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दो दशक से बस के इंतजार में हैं ग्रामीण
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दो दशक से बस के इंतजार में हैं ग्रामीण
बुगरासी। बुगरासी- दौलतपुर मार्ग पर पिछले दो दशक से बंद बस सेवा आज तक बहाल नहीं हो पाई है। 12 किलोमीटर के इस रूट पर पड़ने वाले गांवों के ग्रामीण अपने गांव के लिए आज भी पैदल ही यात्रा करने को मजबूर हैं। बस सेवा नहीं होने के कारण शाम होते ही सड़क सुनसान नजर आने लगती है।
बुगरासी से दौलतपुर की दूरी मात्र 12 किलोमीटर है। दो दशक पूर्व दौलतपुर-जहांगीराबाद रूट की प्राइवेट बसों का संचालन होता था। इस दौरान यह सड़क कच्ची और ऊबड़-खाबड़ थी। बरसात के दिनों में सड़क में पानी भरा होने के कारण बसों का संचालन बंद हो जाता था और बरसात खत्म होने पर फिर से बसों का संचालन शुरू होता था। एक बार बस बंद हुई तो उसके बाद आज तक इस रूट पर बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि अब रूट पक्का और अच्छा हो गया है। इस रूट पर पड़ने वाले गांव बरहाना, चंदियाना, गेसपुर, किरयावली आदि सहित अनेक गांवों के ग्रामीणों को या तो पैदल यात्रा करनी पड़ती है या फिर निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा है। वैकल्पिक रूप से भी कोई वाहन सेवा उपलब्ध नहीं है। दिन में तो निजी वाहन दौड़ते रहते हैं लेकिन शाम होते ही यह रूट सुनसान नजर आने लगता है।
विद्यार्थियों और महिलाओं को होती है परेशानी
बुगरासी-दौलतपुर रूट पर पड़ने वाले अधिकांश गांव के विद्यार्थी पढ़ने के लिए कस्बे के इंटर कॉलेज में आते हैं। इस रूट पर बस सेवा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को पैदल या साइकिल से ही स्कूल आना-जाना पड़ता है। महिलाएं जब भी अपनी रिश्तेदारी में जाती हैं तो उन्हें निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है।
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जनप्रतिनिधि भी उदासीन
चुनाव के दौरान हर बार बुगरासी-स्याना रूट पर बसों का संचालन प्राथमिकता में रहता है लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं देता। बार-बार मांग के बाद भी इस ओर से जनप्रतिनिधि पूरी तरह से उदासीन बने हुए हैं।
ग्रामीणाें ने कहा
बुगरासी- दौलतपुर रूट पर पड़ने वाले गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान हैं और कृषि संबंधी सामान की खरीदारी के लिए कस्बे में आते हैं। इस रूट पर बसों की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को भारी परेशानी होती है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
शानू खान, समाजसेवी एवं किसान नेता
गांव-गांव तक बसों की सुविधा दी जानी चाहिए। बीजेपी सरकार में हर वर्ग परेशान है। सड़कों का निर्माण और मूलभूत सुविधाएं कांग्रेस सरकार में ही दी गई हैं। दो दशक से भी ज्यादा समय से बुगरासी-दौलतपुर रूट पर बस सेवा नहीं है। यह सरकार की विफलता तो है ही साथ ही ग्रामीण अंचल में सरकार की अनदेखी भी है।
डॉ. इदरीस, जिलाध्यक्ष कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा
बुगरासी-दौलतपुर रूट पर बसों के संचालन नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। त्योहार के दौरान इस रूट पर पड़ने वाले गांवों में बाहर से महिला आने से भी बचती हैं। बार-बार मांग के बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
- दीपक त्यागी, ग्रामीण
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बुगरासी। बुगरासी- दौलतपुर मार्ग पर पिछले दो दशक से बंद बस सेवा आज तक बहाल नहीं हो पाई है। 12 किलोमीटर के इस रूट पर पड़ने वाले गांवों के ग्रामीण अपने गांव के लिए आज भी पैदल ही यात्रा करने को मजबूर हैं। बस सेवा नहीं होने के कारण शाम होते ही सड़क सुनसान नजर आने लगती है।
बुगरासी से दौलतपुर की दूरी मात्र 12 किलोमीटर है। दो दशक पूर्व दौलतपुर-जहांगीराबाद रूट की प्राइवेट बसों का संचालन होता था। इस दौरान यह सड़क कच्ची और ऊबड़-खाबड़ थी। बरसात के दिनों में सड़क में पानी भरा होने के कारण बसों का संचालन बंद हो जाता था और बरसात खत्म होने पर फिर से बसों का संचालन शुरू होता था। एक बार बस बंद हुई तो उसके बाद आज तक इस रूट पर बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि अब रूट पक्का और अच्छा हो गया है। इस रूट पर पड़ने वाले गांव बरहाना, चंदियाना, गेसपुर, किरयावली आदि सहित अनेक गांवों के ग्रामीणों को या तो पैदल यात्रा करनी पड़ती है या फिर निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा है। वैकल्पिक रूप से भी कोई वाहन सेवा उपलब्ध नहीं है। दिन में तो निजी वाहन दौड़ते रहते हैं लेकिन शाम होते ही यह रूट सुनसान नजर आने लगता है।
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विद्यार्थियों और महिलाओं को होती है परेशानी
बुगरासी-दौलतपुर रूट पर पड़ने वाले अधिकांश गांव के विद्यार्थी पढ़ने के लिए कस्बे के इंटर कॉलेज में आते हैं। इस रूट पर बस सेवा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को पैदल या साइकिल से ही स्कूल आना-जाना पड़ता है। महिलाएं जब भी अपनी रिश्तेदारी में जाती हैं तो उन्हें निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है।
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जनप्रतिनिधि भी उदासीन
चुनाव के दौरान हर बार बुगरासी-स्याना रूट पर बसों का संचालन प्राथमिकता में रहता है लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं देता। बार-बार मांग के बाद भी इस ओर से जनप्रतिनिधि पूरी तरह से उदासीन बने हुए हैं।
ग्रामीणाें ने कहा
बुगरासी- दौलतपुर रूट पर पड़ने वाले गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान हैं और कृषि संबंधी सामान की खरीदारी के लिए कस्बे में आते हैं। इस रूट पर बसों की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों को भारी परेशानी होती है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
शानू खान, समाजसेवी एवं किसान नेता
गांव-गांव तक बसों की सुविधा दी जानी चाहिए। बीजेपी सरकार में हर वर्ग परेशान है। सड़कों का निर्माण और मूलभूत सुविधाएं कांग्रेस सरकार में ही दी गई हैं। दो दशक से भी ज्यादा समय से बुगरासी-दौलतपुर रूट पर बस सेवा नहीं है। यह सरकार की विफलता तो है ही साथ ही ग्रामीण अंचल में सरकार की अनदेखी भी है।
डॉ. इदरीस, जिलाध्यक्ष कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा
बुगरासी-दौलतपुर रूट पर बसों के संचालन नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। त्योहार के दौरान इस रूट पर पड़ने वाले गांवों में बाहर से महिला आने से भी बचती हैं। बार-बार मांग के बाद भी इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
- दीपक त्यागी, ग्रामीण