{"_id":"61856f0c434c34305f176c64","slug":"cbse-exam-bulandshahr-news-gbd228885651","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीएसई : टर्म-1 परीक्षा, जल्दबाजी पड़ सकती है भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीएसई : टर्म-1 परीक्षा, जल्दबाजी पड़ सकती है भारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीएसई : टर्म-1 परीक्षा, जल्दबाजी पड़ सकती है भारी
बुलंदशहर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं और 12वीं के लिए अब दो बार प्री बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा। टर्म-1 की परीक्षा 15 नवंबर से शुरू हो रही है। परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। इसलिए जल्दबाजी में प्रश्न हल करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रश्न हल करने के बाद ही विकल्प चुनें।
सीबीएसई में अभी तक बोर्ड परीक्षार्थियों को केवल एक बार प्री बोर्ड देना होता था। प्री बोर्ड के एक महीने बाद बोर्ड की वार्षिक परीक्षा होती थी। इस बार बोर्ड परीक्षा को दो भागों में बांटा गया है। दोनों ही परीक्षाएं अलग-अलग हैं। टर्म-1 की परीक्षा वस्तुनिष्ठ और टर्म-2 की परीक्षा सैद्धांतिक प्रश्नों पर आधारित होगी। कोरोना के कारण दो सत्र से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं प्रभावित रही हैं। ऐसे में बोर्ड परीक्षार्थियों को लिखने का अभ्यास करवाना जरूरी है। परीक्षा में उत्तर कैसे लिखना है, समय की पाबंदी का ख्याल आदि का अभ्यास हो पाएगा। टर्म-2 की परीक्षा जनवरी या फरवरी माह में होगी।
ओएमआर शीट पर गलत दिया जवाब तो बॉक्स में दर्ज कर सकेंगे सही उत्तर
ओएमआर शीट में यदि किसी छात्र ने प्रश्न के चार विकल्प में से किसी गलत विकल्प को भर दिया और बाद में उसे सही करना है तो उसे काटकर इसके आगे बने बॉक्स में सही उत्तर लिखने का मौका दिया जा रहा है। विद्यार्थी एनसीईआरटी के साथ ही दूसरी वस्तुनिष्ठ की किताब से भी परीक्षा की तैयारी करें तो अच्छे नंबर मिलेंगे। टर्म-1 की परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। अब प्रश्न का सही जवाब देने पर ही अंक मिलेंगे। ऐसा नहीं होगा कि यदि एक प्रश्न पांच नंबर का है तो उसमें दो या तीन नंबर मिल जाएंगे।
विज्ञापन
- डॉ. एचएस वशिष्ठ, प्रधानाचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल
प्रश्न हल करने के बाद चुनें विकल्प
परीक्षा का पैटर्न बदलने के बाद बच्चों को बहुत ध्यानपूर्वक प्रश्न हल करने के बाद विकल्प को चुनना होगा। प्रश्न को हल करने में छात्र जल्दबाजी न करें। यदि ओएमआर शीट पर प्रश्न गलत हो गया है तो उसे सही करने का एक ही बार मौका दिया जाएगा। पहले उन्हीं प्रश्नों के उत्तर दें, जो समझ आ रहा हो। बाद में समय बचने पर उन प्रश्नों का उत्तर दें, जिनको हल करने में परेशानी आ रही है। - विशाल गुप्ता, गणित शिक्षक, डीपीएस।
किसी भी प्रश्न का उत्तर देने में छात्र घबराए नहीं, उसका पूरी तरह सोच-समझकर ही उत्तर दें। प्रश्न के उसी विकल्प को चुनें, जिसका उत्तर सही है। परीक्षा में अभी तक कक्षा में जो पढ़ाया गया है, उसी से संबंधित प्रश्न आएंगे। इनका सही उत्तर देने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दें। लिखने का अभ्यास जरूरी है। - अंजू तोमर, गणित शिक्षिका, संतोष इंटरनेशनल स्कूल।
परीक्षा का बदला पैटर्न आसान नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को अच्छी तरह रिवीजन के साथ प्रश्नों के सही उत्तर देने के लिए मेहनत करनी होगी। गणित की परीक्षा भी ओएमआर शीट पर होगी। विद्यार्थियाें को यदि किसी भी प्रश्न पर कोई शंका है तो वह संपर्क कर उसका समाधान करवा सकते हैं। - प्रभात शर्मा, गणित शिक्षक, रैनेसा स्कूल।
विज्ञापन
बुलंदशहर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 10वीं और 12वीं के लिए अब दो बार प्री बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा। टर्म-1 की परीक्षा 15 नवंबर से शुरू हो रही है। परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। इसलिए जल्दबाजी में प्रश्न हल करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रश्न हल करने के बाद ही विकल्प चुनें।
सीबीएसई में अभी तक बोर्ड परीक्षार्थियों को केवल एक बार प्री बोर्ड देना होता था। प्री बोर्ड के एक महीने बाद बोर्ड की वार्षिक परीक्षा होती थी। इस बार बोर्ड परीक्षा को दो भागों में बांटा गया है। दोनों ही परीक्षाएं अलग-अलग हैं। टर्म-1 की परीक्षा वस्तुनिष्ठ और टर्म-2 की परीक्षा सैद्धांतिक प्रश्नों पर आधारित होगी। कोरोना के कारण दो सत्र से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं प्रभावित रही हैं। ऐसे में बोर्ड परीक्षार्थियों को लिखने का अभ्यास करवाना जरूरी है। परीक्षा में उत्तर कैसे लिखना है, समय की पाबंदी का ख्याल आदि का अभ्यास हो पाएगा। टर्म-2 की परीक्षा जनवरी या फरवरी माह में होगी।
विज्ञापन
ओएमआर शीट पर गलत दिया जवाब तो बॉक्स में दर्ज कर सकेंगे सही उत्तर
ओएमआर शीट में यदि किसी छात्र ने प्रश्न के चार विकल्प में से किसी गलत विकल्प को भर दिया और बाद में उसे सही करना है तो उसे काटकर इसके आगे बने बॉक्स में सही उत्तर लिखने का मौका दिया जा रहा है। विद्यार्थी एनसीईआरटी के साथ ही दूसरी वस्तुनिष्ठ की किताब से भी परीक्षा की तैयारी करें तो अच्छे नंबर मिलेंगे। टर्म-1 की परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। अब प्रश्न का सही जवाब देने पर ही अंक मिलेंगे। ऐसा नहीं होगा कि यदि एक प्रश्न पांच नंबर का है तो उसमें दो या तीन नंबर मिल जाएंगे।
विज्ञापन
- डॉ. एचएस वशिष्ठ, प्रधानाचार्य, दिल्ली पब्लिक स्कूल
प्रश्न हल करने के बाद चुनें विकल्प
परीक्षा का पैटर्न बदलने के बाद बच्चों को बहुत ध्यानपूर्वक प्रश्न हल करने के बाद विकल्प को चुनना होगा। प्रश्न को हल करने में छात्र जल्दबाजी न करें। यदि ओएमआर शीट पर प्रश्न गलत हो गया है तो उसे सही करने का एक ही बार मौका दिया जाएगा। पहले उन्हीं प्रश्नों के उत्तर दें, जो समझ आ रहा हो। बाद में समय बचने पर उन प्रश्नों का उत्तर दें, जिनको हल करने में परेशानी आ रही है। - विशाल गुप्ता, गणित शिक्षक, डीपीएस।
किसी भी प्रश्न का उत्तर देने में छात्र घबराए नहीं, उसका पूरी तरह सोच-समझकर ही उत्तर दें। प्रश्न के उसी विकल्प को चुनें, जिसका उत्तर सही है। परीक्षा में अभी तक कक्षा में जो पढ़ाया गया है, उसी से संबंधित प्रश्न आएंगे। इनका सही उत्तर देने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दें। लिखने का अभ्यास जरूरी है। - अंजू तोमर, गणित शिक्षिका, संतोष इंटरनेशनल स्कूल।
परीक्षा का बदला पैटर्न आसान नहीं है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को अच्छी तरह रिवीजन के साथ प्रश्नों के सही उत्तर देने के लिए मेहनत करनी होगी। गणित की परीक्षा भी ओएमआर शीट पर होगी। विद्यार्थियाें को यदि किसी भी प्रश्न पर कोई शंका है तो वह संपर्क कर उसका समाधान करवा सकते हैं। - प्रभात शर्मा, गणित शिक्षक, रैनेसा स्कूल।