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पशुओं को चारा देने गई महिला को सांड़ ने पटककर मार डाला

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 05 Dec 2020 11:12 PM IST
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Bull attacked on women, died
स्याना क्षेत्र के गांव दहरा में सांड के हमले से महिला की मौत के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण। - फोटो : BULANDSHAHR
पशुओं को चारा देने गई महिला को सांड़ ने पटककर मार डाला
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स्याना। क्षेत्र के देहरा गांव स्थित अपने अहाते में शनिवार की शाम पशुओं को चारा देने गई महिला पर सांड़ ने हमला कर बुरी तरह जख्मी कर दिया। लहूलुहान जमीन पर पड़ी महिला की चीख-पुकार पर जब तक परिजन व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक उसकी मौत हो गई। लोगों ने किसी तरह सांड़ को वहां से भगाकर पुलिस को सूचित किया। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार, कोतवाल मौके पर पहुंचे तथा पूछताछ किए। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, महिला की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बताया जाता है कि शनिवार शाम ग्राम देहरा निवासी होशियार सिंह की पत्नी सिंगारी (55) गांव के बाहर बने अपने अहाते में पशुओं को चारा देने के लिए गई थीं। इसी दौरान सांड़ वहां पहुंच गया। सांड़ को पास आते देखकर सिंगारी देवी ने उसे भगाने की कोशिश की। वह कुछ समझ पातीं इससे पहले ही सांड़ ने उन पर हमला कर दिया और सींग से मारकर जमीन पर गिरा दिया। सिंगारी देवी ने संभलने की कोशिश की, लेकिन सांड़ ने अपनी सींग से लगातार कई बार हमला करते हुए उन्हें लहूलुहान कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास रहने वाले ग्रामीण मौके की तरफ दौड़ पड़े। शोर सुनकर परिजन भी पहुंच गए। सांड़ के प्राणघातक हमले से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। लोगों ने किसी तरह सांड़ को वहां से भगाया। उधर, सूचना पर तहसीलदार अमित कुमार, कोतवाल जेके सिंह मौके पर पहुंच गए। मौके पर जांच पड़ताल के बाद शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना की तहरीर मृतका के पति होशियार सिंह पुत्र कालीचरन ने दी है। उधर, महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। सभी का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं गांव के लोग दुखी परिजनों को सांत्वना देने में लगे रहे।
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शासनादेशों के अनुपालन में औपचारिकता पूर्ण होने पर मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- अमित कुमार, तहसीलदार स्याना।
घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष
गांव में छुट्टा घूम रहे पशुओं को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि छुट्टा पशुओं से हमेशा डर बना रहता है। झुंड के झुंड जगह-जगह छुट्टा गोवंश घूमते रहते हैं। ऐसे में कहीं आना-जाना भी मुश्किल हो जाता है। सरकार द्वारा गोशालाओं में पशुओं के रहने की घोषणाएं खोखली साबित हो रही हैं। सरकार द्वारा चाहें कितने ही दावे किये जा रहे हों, लेकिन व्यवहारिक तौर पर किसानों की फसलों को नष्ट किया जा रहा है। जंगलों में पशुओं के झुंड के झुंड इकट्ठा रहते हैं व पूरी फसलों को नष्ट करते चले जाते हैं। सबसे अधिक परेशानी का सामना सीमांत कृषकों को करना पड़ता है, जिनकी फसल नष्ट होने पर वे भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं।
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पूर्व में भी हो चुकी हैं घटनाएं
स्याना क्षेत्र में गोवंश के हमले से महिला की मौत का मामला नया नहीं है। इससे पूर्व भी कई बार छुट्टा गोवंशों के हमले से लोगों की मौत हो चुकी है। इसी वर्ष 1 मार्च को खानपुर क्षेत्र के गांव प्याना में गोवंश के हमले से किसान कृपाल सिंह की मौत हो गई थी। वहीं पिछले वर्ष सितंबर माह में अगौता क्षेत्र के गांव खंगावली में किसान ब्रह्मा सिंह की गोवंश के हमले के बाद मौत हो गई थी। वहीं पिछले वर्ष ही जरगवां निवासी प्रेम प्रकाश की गोवंश के हमले से मौत हो गई थी। पिछले वर्ष फरवरी माह में खुर्जा क्षेत्र के समसपुर में बीरेंद्र पर गोवंश ने हमला कर दिया था और उनकी मौत हो गई थी। गोवंशों के हमले की आए दिन घटनाएं हो रही हैं।
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