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बैकफुट पर आए चकबंदी विरोधी
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Wed, 15 Jun 2016 10:47 PM IST
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जुटे किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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झाझर में चकबंदी के विरोध में धरने पर बैठे किसानों को समर्थन नहीं मिलने के कारण वह बैकफुट पर आ गए हैं। वहीं, ग्रामीण धरनारत किसानों को भूमाफियाओं के एजेंट बता रहे हैं।
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बता दें कि झाझर गांव में चार जून को चकबंदी प्रक्रिया के तहत पैमाइश शुरू की गई थी।
आठ जून को किसान नेता मनवीर तेवतिया अपने समर्थकों के साथ चकबंदी के विरोध में धरने पर बैठ गए थे। 10 जून से मनवीर तेवतिया सहित मास्टर ओम प्रकाश लोधी, चरण सिंह लोधी, हरीश चंद लोधी, प्रेम लोधी, महेशी देवी लोधी, अंजु लोधी, लक्ष्मी देवी लोधी अनशन पर बैठे हैं।
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चकबंदी के विरोध में समर्थन नहीं मिलने से अब धरने पर बैठे किसान बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। किसान नेता मनवीर तेवतिया का कहना है कि हम चकबंदी के विरोधी नही, बल्कि प्रक्रिया के विरोधी हैं। वहीं, चकबंदी को जनहित में बताते हुए झाझर के बहुत से ग्रामीण चकबंदी के समर्थन में उतर आए है। किसानों का कहना था कि जो लोग चकबंदी के विरोध में धरना दे रहे हैं वह भू माफियाओं के एजेंट है।
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समस्त चकबंदी अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। किसानों की समस्याओं को सुनकर उसका समाधान किया जाए। धरनारत लोगों से आपत्ति ली जा रही हैं, जिनका निस्तारण किया जाएगा। - अतुल कुमार, एसडीएम