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अविवाहित शिक्षिकाओं को दी बच्चों की देखभाल की छुट्टी
बुलंदशहर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2016 11:53 PM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। जानकारी के मुताबिक पूर्व कार्यवाहक बीएसए से मिलीभगत कर एबीएसए ने 20-20 हजार रुपये में शिक्षिकाओं को सीसीएल (बाल्य देखभाल अवकाश) बांट दी।
चौकाने वाली बात यह है कि कई ऐसी शिक्षिकाओं ने बच्चों की देखभाल के नाम पर छुट्टी ली हैं, जो अविवाहित हैं। वहीं, मामला संज्ञान में आने पर सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
बता दें कि पूर्व कार्यवाहक बीएसए के कार्यकाल में प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाईस्कूलों में करीब 700 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इनमें महिला शिक्षकों की संख्या अधिक थी।
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जानकारी के मुताबिक महिला शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद छुट्टी लेने के लिए विभाग से संपर्क किया। इसका फायदा उठाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों ने कार्यवाहक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से सांठगांठ कर 20-20 हजार रुपये लेकर सीसीएल बांट दी।
जबकि, नियम यह है कि नियुक्ति के एक साल तक सीसीएल नहीं दी जा सकती है। मामले में चौकाने वाला तथ्य यह है कि जिन महिला शिक्षकों को सीसीएल दी गई है, उनमें अधिकतर अविवाहित हैं। विभाग में इस फर्जीवाड़े की चर्चा का बाजार गर्म है।
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चौकाने वाली बात यह है कि कई ऐसी शिक्षिकाओं ने बच्चों की देखभाल के नाम पर छुट्टी ली हैं, जो अविवाहित हैं। वहीं, मामला संज्ञान में आने पर सीडीओ ने जांच के आदेश दिए हैं।
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बता दें कि पूर्व कार्यवाहक बीएसए के कार्यकाल में प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर हाईस्कूलों में करीब 700 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इनमें महिला शिक्षकों की संख्या अधिक थी।
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जानकारी के मुताबिक महिला शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद छुट्टी लेने के लिए विभाग से संपर्क किया। इसका फायदा उठाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों ने कार्यवाहक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से सांठगांठ कर 20-20 हजार रुपये लेकर सीसीएल बांट दी।
जबकि, नियम यह है कि नियुक्ति के एक साल तक सीसीएल नहीं दी जा सकती है। मामले में चौकाने वाला तथ्य यह है कि जिन महिला शिक्षकों को सीसीएल दी गई है, उनमें अधिकतर अविवाहित हैं। विभाग में इस फर्जीवाड़े की चर्चा का बाजार गर्म है।