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प्रत्याशियों की संख्या जीत प्रतिशत का बिगाड़ सकती है ‘आंकड़ा’
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वोटिंग प्रतिशत बताएगा किसके सिर सजेगा जीत का ताज
बुलंदशहर। सदर विधानसभा सीट पर जैसे-जैसे मतदान की घड़ी करीब आ रही है, प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ रही है। हर प्रत्याशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने वोट बैंक को वोटिंग के दिन बूथ तक ले जाने की है। अबकी बार उम्मीदवारों की संख्या 18 है। इसलिए जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा जो अपने वोट बैंक में दूसरे प्रत्याशी को सेंध नहीं लगाने देगा और दूसरों के समर्थकों का दिल जीतेगा। प्रत्याशी अपने-अपने दलों के बड़े नेताओं की रैलियां कराने से लेकर घर-घर जाकर वोट मांगने तक हर मोर्चे पर किलेबंदी मेें जुटे हैं।
सदर विधानसभा सीट पर आगामी तीन नवंबर को उपचुनाव होना है। मैदान में विभिन्न दलों और निर्दलीय मिलाकर कुल 18 प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं। वर्ष 2017 में इस सीट पर हुए चुनावी आंकड़े बताते हैं कि वोट प्रतिशत का खेल मुख्य कड़ी साबित हुआ था। चुनाव आयोग आंकड़ों के मुताबिक सदर सीट पर गत चुनाव में कुल 64.27 प्रतिशत मतदान हुआ था। तब कुल सात प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। भाजपा के विजयी प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह सिरोही को कुल 45.82 फीसदी वोट मिले थे। जबकि, उनके प्रतिद्वंदी बसपा से चुनाव लड़े हाजी अलीम को 36.33 प्रतिशत मत मिले थे। सदर सीट पर वीरेंद्र सिंह सिरोही की जीत का अंतर 09.49 प्रतिशत रहा था। इस बार मैदान में कुल 18 प्रत्याशी हैं, जबकि गत चुनाव में कुल सात थे। अब देखना है कि तीन नवंबर को मतदान प्रतिशत कितना रहेगा और मतदाता किस प्रत्याशी पर अपना भरोसा अधिक जताते हैं।
गत विधानसभा चुनाव के आंकड़े
प्रत्याशी पार्टी कुल वोट कुल प्रतिशत
वीरेंद्र सिरोही भाजपा 1,11,538 45.82
हाजी अलीम बसपा 88,454 36.33
शुजात आलम सपा 24,119 9.91
गुड्डू पंडित रालोद 17216 7.07
मुस्तकीम आईएनडी 881 0.36
हुकुम सिंह आरजेएसएनपी 873 0.36
रूप सिंह आरकेएमपी 363 0.15
नोटा 1638 0.67
कुल सात प्रत्याशी 2,45,082 64.27
नोटा भी निभाएगा अहम भूमिका
चुनावी रण में नोटा अहम भूमिका निभा रहा है। यदि किसी वोटर को कोई प्रत्याशी पसंद नहीं आता है तो वह अपने मत का प्रयोग नोटा का बटन दबाकर करता है। बीते विस चुनाव में भी सदर सीट पर 1638 वोटर्स ने नोटा का बटन दबाया था। जो कि मतदान प्रतिशत में 0.67 प्रतिशत बैठता हैै। नोटा से भी कम तीन प्रत्याशियों को वोट मिले थे।
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बड़े चेहरों के सहारे जीत का गणित
सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी दल आंकड़ों के खेल में जुट गए हैं। अब तक तीन विशाल जनसभाएं हो चुकी हैं। जिनमें रालोद के मुखिया अजित सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर अपने-अपने प्रत्याशी के लिए वोट की अपील जनता से कर चुके हैं।
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बुलंदशहर। सदर विधानसभा सीट पर जैसे-जैसे मतदान की घड़ी करीब आ रही है, प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ रही है। हर प्रत्याशी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने वोट बैंक को वोटिंग के दिन बूथ तक ले जाने की है। अबकी बार उम्मीदवारों की संख्या 18 है। इसलिए जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा जो अपने वोट बैंक में दूसरे प्रत्याशी को सेंध नहीं लगाने देगा और दूसरों के समर्थकों का दिल जीतेगा। प्रत्याशी अपने-अपने दलों के बड़े नेताओं की रैलियां कराने से लेकर घर-घर जाकर वोट मांगने तक हर मोर्चे पर किलेबंदी मेें जुटे हैं।
सदर विधानसभा सीट पर आगामी तीन नवंबर को उपचुनाव होना है। मैदान में विभिन्न दलों और निर्दलीय मिलाकर कुल 18 प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं। वर्ष 2017 में इस सीट पर हुए चुनावी आंकड़े बताते हैं कि वोट प्रतिशत का खेल मुख्य कड़ी साबित हुआ था। चुनाव आयोग आंकड़ों के मुताबिक सदर सीट पर गत चुनाव में कुल 64.27 प्रतिशत मतदान हुआ था। तब कुल सात प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। भाजपा के विजयी प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह सिरोही को कुल 45.82 फीसदी वोट मिले थे। जबकि, उनके प्रतिद्वंदी बसपा से चुनाव लड़े हाजी अलीम को 36.33 प्रतिशत मत मिले थे। सदर सीट पर वीरेंद्र सिंह सिरोही की जीत का अंतर 09.49 प्रतिशत रहा था। इस बार मैदान में कुल 18 प्रत्याशी हैं, जबकि गत चुनाव में कुल सात थे। अब देखना है कि तीन नवंबर को मतदान प्रतिशत कितना रहेगा और मतदाता किस प्रत्याशी पर अपना भरोसा अधिक जताते हैं।
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गत विधानसभा चुनाव के आंकड़े
प्रत्याशी पार्टी कुल वोट कुल प्रतिशत
वीरेंद्र सिरोही भाजपा 1,11,538 45.82
हाजी अलीम बसपा 88,454 36.33
शुजात आलम सपा 24,119 9.91
गुड्डू पंडित रालोद 17216 7.07
मुस्तकीम आईएनडी 881 0.36
हुकुम सिंह आरजेएसएनपी 873 0.36
रूप सिंह आरकेएमपी 363 0.15
नोटा 1638 0.67
कुल सात प्रत्याशी 2,45,082 64.27
नोटा भी निभाएगा अहम भूमिका
चुनावी रण में नोटा अहम भूमिका निभा रहा है। यदि किसी वोटर को कोई प्रत्याशी पसंद नहीं आता है तो वह अपने मत का प्रयोग नोटा का बटन दबाकर करता है। बीते विस चुनाव में भी सदर सीट पर 1638 वोटर्स ने नोटा का बटन दबाया था। जो कि मतदान प्रतिशत में 0.67 प्रतिशत बैठता हैै। नोटा से भी कम तीन प्रत्याशियों को वोट मिले थे।
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बड़े चेहरों के सहारे जीत का गणित
सदर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में जीत हासिल करने के लिए सभी दल आंकड़ों के खेल में जुट गए हैं। अब तक तीन विशाल जनसभाएं हो चुकी हैं। जिनमें रालोद के मुखिया अजित सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर अपने-अपने प्रत्याशी के लिए वोट की अपील जनता से कर चुके हैं।