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थाना परिसर में घुसा सांड़, दरोगा को जमीन पर पटका
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थाना परिसर में घुसा सांड़, दरोगा को जमीन पर पटका
औरंगाबाद। थाना परिसर में रविवार शाम एक सांड़ अंदर घुस आया। जिसे थाने पर तैनात दरोगा मुनेंद्र ने बाहर भगाने की कोशिश की। जिस पर सांड़ ने दरोगा पर हमला करते हुए उन्हें उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गए। सीएचसी लखावटी में उनका उपचार चल रहा है।
रविवार शाम को एक सांड़ थाना परिसर में घुस आया। इस दौरान थाने पर तैनात दरोगा मुनेंद्र ने उसे देख लिया और उसे भगाने का प्रयास करने लगे। उन्होंने डंडे आदि से सांड़ को थाना परिसर से बाहर खदेड़ने की कोशिश की। लेकिन, उसे हटा न सके। इसी दौरान सांड़ ने दरोगा पर हमला कर दिया। उसने दरोगा को अपने सींग से उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिससे मुनेंद्र के सिर से खून बहने लगा। इसी दौरान वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच पहुंच गए। उन्होंने दरोगा को सांड़ से बचाया। साथ ही सांड को थाना परिसर से बाहर खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दरोगा को लेकर सीएचसी पहुंचे। जहां उनके सिर पर करीब आठ से दस टांके आए हैं। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट है। थाना प्रभारी ने बताया कि सांड़ ने दरोगा पर हमला कर घायल कर दिया है। उनके सिर में गंभीर चोट पहुंची है।
सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु
एक ओर प्रदेश सरकार की ओर से जिले में 154 गोशाला बनी हुई हैं। इनमें करीब 18 हजार पशु रह रहे हैं। लेकिन, इसके बावजूद जनपद की सड़कों पर आवारा पशुओं की भरमार है। यह पशु आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं तो किसानों की फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं। अभी तक शासन से लेकर प्रशासन तक आवारा पशुओं को गोशाला में भेजने के प्रबंध नहीं किए गए हैं। जबकि, शासन का आदेश है कि कोई आवारा पशु सड़कों पर न घूमें।
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पहले भी होते रहे हैं हादसे
औरंगाबाद थाने में दरोगा पर सांड द्वारा किया गया हमला पहला हादसा नहीं है। कुछ समय पूर्व पहासू थाना क्षेत्र में एक सांड ने व्यक्ति पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा ऊंचागांव, डिबाई, बुगरासी, स्याना, सिकंदराबाद, अरनियां, अनूपशहर और छतारी में भी आवारा पशुओं के हमलों में लोगों की जान गई हैं या फिर वह गंभीर रुप से घायल हुए हैं।
आवारा पशुओं को 100 दिन की कार्य योजना के तहत पांच मई तक विशेष अभियान चलाकर गोशाला भेजा जा रहा है। जल्द ही लोगों को आवारा पशुओं से मुक्ति मिल जाएगी।
- डॉ. अनिल कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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औरंगाबाद। थाना परिसर में रविवार शाम एक सांड़ अंदर घुस आया। जिसे थाने पर तैनात दरोगा मुनेंद्र ने बाहर भगाने की कोशिश की। जिस पर सांड़ ने दरोगा पर हमला करते हुए उन्हें उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गए। सीएचसी लखावटी में उनका उपचार चल रहा है।
रविवार शाम को एक सांड़ थाना परिसर में घुस आया। इस दौरान थाने पर तैनात दरोगा मुनेंद्र ने उसे देख लिया और उसे भगाने का प्रयास करने लगे। उन्होंने डंडे आदि से सांड़ को थाना परिसर से बाहर खदेड़ने की कोशिश की। लेकिन, उसे हटा न सके। इसी दौरान सांड़ ने दरोगा पर हमला कर दिया। उसने दरोगा को अपने सींग से उठाकर जमीन पर पटक दिया। जिससे मुनेंद्र के सिर से खून बहने लगा। इसी दौरान वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच पहुंच गए। उन्होंने दरोगा को सांड़ से बचाया। साथ ही सांड को थाना परिसर से बाहर खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिसकर्मी दरोगा को लेकर सीएचसी पहुंचे। जहां उनके सिर पर करीब आठ से दस टांके आए हैं। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोट है। थाना प्रभारी ने बताया कि सांड़ ने दरोगा पर हमला कर घायल कर दिया है। उनके सिर में गंभीर चोट पहुंची है।
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सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु
एक ओर प्रदेश सरकार की ओर से जिले में 154 गोशाला बनी हुई हैं। इनमें करीब 18 हजार पशु रह रहे हैं। लेकिन, इसके बावजूद जनपद की सड़कों पर आवारा पशुओं की भरमार है। यह पशु आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं तो किसानों की फसलों को भी बर्बाद कर रहे हैं। अभी तक शासन से लेकर प्रशासन तक आवारा पशुओं को गोशाला में भेजने के प्रबंध नहीं किए गए हैं। जबकि, शासन का आदेश है कि कोई आवारा पशु सड़कों पर न घूमें।
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पहले भी होते रहे हैं हादसे
औरंगाबाद थाने में दरोगा पर सांड द्वारा किया गया हमला पहला हादसा नहीं है। कुछ समय पूर्व पहासू थाना क्षेत्र में एक सांड ने व्यक्ति पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। इसके अलावा ऊंचागांव, डिबाई, बुगरासी, स्याना, सिकंदराबाद, अरनियां, अनूपशहर और छतारी में भी आवारा पशुओं के हमलों में लोगों की जान गई हैं या फिर वह गंभीर रुप से घायल हुए हैं।
आवारा पशुओं को 100 दिन की कार्य योजना के तहत पांच मई तक विशेष अभियान चलाकर गोशाला भेजा जा रहा है। जल्द ही लोगों को आवारा पशुओं से मुक्ति मिल जाएगी।
- डॉ. अनिल कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी