचे जाने का आरोप लगाकर की गई थी। मामले की शिकायत होने पर एक माह तक स्वास्थ्य विभाग जांच करता रहा, लेकिन मास्टरमाइंड तक नहीं पहुंच सका। इस बीच गुमनाम पत्र द्वारा जांच अधिकारी पर भी मास्टरमाइंड से साठगांठ करने का आरोप लगाया गया। जिसके बाद विभाग ने फर्जीवाड़ा की बात कबूली और चीफ फार्मासिस्ट समेत गुमनाम पत्र में शामिल एक अन्य फार्मासिस्ट मनोज चौधरी और छह लैब टेक्नीशियन को कोविड-19 जांच से हटा दिया गया। विभाग की लापरवाही और मंद गति से जांच किए जाने पर डीएम ने डिप्टी कलेक्टर को जांच समिति का अध्यक्ष नामित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। नाम न छापने की शर्त पर जांच टीम ने बताया कि एंटीजन किट फर्जीवाड़ा मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभी तक पूरे अभिलेख नहीं दिए गए हैं। वहीं, जो डाटा मिला है वो भी इनकंप्लीट है। इस संबंध में कई बार विभाग को नोटिस भेजकर और मौखिक अवगत कराकर मांग की जा चुकी है। लेकिन विभाग और जांच अधिकारी बनाए गए डॉ. नरेश गोयल द्वारा कोई सहयोग नहीं किया जा रहा।
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डीएम द्वारा गठित जांच टीम द्वारा एंटीजन फर्जीवाड़ा मामले में जो भी अभिलेख मांगे गए हैं। जल्द उपलब्ध करा दिए जाएंगे। - डॉ. नरेश गोयल, एसीएमओ/जांच अधिकारी
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एंटीजन किट फर्जीवाड़ा मामले की जांच रिपोर्ट अभी मिली नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अगर जांच टीम का सहयोग नहीं किया जा रहा है तो संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे। वहीं, मामले में जो भी दोषी होगा, उस पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- रविंद्र कुमार, डीएम