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लोन मैनेजर ने अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए लाभार्थी के चार लाख रुपये
सार
लोन मैनेजर ने अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए लाभार्थी के चार लाख रुपयेबुलंदशहर।मशीनों का चार लाख रुपये लोन मैनेजर ने अपने अकाउंट में ट्रांसफर करा दिया और उसे निकालकर खर्च भी कर दिया।इसके अलावा अन्य बैंकों के मैनेजर की भी जांच कराई जा रही है।
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विस्तार
लोन मैनेजर ने अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए लाभार्थी के चार लाख रुपये
बुलंदशहर। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत आटा चक्की लगवाने के नाम पर इंडियन बैंक गुलावठी के ब्रांच मैनेजर और लोन मैनेजर द्वारा बड़ा खेल करने का मामला सामने आया है। दोनों अधिकारियों ने मिलकर जिस फर्म से आटा चक्की की मशीनें खरीदी जानी थीं, उसके अकाउंट नंबर के स्थान पर लोन मैनेजर का अकाउंट नंबर फीड करा दिया। मशीनों का चार लाख रुपये लोन मैनेजर ने अपने अकाउंट में ट्रांसफर करा दिया और उसे निकालकर खर्च भी कर दिया। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी और लीड बैंक मैनेजर की जांच में मामला सही पाया गया है। अब आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव समकोला निवासी निशा पत्नी फिरेराम ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत खादी ग्रामोद्योग विभाग से आटा चक्की के लिए पांच लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया था। निशा ने अधिकारियों को बताया कि खादी ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों ने इंडियन बैंक गुलावठी के मैनेजर योगेश केवट और लोन मैनेजर सरफराज के पास भेजा था। वहां से सरफराज ने कोटेशन के लिए मै. चौधरी सेल्स कारपोरेशन मोतीबाग बुलंदशहर भेज दिया। 17 जुलाई 2022 को फर्म मालिक ने दो-दो लाख रुपये की दो कोटेशन मशीन के लिए बनाकर दे दीं। कोटेशन लेकर बैंक वापस गईं तो बैंक मैनेजर योगेश केवट और लोन मैनेजर सरफराज ने आटा चक्की उद्योग के स्थापना के लिए पांच लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। इसके बाद लोन मैनेजर सरफराज ने एक लाख रुपये की मांग की। जब रुपये देने में असमर्थता जताई तो सरफराज ने कहा कि वह लोन कराने के बाद निशा के खाते से एक लाख रुपये ले लेंगे। निशा ने बताया कि 26 अगस्त को सरफराज ने कहा कि आपका लोन हो गया है। आप चौधरी सेल्स कारपोरेशन से जाकर मशीनें प्राप्त कर लो। जब मशीन लेने के लिए फर्म पर पहुंची तो उसने बिना रुपये दिए मशीन देने से इनकार कर दिया। जब उसके पति फिरेराम ने बैंक प्रबंधक और लोन प्रबंधक की शिकायत अधिकारियों से करने की बात कही तो आरोपी ने 26 अगस्त की शाम उनके घर पहुंचकर 2.20 लाख रुपये की नकदी उन्हें दे दी, लेकिन अभी तक 1.80 लाख रुपये नहीं दिए गए हैं।
ऐसे खुला मामला
निशा ने गुलावठी थाने में तहरीर दी थी। थाने से खादी ग्रामोद्योग कार्यालय के लिए जांच टीम पहुंची। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संजय श्रीवास्तव, लीड बैंक मैनेजर अभिषेक गुप्ता ने पूरे प्रकरण की जांच की। अधिकारियों की जांच में मामला सही पाया गया है। अधिकारियों ने सीडीओ को रिपोर्ट दी है कि बैंक मैनेजर न मिलकर लाभार्थी के स्थान पर अपना अकाउंट नंबर फीड किया है। जबकि चौधरी सेल्स कारपोरेशन का अकाउंट नंबर फीड करना था।
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दोनों के खातों की जांच शुरू
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक पांडेय ने इंडियन बैंक के ब्रांच मैनेजर योगेश केवट और लोन मैनेजर सरफराज के अकाउंट की जांच शुरू कराई है। बताया कि जांच में भी कुछ ट्रांजेक्शन संदिग्ध पाई गई हैं। इसके अलावा अन्य बैंकों के मैनेजर की भी जांच कराई जा रही है। सीडीओ ने लोन लेने वाले लोगों से अपील की है कि लोन दिलाने के नाम पर किसी से बैंक के अधिकारियों ने पैसे लिए हैं तो विकास भवन स्थित कार्यालय में मिलकर शिकायत कर सकते हैं।
पीड़िता निशा की मेरे पास शिकायत आई थी। उसके आधार पर जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी और एलडीएम से पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में दोनों बैंक मैनेजर का खेल सामने आया है। गुलावठी थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है। - अभिषेक पांडेय, सीडीओ
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बुलंदशहर। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत आटा चक्की लगवाने के नाम पर इंडियन बैंक गुलावठी के ब्रांच मैनेजर और लोन मैनेजर द्वारा बड़ा खेल करने का मामला सामने आया है। दोनों अधिकारियों ने मिलकर जिस फर्म से आटा चक्की की मशीनें खरीदी जानी थीं, उसके अकाउंट नंबर के स्थान पर लोन मैनेजर का अकाउंट नंबर फीड करा दिया। मशीनों का चार लाख रुपये लोन मैनेजर ने अपने अकाउंट में ट्रांसफर करा दिया और उसे निकालकर खर्च भी कर दिया। जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी और लीड बैंक मैनेजर की जांच में मामला सही पाया गया है। अब आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
गुलावठी थाना क्षेत्र के गांव समकोला निवासी निशा पत्नी फिरेराम ने मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अंतर्गत खादी ग्रामोद्योग विभाग से आटा चक्की के लिए पांच लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया था। निशा ने अधिकारियों को बताया कि खादी ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों ने इंडियन बैंक गुलावठी के मैनेजर योगेश केवट और लोन मैनेजर सरफराज के पास भेजा था। वहां से सरफराज ने कोटेशन के लिए मै. चौधरी सेल्स कारपोरेशन मोतीबाग बुलंदशहर भेज दिया। 17 जुलाई 2022 को फर्म मालिक ने दो-दो लाख रुपये की दो कोटेशन मशीन के लिए बनाकर दे दीं। कोटेशन लेकर बैंक वापस गईं तो बैंक मैनेजर योगेश केवट और लोन मैनेजर सरफराज ने आटा चक्की उद्योग के स्थापना के लिए पांच लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। इसके बाद लोन मैनेजर सरफराज ने एक लाख रुपये की मांग की। जब रुपये देने में असमर्थता जताई तो सरफराज ने कहा कि वह लोन कराने के बाद निशा के खाते से एक लाख रुपये ले लेंगे। निशा ने बताया कि 26 अगस्त को सरफराज ने कहा कि आपका लोन हो गया है। आप चौधरी सेल्स कारपोरेशन से जाकर मशीनें प्राप्त कर लो। जब मशीन लेने के लिए फर्म पर पहुंची तो उसने बिना रुपये दिए मशीन देने से इनकार कर दिया। जब उसके पति फिरेराम ने बैंक प्रबंधक और लोन प्रबंधक की शिकायत अधिकारियों से करने की बात कही तो आरोपी ने 26 अगस्त की शाम उनके घर पहुंचकर 2.20 लाख रुपये की नकदी उन्हें दे दी, लेकिन अभी तक 1.80 लाख रुपये नहीं दिए गए हैं।
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ऐसे खुला मामला
निशा ने गुलावठी थाने में तहरीर दी थी। थाने से खादी ग्रामोद्योग कार्यालय के लिए जांच टीम पहुंची। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संजय श्रीवास्तव, लीड बैंक मैनेजर अभिषेक गुप्ता ने पूरे प्रकरण की जांच की। अधिकारियों की जांच में मामला सही पाया गया है। अधिकारियों ने सीडीओ को रिपोर्ट दी है कि बैंक मैनेजर न मिलकर लाभार्थी के स्थान पर अपना अकाउंट नंबर फीड किया है। जबकि चौधरी सेल्स कारपोरेशन का अकाउंट नंबर फीड करना था।
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दोनों के खातों की जांच शुरू
मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक पांडेय ने इंडियन बैंक के ब्रांच मैनेजर योगेश केवट और लोन मैनेजर सरफराज के अकाउंट की जांच शुरू कराई है। बताया कि जांच में भी कुछ ट्रांजेक्शन संदिग्ध पाई गई हैं। इसके अलावा अन्य बैंकों के मैनेजर की भी जांच कराई जा रही है। सीडीओ ने लोन लेने वाले लोगों से अपील की है कि लोन दिलाने के नाम पर किसी से बैंक के अधिकारियों ने पैसे लिए हैं तो विकास भवन स्थित कार्यालय में मिलकर शिकायत कर सकते हैं।
पीड़िता निशा की मेरे पास शिकायत आई थी। उसके आधार पर जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी और एलडीएम से पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में दोनों बैंक मैनेजर का खेल सामने आया है। गुलावठी थाने में दोनों के खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है। - अभिषेक पांडेय, सीडीओ