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अलर्ट के बाद भी नहीं हो रही दिल्ली से आने वालों की जांच
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पुराने रोडवेज बस अड्डे पर बिना मास्क के बस में बैठे यात्री।
- फोटो : BULANDSHAHR
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अलर्ट के बाद भी नहीं हो रही दिल्ली से आने वालों की जांच
बुलंदशहर। दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य स्थानों से आ रहे लोगों की जांच के लिए जिले में कोई भी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। जबकि, प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से आने वालों की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है। निर्देश के बाद भी नगर समेत जनपदभर में सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग का एक भी शिविर नहीं दिख रहा है। वहीं, लोग रोडवेज बस समेत निजी या अन्य वाहनों में सफर कर बिना स्वास्थ्य परीक्षण के घर पहुंच रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। लेकिन जिम्मेदार अफसरों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। जो जिले के अन्य लोगों के लिए भारी भी पड़ सकती है। जिले में सबसे अधिक खतरा महाराष्ट्र से लौटकर आने वाले लोगों से है। पहली लहर के दौरान सर्वप्रथम महाराष्ट्र से लौटे लोगों से जिले में कोरोना चेन बनने के मामले भी सामने आए।
इन स्थानों पर जांच का कर रहे दावा
एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन, चोला रेलवे स्टेशन पर एक-एक मोबाइल टीम लगाई गई है। शहर में दो मोबाइल टीम कार्य कर रही है। इसमें एक को रेलवे स्टेशन और दोनों बस अड्डों पर जांच की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन मंगलवार को किसी भी स्थान पर कोई टीम नजर नहीं आई। रोडवेज बस अड्डे पर प्रतिदिन 50 से अधिक बसें दिल्ली से आवागमन कर रही हैं।
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अगर टीम द्वारा जांच नहीं की जा रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। टीम को जो स्थान पर जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं पर अग्रिम आदेश तक नियमित जांच करवाने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की अन्य स्थानों पर जांच की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा निगरानी समितियों के माध्यम से भी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। दिल्ली, महाराष्ट्र और अन्य स्थानों से आ रहे लोगों की जांच के लिए जिले में कोई भी व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। जबकि, प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से आने वालों की आरटीपीसीआर जांच की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है। निर्देश के बाद भी नगर समेत जनपदभर में सार्वजनिक स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग का एक भी शिविर नहीं दिख रहा है। वहीं, लोग रोडवेज बस समेत निजी या अन्य वाहनों में सफर कर बिना स्वास्थ्य परीक्षण के घर पहुंच रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। लेकिन जिम्मेदार अफसरों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। जो जिले के अन्य लोगों के लिए भारी भी पड़ सकती है। जिले में सबसे अधिक खतरा महाराष्ट्र से लौटकर आने वाले लोगों से है। पहली लहर के दौरान सर्वप्रथम महाराष्ट्र से लौटे लोगों से जिले में कोरोना चेन बनने के मामले भी सामने आए।
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इन स्थानों पर जांच का कर रहे दावा
एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. नरेश गोयल ने बताया कि खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन, चोला रेलवे स्टेशन पर एक-एक मोबाइल टीम लगाई गई है। शहर में दो मोबाइल टीम कार्य कर रही है। इसमें एक को रेलवे स्टेशन और दोनों बस अड्डों पर जांच की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन मंगलवार को किसी भी स्थान पर कोई टीम नजर नहीं आई। रोडवेज बस अड्डे पर प्रतिदिन 50 से अधिक बसें दिल्ली से आवागमन कर रही हैं।
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अगर टीम द्वारा जांच नहीं की जा रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। टीम को जो स्थान पर जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं पर अग्रिम आदेश तक नियमित जांच करवाने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की अन्य स्थानों पर जांच की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा निगरानी समितियों के माध्यम से भी जांच कराई जाएगी।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ