{"_id":"60aa9aab8ebc3e73e94c9f30","slug":"corona-bulandshahr-news-gbd2191725186","type":"story","status":"publish","title_hn":"रहस्यमयी बुखार से अब तक खानपुर में जा चुकी 80 से अधिक की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रहस्यमयी बुखार से अब तक खानपुर में जा चुकी 80 से अधिक की जान
विज्ञापन
रहस्यमयी बुखार से अब तक खानपुर में जा चुकी 80 से अधिक की जान
खानपुर। क्षेत्र के कई गांवों में बीते करीब एक माह में बुखार से 80 से अधिक ग्रामीण काल के गाल में समा चुके हैं। ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। वहीं कोरोना के कारण लोगों को अपनी जान की चिंता सता रही है। बीते एक माह में लगातार जिंदगियां दम तोड़ रही हैं।
खानपुर नगर सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में राहस्यमयी बुखार अपना कहर बरपा रहा हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते करीब एक माह में करीब 80 से अधिक लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए अपना जीवन हार चुके हैं। ग्रामीणों में कोरोना व बीते दिनों हुईं मौतों को लेकर खौफ का माहौल है। स्थानीय लोग डर के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों नेे लगातार जांच अभियान व गांव में सैनिटाइजेशन कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन अंजान बना हुआ है।
यह हैं समस्याएं
- खानपुर स्थित पीएचसी में नहीं हैं कोई चिकित्सक तैनात और न ही हो रही कोविड की जांच
- खानपुर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर ऊंचागांव में है एक सीएचसी
- सीएचसी में उपचार के लिए नहीं है कोई व्यवस्था, सिर्फ कोविड की होती है जांच
- बीमार मरीजों के पहुंचने पर कर दिया जाता है बुलंदशहर जिला अस्पताल रेफर
कस्बा क्षेत्र में इन लोगों की हुई है मौत
दिनेश कुमार, तुरसी, प्रेमवती, चरन सिंह, शांतिदेवी, चंद्रा, किशोर, कुंवरपाल, हरिओम, चंद्रकला, सोमदत्त, जगवती, भोता सिंह, भीम सिंह, राकेश शर्मा, बाबूराम, नानक चंद्र, बुद्धि सिंह, भौरो देवी, नजाकत, हरवती, बीधा, परवान, डॉ अमीचंद्र सिंह, राम सिंह, चंद्रभान सिंह, नानक सिंह
विज्ञापन
यहां भी हालत खराब
गांव का नाम मौत
कुंवरपुर 07
राजौर 09
कैलावन 18
परवाना 17
कनौना 14
दौलतपुर कला 18
बरहाना 07
इच्छावरी 14
नैथला 17
खेलिया कल्याणपुर 05
इलाना 20
बिलसूरी 08
इस्माइलपुर 08
सिरोधन 07
मूड़ाकरीमपुर 07
डिबाई नगर 20
गुलावठी क्षेत्र 94
बोले लोग
क्षेत्र में बुखार के मरीज प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इलाज के अभाव में ग्रामीणों में बीमारी के प्रति भय का माहौल बना हुआ है। गांव में प्रशासन को प्रतिदिन टेस्टिंग बढ़ानी होगी, जिससे प्रथम चरण में ही पीड़ित को इलाज मिल सके। - सूर्य प्रताप सिंह, ग्रामीण
सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं शुरू करनी चाहिए। बड़े स्तर पर कैंप लगाकर प्रत्येक व्यक्ति की जांच सुनिश्चित हो। सभी लोगों का उपचार कराना भी सुनिश्चित किया जाए। जिससे हो रही मौतों का सिलसिला रोका जा सके। - आकाश कुमार, ग्रामीण
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए नगर पंचायत को बाजारों व गलियों में सैनिटाइजेशन कराना चाहिए। साथ ही साफ सफाई में लगे सफाई कर्मियों की सुरक्षा के लिए भी कर्मियों को मास्क सैनिटाइजर व अन्य सुरक्षा उपकरण भी दी जानी चाहिए। - चमन गुप्ता, सभासद
गांव में कई स्थानों पर जलभराव व गंदगी जैसी गंभीर समस्या है, जिसके कारण संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहता है। संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक गांव की नालियों व गंदगी को साफ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए। - नानक सिंह कनौना, ग्रामीण
क्षेत्र के अधिकतम गांव में ग्रामीणों को जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक गांव में शत-प्रतिशत थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही है। - डा. पीयूष कुमार सीएचसी, ऊंचागांव
विज्ञापन
खानपुर। क्षेत्र के कई गांवों में बीते करीब एक माह में बुखार से 80 से अधिक ग्रामीण काल के गाल में समा चुके हैं। ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। वहीं कोरोना के कारण लोगों को अपनी जान की चिंता सता रही है। बीते एक माह में लगातार जिंदगियां दम तोड़ रही हैं।
खानपुर नगर सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में राहस्यमयी बुखार अपना कहर बरपा रहा हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते करीब एक माह में करीब 80 से अधिक लोग जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए अपना जीवन हार चुके हैं। ग्रामीणों में कोरोना व बीते दिनों हुईं मौतों को लेकर खौफ का माहौल है। स्थानीय लोग डर के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों नेे लगातार जांच अभियान व गांव में सैनिटाइजेशन कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन अंजान बना हुआ है।
विज्ञापन
यह हैं समस्याएं
- खानपुर स्थित पीएचसी में नहीं हैं कोई चिकित्सक तैनात और न ही हो रही कोविड की जांच
- खानपुर से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर ऊंचागांव में है एक सीएचसी
- सीएचसी में उपचार के लिए नहीं है कोई व्यवस्था, सिर्फ कोविड की होती है जांच
- बीमार मरीजों के पहुंचने पर कर दिया जाता है बुलंदशहर जिला अस्पताल रेफर
कस्बा क्षेत्र में इन लोगों की हुई है मौत
दिनेश कुमार, तुरसी, प्रेमवती, चरन सिंह, शांतिदेवी, चंद्रा, किशोर, कुंवरपाल, हरिओम, चंद्रकला, सोमदत्त, जगवती, भोता सिंह, भीम सिंह, राकेश शर्मा, बाबूराम, नानक चंद्र, बुद्धि सिंह, भौरो देवी, नजाकत, हरवती, बीधा, परवान, डॉ अमीचंद्र सिंह, राम सिंह, चंद्रभान सिंह, नानक सिंह
विज्ञापन
यहां भी हालत खराब
गांव का नाम मौत
कुंवरपुर 07
राजौर 09
कैलावन 18
परवाना 17
कनौना 14
दौलतपुर कला 18
बरहाना 07
इच्छावरी 14
नैथला 17
खेलिया कल्याणपुर 05
इलाना 20
बिलसूरी 08
इस्माइलपुर 08
सिरोधन 07
मूड़ाकरीमपुर 07
डिबाई नगर 20
गुलावठी क्षेत्र 94
बोले लोग
क्षेत्र में बुखार के मरीज प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इलाज के अभाव में ग्रामीणों में बीमारी के प्रति भय का माहौल बना हुआ है। गांव में प्रशासन को प्रतिदिन टेस्टिंग बढ़ानी होगी, जिससे प्रथम चरण में ही पीड़ित को इलाज मिल सके। - सूर्य प्रताप सिंह, ग्रामीण
सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं शुरू करनी चाहिए। बड़े स्तर पर कैंप लगाकर प्रत्येक व्यक्ति की जांच सुनिश्चित हो। सभी लोगों का उपचार कराना भी सुनिश्चित किया जाए। जिससे हो रही मौतों का सिलसिला रोका जा सके। - आकाश कुमार, ग्रामीण
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए नगर पंचायत को बाजारों व गलियों में सैनिटाइजेशन कराना चाहिए। साथ ही साफ सफाई में लगे सफाई कर्मियों की सुरक्षा के लिए भी कर्मियों को मास्क सैनिटाइजर व अन्य सुरक्षा उपकरण भी दी जानी चाहिए। - चमन गुप्ता, सभासद
गांव में कई स्थानों पर जलभराव व गंदगी जैसी गंभीर समस्या है, जिसके कारण संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहता है। संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रत्येक गांव की नालियों व गंदगी को साफ सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए। - नानक सिंह कनौना, ग्रामीण
क्षेत्र के अधिकतम गांव में ग्रामीणों को जीवन रक्षक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रत्येक गांव में शत-प्रतिशत थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही है। - डा. पीयूष कुमार सीएचसी, ऊंचागांव