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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Bus driver's negligence took the lives of 11 people

Bulandshahar News: बस चालक की लापरवाही ने ले ली 11 लोगों की जान

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2024 10:34 PM IST
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बुलंदशहर। बस चालक की लापरवाही और तेज गति ने 11 लोगों की जान ले ली। 29 लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत जूझ रहे हैं। हादसा तब हुआ जब बस चालक दूसरे वाहन को ओवरटेक कर रहा था। सामने से वाहन दिखाई देने पर बस पहले पिकअप में सामने से टकराई और फिर उसका पिछला हिस्सा टकराया। जिससे ड्राइवर साइड की तरफ बैठे अधिकतर लोगों की मौत हो गई। घटनास्थल के हालात देखकर हर किसी की रूह कांप उठी। कई घायल पिकअप के पाइप पर लटके हुए थे। लोगों ने किसी तरह उन्हें उतारा।
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पिकअप में सवार घायल धर्मेंद्र ने बताया कि वह पिकअप में पीछे बैठे हुए थे। पिकअप सड़क किनारे बहुत धीरे चल रही थी। सामने से एक तेज रफ्तार बस आती दिखाई दी। इतनी देर में ही धमाका हो गया। धमाके के एक दो मिनट तक तो कुछ पता ही नहीं चला कि क्या हुआ। आंख खुली तो लोग इधर उधर दौड़ रहे थे। उनके साथ कई लोग सड़क पर तड़प रहे थे। रोने और चीख-पुकार की आवाजें सुनाई दे रही थीं। अधिकतर लोगों के शरीर से खून निकल रहा था। कुछ पिकअप के पाइप पर लटके हुए थे। धर्मेंद्र के पिता की मौत हो चुकी थी।
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घायलों को वहां मौजूद लोगों ने सड़क से उठाकर किनारे किया और पुलिस को सूचना दी। प्रत्यक्षदर्शी ओमपाल सिंह, महेंद्र सिंह, राजू, नरेंद्र सिंह ने बताया कि बस चालक बहुत तेजी से बस चला रहा था। चालक ने सलेमपुर चौराहे के पास भी बस की स्पीड को कम नहीं किया था। इसके 200 मीटर आगे हादसा हो गया।
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गांव से बुलाई थी पिकअप, 200 रुपये सवारी हुआ तय
अलीगढ़ के रायपुर खास अहेरिया नगला निवासी सचिन ने बताया कि हादसे में उनके दो भाई बाबू सिंह और गिरिराज सिंह की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि गांव निवासी अच्छेलाल ने दीपावाली पर पिकअप खरीदी थी। उन्होंने सभी से फोन करके कहा कि वह उन्हें रक्षाबंधन के त्योहार पर गाजियाबाद लेने आ जाएंगे। इसके लिए 200 रुपये प्रत्येक सवारी लेंगे। गांव के सभी लोग इसके लिए तैयार हो गए। उन्होंने बताया कि सभी के लिए इससे सुविधा भी हो जाती है। सचिन ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी को दोनों भाइयों के साथ भेज दिया। वह शाम को बाइक से गांव पहुंचते। उनका कहना था कि गांव के सभी लोग गाड़ी से नहीं आते तो शायद कुछ लोगों की जान बच जाती।

स्टेयरिंग में फंस गया बस चालक, क्रेन से निकाला
घाटना के बाद बस चालक कन्छिद शर्मा स्टेयरिंग के बीच में फंस गया। उसने काफी निकलने का प्रयास किया, लेकिन दोनों पैर स्टेयरिंग और सीट के बीच में फंसे होने के कारण वह नहीं निकल पाया। पुलिस ने क्रेन मंगाकर उसे निकाला। उसकी हालत भी खराब है।

कपड़े देखकर रो पड़े अशोक
एक माह की बच्ची देवी के घायल पिता अशोक के पास जब परिवार और अस्पताल के कर्मचारी पहचान के लिए बच्ची के कपड़े दिखाने पहुंचे तो अशोक चीख मारकर रोने लगे। उन्हें लगा कि बच्ची की मौत हो गई है। बच्ची का उपचार एसएनसीयू वार्ड में चल रहा था। परिवार और अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें समझाया और बच्ची के सही होने का फोटो दिखाया तब जाकर वह शांत हुए।
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