बुलंदशहर ने रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान: 1,94,228 लोगों ने एक साथ गाया वंदे मातरम्, एचबीआर के रिकॉर्ड में नाम दर्ज
जनपद के 1,888 विद्यालयों में एक ही समय पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया, जिसने पूरे प्रदेश में बुलंदशहर को विशिष्ट पहचान दिलाई।
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बुलंदशहर जनपद ने एक साथ वंदे मातरम् गाकर देशभर में अपना परचम लहराते हुए एक नया इतिहास रचा है। हिंदुस्तान बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (एचबीआर) ने यहां की डीएम श्रुति और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया है। यह सम्मान एक ही दिन में आयोजित राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के सबसे बड़े सामूहिक गायन कार्यक्रम के सफल, अनुशासित और प्रेरणादायक आयोजन के लिए दिया गया है।
हर घर तिरंगा अभियान के तहत 13 अगस्त 2025 को बेसिक शिक्षा विभाग की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में अभूतपूर्व जनभागीदारी देखने को मिली थी। जनपद के 1,888 विद्यालयों में एक ही समय पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया, जिसने पूरे प्रदेश में बुलंदशहर को विशिष्ट पहचान दिलाई। रिकॉर्ड बनाने वाले इस ऐतिहासिक क्षण में कुल 1,94,228 प्रतिभागियों ने एक स्वर में राष्ट्रीय गीत गाकर देशभक्ति का संदेश दिया।
इस दौरान 1,80,984 छात्र, 10,217 शिक्षक और 3,027 अभिभावक मौजूद रहे थे। डीएम ने इस उपलब्धि को राष्ट्रीय गौरव, एकता और जनसहभागिता का सर्वोत्तम उदाहरण बताया है। वहीं, इसी के चलते हिंदुस्तान बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने इसे आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड में दर्ज किया है। रिकॉर्ड संस्था ने कहा कि यह आयोजन देश के लिए एक प्रेरक मिसाल बन गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता का श्रेय सीधे तौर पर डीएम श्रुति की दूरदर्शिता, सूझबूझ और प्रभावी नेतृत्व क्षमता को जाता है, जिसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग, सभी विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों को एकजुट किया गया।
यह उपलब्धि न केवल जिले की प्रशासनिक दक्षता को प्रमाणित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब जनपद एकजुट होकर कार्य करता है, तो विश्वस्तरीय उपलब्धियां भी संभव हैं। डीएम ने कहा कि यह सम्मान पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है और यह रिकॉर्ड आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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