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सीए, इंजीनियर, अर्थशास्त्री बनना चाहते हैं मेधावी
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बुलंदशहर। रिजल्ट निकलने के बाद डीपीएस में मेधावी छात्र-छात्राएं प्रधानाचार्य के साथ।
- फोटो : BULANDSHAHR
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सीए, इंजीनियर, अर्थशास्त्री बनना चाहते हैं मेधावी
बुलंदशहर। सीबीएसई 10वीं के मेधावी सीए, इंजीनियर और अर्थशास्त्री बनना चाहते हैं। अच्छे अंक लाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ही घर पर अलग से भी पढ़ाई की। उनका कहना है कि परीक्षा होती तो भी इतने ही अंक प्राप्त होते। वह खेलों में रुचि रखने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हैं।
बोले छात्र-छात्राएं
पापा का सपना करूंगा साकार : प्रियांशु मित्तल
10वीं की परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक पाने वाले प्रियांशु मित्तल अपने पापा का सपना साकार करना चाहते हैं। प्रियांशु बताते हैं कि उनके पिता नीरज कुमार की कई साल पहले मौत हो गई थी। वह प्रियांशु को इंजीनियर बनाना चाहते थे। पिता के इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। परीक्षा होती तो इतने ही नंबर आते। परीक्षा न होने का उन्हें मलाल है। प्रियांशु की मां मीनाक्षी मित्तल प्राइवेट टीचर हैं। उनका एक छोटा भाई है। नुमाइश ग्राउंड के पास वह परिवार के साथ रहते हैं।
अर्थशास्त्री बनना है सपना : सुरभि गोविल
सभी पांच विषयों में 100 में से 100 अंक पाने वाली छात्रा सुरभि गोविल खुर्जा की रहने वाली हैं। उनके पिता दीपक गोविल बिजनेसमैन हैं। माता नेहा गोविल गृहिणि हैं। सुरभि अर्थशास्त्री बनकर देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह चार से पांच घंटे नियमित पढ़ाई करती हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करती हैं। उन्हें बैंडमिंटन खेलने और अर्थशास्त्र से संबंधित किताबें पढ़ने का शौक है।
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सीए बनना है लक्ष्य : नव्या बंसल
छात्रा नव्या बंसल का लक्ष्य सीए बनना है। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही हैं। नव्या कहती हैं कि यदि परीक्षा होती तो भी इतने ही अंक प्राप्त होते। अच्छे नंबर लाने के लिए उन्होंने नियमित रूप से छह घंटे पढ़ाई की है। नव्या खुर्जा की रहने वाली हैं। उनके पिता अमित बंसल एडवोकेट हैं और माता निकिता बंसल गृहिणि हैं। नव्या ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उन्हें किताबें पढ़ना पसंद है।
इंजीनियर बन करूंगी देश की सेवा : दिव्या
नगर निवासी मेधावी छात्रा दिव्या बंसल इंजीनियर बनना चाहती हैं। ऑनलाइन क्लास के बाद उन्होंने नियमित रूप से करीब पांच घंटे अलग से पढ़ाई की। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल का प्रयोग करती हैं। इंजीनियर बनकर देश सेवा और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती हैं। इनके पिता आकाश बंसल केमिस्ट और मां पूजा बंसल गृहिणि हैं। दिव्या को मैथ सब्जेक्ट ज्यादा पसंद है। इसकी तैयारी के लिए उन्होंने अलग से समय दिया।
इंजीनियर बनने का है सपना : हार्दिक
छात्र हार्दिक अग्रवाल नगर के राजेबाबू रोड पर रहते हैं। उनके पिता मोहित अग्रवाल और माता शिल्पी अग्रवाल बिजनेसमैन हैं। हार्दिक ने बताया कि अच्छे नंबर लाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन क्लास के साथ ही अलग से भी पढ़ाई जारी रखी। हार्दिक को भी परीक्षा न होने का मलाल है। उनका कहना है कि परीक्षा देकर अच्छे नंबर आते तो और ही बात होती। हार्दिक व्हाट्सएप का प्रयोग करते हैं। उनका सपना इंजीनियर बनना है।
एनडीए में जाना है लक्ष्य : कुमार विश्वास
विद्यालय ज्ञान स्कूल के छात्र कुमार विश्वास सिंह एनडीए में जाना चाहते हैं। मूल रूप से जनपद गाजीपुर के गांव सिंगेरा निवासी कुमार ने बताया कि उनके पिता जनार्दन सिंह प्राइवेट शिक्षक और माता संध्या सिंह गृहिणि हैं। परिवार में उसका एक छोटा भाई भी है। बचपन से उनका सपना एनडीए में जाना है। वह ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ही मोबाइल का प्रयोग करते हैं। सुबह तीन बजे उठकर पढ़ाई के साथ अन्य काम करते हैं। रात के समय जल्द सो जाते हैं।
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बुलंदशहर। सीबीएसई 10वीं के मेधावी सीए, इंजीनियर और अर्थशास्त्री बनना चाहते हैं। अच्छे अंक लाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ही घर पर अलग से भी पढ़ाई की। उनका कहना है कि परीक्षा होती तो भी इतने ही अंक प्राप्त होते। वह खेलों में रुचि रखने के साथ ही सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हैं।
बोले छात्र-छात्राएं
पापा का सपना करूंगा साकार : प्रियांशु मित्तल
10वीं की परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक पाने वाले प्रियांशु मित्तल अपने पापा का सपना साकार करना चाहते हैं। प्रियांशु बताते हैं कि उनके पिता नीरज कुमार की कई साल पहले मौत हो गई थी। वह प्रियांशु को इंजीनियर बनाना चाहते थे। पिता के इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। परीक्षा होती तो इतने ही नंबर आते। परीक्षा न होने का उन्हें मलाल है। प्रियांशु की मां मीनाक्षी मित्तल प्राइवेट टीचर हैं। उनका एक छोटा भाई है। नुमाइश ग्राउंड के पास वह परिवार के साथ रहते हैं।
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अर्थशास्त्री बनना है सपना : सुरभि गोविल
सभी पांच विषयों में 100 में से 100 अंक पाने वाली छात्रा सुरभि गोविल खुर्जा की रहने वाली हैं। उनके पिता दीपक गोविल बिजनेसमैन हैं। माता नेहा गोविल गृहिणि हैं। सुरभि अर्थशास्त्री बनकर देश का नाम रोशन करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह चार से पांच घंटे नियमित पढ़ाई करती हैं। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करती हैं। उन्हें बैंडमिंटन खेलने और अर्थशास्त्र से संबंधित किताबें पढ़ने का शौक है।
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सीए बनना है लक्ष्य : नव्या बंसल
छात्रा नव्या बंसल का लक्ष्य सीए बनना है। इसके लिए वह कड़ी मेहनत कर रही हैं। नव्या कहती हैं कि यदि परीक्षा होती तो भी इतने ही अंक प्राप्त होते। अच्छे नंबर लाने के लिए उन्होंने नियमित रूप से छह घंटे पढ़ाई की है। नव्या खुर्जा की रहने वाली हैं। उनके पिता अमित बंसल एडवोकेट हैं और माता निकिता बंसल गृहिणि हैं। नव्या ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उन्हें किताबें पढ़ना पसंद है।
इंजीनियर बन करूंगी देश की सेवा : दिव्या
नगर निवासी मेधावी छात्रा दिव्या बंसल इंजीनियर बनना चाहती हैं। ऑनलाइन क्लास के बाद उन्होंने नियमित रूप से करीब पांच घंटे अलग से पढ़ाई की। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल का प्रयोग करती हैं। इंजीनियर बनकर देश सेवा और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती हैं। इनके पिता आकाश बंसल केमिस्ट और मां पूजा बंसल गृहिणि हैं। दिव्या को मैथ सब्जेक्ट ज्यादा पसंद है। इसकी तैयारी के लिए उन्होंने अलग से समय दिया।
इंजीनियर बनने का है सपना : हार्दिक
छात्र हार्दिक अग्रवाल नगर के राजेबाबू रोड पर रहते हैं। उनके पिता मोहित अग्रवाल और माता शिल्पी अग्रवाल बिजनेसमैन हैं। हार्दिक ने बताया कि अच्छे नंबर लाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन क्लास के साथ ही अलग से भी पढ़ाई जारी रखी। हार्दिक को भी परीक्षा न होने का मलाल है। उनका कहना है कि परीक्षा देकर अच्छे नंबर आते तो और ही बात होती। हार्दिक व्हाट्सएप का प्रयोग करते हैं। उनका सपना इंजीनियर बनना है।
एनडीए में जाना है लक्ष्य : कुमार विश्वास
विद्यालय ज्ञान स्कूल के छात्र कुमार विश्वास सिंह एनडीए में जाना चाहते हैं। मूल रूप से जनपद गाजीपुर के गांव सिंगेरा निवासी कुमार ने बताया कि उनके पिता जनार्दन सिंह प्राइवेट शिक्षक और माता संध्या सिंह गृहिणि हैं। परिवार में उसका एक छोटा भाई भी है। बचपन से उनका सपना एनडीए में जाना है। वह ऑनलाइन पढ़ाई के लिए ही मोबाइल का प्रयोग करते हैं। सुबह तीन बजे उठकर पढ़ाई के साथ अन्य काम करते हैं। रात के समय जल्द सो जाते हैं।