UP: पति की हत्या के मामले में पत्नी व प्रेमी को उम्रकैद, कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाते हुए की सख्त टिप्पणी
अपर सत्र न्यायाधीश रेनू मिश्रा की कोर्ट ने आरोपी भूरा कुरैशी और नासरीन को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा और 12-12 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जबकि जयप्रकाश के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के चलते रिहा कर दिया।
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प्रेम संबंधों में बाधा बनने वाले पति की हत्या के मामले में कोर्ट ने पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश रेनू मिश्रा की कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाते हुए सख्त टिप्पणी की और कहा कि मृतक की पत्नी द्वारा किया गया अपराध अक्षम्य है। यदि आरोपी को कम सजा दी जाती है या छोड़ा जाता है तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केशव देव शर्मा व एडीजीसी विजय कुमार शर्मा ने बताया कि 13 अक्तूबर 2017 को गांव पंडरावल निवासी रसीद ने बताया कि उसका चचेरा भाई शाहबुद्दीन सात अक्टूबर से घर से लापता है। जब उसकी पत्नी नासरीन से पूछा तो उसने बताया कि सात अक्टूबर को वह आगरा जाने के लिए कहकर गया था। इसके बाद से कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके बाद 15 अक्टूबर को अलीगढ़ पुलिस द्वारा छतारी पुलिस को सूचना देकर बताया कि गांव सिकराना के पास काली नदी में एक शव बरामद हुआ है। मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की तो वह शाहबुद्दीन का शव निकला।
इसके बाद रसीद ने पुलिस को बताया कि शाहबुद्दीन की पत्नी नासरीन का चरित्र ठीक नहीं है। उसके भूरा कुरैशी नामक युवक से अवैध संबंध थे, जिसमें उसका भाई बाधा बन रहा था। आरोप लगाया कि दोनों ने ही उसके भाई की हत्या कराई है। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मामले में आरोपी और मृतक की पत्नी के प्रेमी भूरा कुरैशी, मृतक की पत्नी नासरीन और जयप्रकाश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। अब अपर सत्र न्यायाधीश रेनू मिश्रा की कोर्ट ने आरोपी भूरा कुरैशी और नासरीन को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा और 12-12 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जबकि जयप्रकाश के खिलाफ पर्याप्त सबूत न मिलने के चलते रिहा कर दिया।
डीजे पर डांस के दौरान हत्या के दोषी को उम्रकैद
वर्ष 2012 में डीजे पर डांस के दौरान युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में कोर्ट ने दोषी को उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वारदात के कुछ समय बाद ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विशेष लोक अभियोजक विपुल कुमार राघव ने बताया कि दिसंबर 2012 में खुर्जा क्षेत्र के गांव सनैता सफीपुर में डीजे पर डांस के दौरान नशे में धुत एक युवक ने गांव निवासी 19 वर्षीय टीकम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। आरोपी से तमंचा भी बरामद हुआ था। पूछताछ में उसने नशे में गोली चलने और टीकम की मौत की स्थिति भी स्वीकार की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसके बाद अब विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट यादवेंद्र सिंह की कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।