{"_id":"688b99fc16bf53b0780dbf40","slug":"complainant-did-not-come-to-record-statement-investigation-in-limbo-bulandshahr-news-c-133-1-bul1004-138130-2025-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: बयान दर्ज कराने नहीं आए शिकायतकर्ता, जांच अधर में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: बयान दर्ज कराने नहीं आए शिकायतकर्ता, जांच अधर में
विज्ञापन
बुलंदशहर। ऊंचागांव सीएचसी पर तैनात बीपीएम मामले में बृहस्पतिवार को जांच टीम शिकायतकर्ताओं का बयान के लिए इंतजार करती रही लेकिन कोई भी बयान दर्ज कराने जांच टीम के पास नहीं पहुंचे। ऐसे में जांच पूरी नहीं हो सकी। सीएमओ ने 16 जुलाई को टीम गठित कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट मांगी थी।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं पूर्व इंटेलीजेंस अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने जनसुनवाई पोर्टल पर बीपीएम पर भ्रष्टाचार करने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने पर सीएमओ ने पहले 10 जुलाई को तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। टीम के असमर्थता जताने पर सीएमओ ने 16 जुलाई को नई कमेटी गठित कर सात दिन में रिपोर्ट मांगी है।
बीच में शिवरात्रि में व्यवस्तता के चलते जांच नहीं हो सकी। जांच टीम ने शिकायतकर्ता को बयान के लिए 29 जुलाई को बुलाया लेकिन शिकायतकर्ता बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। इसके बाद बृहस्पतिवार को वह सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो जांच टीम को बुलाया गया। जांच टीम के तीनों सदस्य करीब दो घंटे तक कार्यालय में शिकायतकर्ता के आने का इंतजार करते रहे। शिकायकर्ता के न आने पर अन्य कार्यों में जुट गए।
विज्ञापन
बीपीएम मामले की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया जा चुका है। टीम से सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई। अभी रिपोर्ट मिली नहीं है। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ
विज्ञापन
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं पूर्व इंटेलीजेंस अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने जनसुनवाई पोर्टल पर बीपीएम पर भ्रष्टाचार करने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने समेत अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने पर सीएमओ ने पहले 10 जुलाई को तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। टीम के असमर्थता जताने पर सीएमओ ने 16 जुलाई को नई कमेटी गठित कर सात दिन में रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
बीच में शिवरात्रि में व्यवस्तता के चलते जांच नहीं हो सकी। जांच टीम ने शिकायतकर्ता को बयान के लिए 29 जुलाई को बुलाया लेकिन शिकायतकर्ता बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। इसके बाद बृहस्पतिवार को वह सीएमओ कार्यालय पहुंचे तो जांच टीम को बुलाया गया। जांच टीम के तीनों सदस्य करीब दो घंटे तक कार्यालय में शिकायतकर्ता के आने का इंतजार करते रहे। शिकायकर्ता के न आने पर अन्य कार्यों में जुट गए।
विज्ञापन
बीपीएम मामले की तीन सदस्यीय टीम का गठन किया जा चुका है। टीम से सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई। अभी रिपोर्ट मिली नहीं है। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ