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किसान आंदोलन सफल बनाने को सुखलालपुर में पंचायत
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किसान आंदोलन सफल बनाने को सुखलालपुर में पंचायत
सिकंदराबाद। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन को सफल बनाने के लिए तहसील क्षेत्र के गांव सुखलालपुर में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। अध्यक्षता चौधरी ब्रह्मपाल सिंह ने की। संचालन चौधरी चंद्रवीर तेवतिया ने किया। मुख्य अतिथि भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बब्बन चौधरी रहे।
पंचायत में जुटे किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई। किसानों ने कहा कि वह राकेश टिकैत की आंख से निकले हर आंसू का हिसाब लेंगे और भारतीय किसान यूनियन द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वक्ताओं ने गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में पहुंचकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि कृषि कानून पूरी तरह से किसान विरोधी है। कृषि कानूनों के जरिये देश के किसानों को उद्योग घरानों का गुलाम बनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं किसानों ने उनकी जमीन का अधिकार छीनकर उद्योगपतियों को दिए जाने की कोशिश है। कहा कि किसान अपनी भूमि किसी भी सूरत में उद्योगपतियों के हवाले नहीं करेगा। कहा कि कृषि कानूनों के जरिये मंडियों और एमएसपी को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। मंडियों, एमएसपी के समाप्त होने पर उद्योगपति किसानों की फसल को मनचाहे दामों पर खरीदेंगे और फिर मनचाहे दामों में बाजार में बेचेंगे। लोगों को महंगी दरों पर खाद्य वस्तु उपलब्ध कराई जाएगी। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा आम आदमी कर्ज के बोझ में दब जाएगा। जिससे उसकी स्थिति दयनीय हो जाएगी। कहा कि किसान अब आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। न्याय मिलने तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। पंचायत में निर्णय लिया गया कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व पर जो भी फैसला लिया जाएगा। किसान उसमें अपना पूरा योगदान देंगे। इस अवसर पर टीनू चौधरी, वेदपाल, देवेंद्र, ब्रह्म सिंह, दीपचंद, श्रीपाल, विशाल, शिवा, आकाश, डा. सौरभ, चीकू, गौरव, सिकंदर आदि मौजूद रहे।
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सिकंदराबाद। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन को सफल बनाने के लिए तहसील क्षेत्र के गांव सुखलालपुर में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। अध्यक्षता चौधरी ब्रह्मपाल सिंह ने की। संचालन चौधरी चंद्रवीर तेवतिया ने किया। मुख्य अतिथि भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बब्बन चौधरी रहे।
पंचायत में जुटे किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई। किसानों ने कहा कि वह राकेश टिकैत की आंख से निकले हर आंसू का हिसाब लेंगे और भारतीय किसान यूनियन द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वक्ताओं ने गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में पहुंचकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि कृषि कानून पूरी तरह से किसान विरोधी है। कृषि कानूनों के जरिये देश के किसानों को उद्योग घरानों का गुलाम बनाने की तैयारी की जा रही है। वहीं किसानों ने उनकी जमीन का अधिकार छीनकर उद्योगपतियों को दिए जाने की कोशिश है। कहा कि किसान अपनी भूमि किसी भी सूरत में उद्योगपतियों के हवाले नहीं करेगा। कहा कि कृषि कानूनों के जरिये मंडियों और एमएसपी को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। मंडियों, एमएसपी के समाप्त होने पर उद्योगपति किसानों की फसल को मनचाहे दामों पर खरीदेंगे और फिर मनचाहे दामों में बाजार में बेचेंगे। लोगों को महंगी दरों पर खाद्य वस्तु उपलब्ध कराई जाएगी। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा आम आदमी कर्ज के बोझ में दब जाएगा। जिससे उसकी स्थिति दयनीय हो जाएगी। कहा कि किसान अब आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। न्याय मिलने तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। पंचायत में निर्णय लिया गया कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व पर जो भी फैसला लिया जाएगा। किसान उसमें अपना पूरा योगदान देंगे। इस अवसर पर टीनू चौधरी, वेदपाल, देवेंद्र, ब्रह्म सिंह, दीपचंद, श्रीपाल, विशाल, शिवा, आकाश, डा. सौरभ, चीकू, गौरव, सिकंदर आदि मौजूद रहे।
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