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देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा बुलंदशहर
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देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा बुलंदशहर
बुलंदशहर। दिवाली से पूर्व ही जिले का एक्यूआई लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को देश के सबसे प्रदूषित 131 शहरों में बुलंदशहर दूसरे स्थान पर रहा। जनपद का एक्यूआई 331 रहने रहा। गाजियाबाद जिले का एक्यूआई सर्वाधिक 363 मापा गया। दो दिन बाद दिवाली पर आतिशबाजी होने से एक्यूआई में और बढ़ोत्तरी हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की हवा प्रतिदिन खतरनाक होती जा रही है। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने, डीजल वाहनों से धुंआ निकलने और निर्माण गतिविधियों के कारण उड़ती धूल के गुबार के साथ सड़कों पर फैली धूल भी प्रदूषण की वजह है। इसके अलावा जिले में जलाए जा रहे कूड़े पर लगाम न लगने के कारण भी वायु प्रदूषण का स्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। चिकित्सक लोगों से घर से बाहर निकलने के दौरान मास्क व आंखों पर चश्मा पहनने की सलाह दे रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सोमवार की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक बुलंदशहर का एक्यूआई 331 रहा। सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार यूपी में खासकर एनसीआर क्षेत्र से जुड़े हुए सभी बड़े शहर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं। देश के आठ सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से छह यूपी के हैं। सोमवार को गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में टॉप पर रहा। जबकि पड़ोसी जिले बागपत, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, हापुड़, मेरठ और दिल्ली का का एक्यूआई 300 के करीब रहा।
हवा स्थिर होने से नहीं छंट पा रहे हैं धूल के कण
वैज्ञानिकों की मानें तो मौसम में बदलाव और स्थिर हुई हवा ने प्रदेश को वायु प्रदूषण और स्मॉग/धुंध की चपेट में ला दिया है। हवा के स्थिर होने (एयर लॉक) से प्रदूषण बढ़ाने वाले धूल व हानिकारक गैसों के कण छंट नहीं पा रहे हैं। इससे हानिकारक कण हवा में बने हुए हैं।
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बुलंदशहर। दिवाली से पूर्व ही जिले का एक्यूआई लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को देश के सबसे प्रदूषित 131 शहरों में बुलंदशहर दूसरे स्थान पर रहा। जनपद का एक्यूआई 331 रहने रहा। गाजियाबाद जिले का एक्यूआई सर्वाधिक 363 मापा गया। दो दिन बाद दिवाली पर आतिशबाजी होने से एक्यूआई में और बढ़ोत्तरी हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की हवा प्रतिदिन खतरनाक होती जा रही है। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने, डीजल वाहनों से धुंआ निकलने और निर्माण गतिविधियों के कारण उड़ती धूल के गुबार के साथ सड़कों पर फैली धूल भी प्रदूषण की वजह है। इसके अलावा जिले में जलाए जा रहे कूड़े पर लगाम न लगने के कारण भी वायु प्रदूषण का स्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। चिकित्सक लोगों से घर से बाहर निकलने के दौरान मास्क व आंखों पर चश्मा पहनने की सलाह दे रहे हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सोमवार की एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक बुलंदशहर का एक्यूआई 331 रहा। सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार यूपी में खासकर एनसीआर क्षेत्र से जुड़े हुए सभी बड़े शहर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं। देश के आठ सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से छह यूपी के हैं। सोमवार को गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों में टॉप पर रहा। जबकि पड़ोसी जिले बागपत, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, हापुड़, मेरठ और दिल्ली का का एक्यूआई 300 के करीब रहा।
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हवा स्थिर होने से नहीं छंट पा रहे हैं धूल के कण
वैज्ञानिकों की मानें तो मौसम में बदलाव और स्थिर हुई हवा ने प्रदेश को वायु प्रदूषण और स्मॉग/धुंध की चपेट में ला दिया है। हवा के स्थिर होने (एयर लॉक) से प्रदूषण बढ़ाने वाले धूल व हानिकारक गैसों के कण छंट नहीं पा रहे हैं। इससे हानिकारक कण हवा में बने हुए हैं।
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