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लखनऊ प्रदर्शनी में जिले के किसानों को मिले पुरस्कार
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लखनऊ के राजभवन में लगी प्रर्दशनी में किसानों की स्टॉल पर फूल देखते लोग।
- फोटो : BULANDSHAHR
लखनऊ प्रदर्शनी में जिले के किसानों को मिले पुरस्कार
बुलंदशहर। लखनऊ स्थित राजभवन में आयोजित तीन दिवसीय प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में जिले के किसानों ने भी भागीदारी कर फल व सब्जी आदि की स्टॉल लगाए। यहां पर जिले की सब्जियों को खास पसंद किया गया। इसका नतीजा यह रहा कि इस प्रदर्शन में जिले को नौ पुरस्कार मिल चुके हैं। पुरस्कार के लिए चयनित किसानों को रविवार को पुरस्कृत किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि लखनऊ स्थित राजभवन में प्रत्येक वर्ष प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। इस प्रदर्शनी में प्रदेश भर के जिलों के किसानों द्वारा प्रदर्शित की जाने वाले फल, सब्जी और फूल आदि पर चयनित कर पुरस्कृत किया जाता है। इस बार तीन दिवसीय प्रदर्शनी की शुरूआत शुक्रवार से हुई। इसमें जिले के करीब 50 किसानों ने अपनी सब्जी आदि के स्टॉल लगाए। यहां पर जिले के किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर टमाटर, फूल गोभी, शिमला मिर्च और बिलायती गाजर आदि को शामिल किया, जिन्हें यहां पर काफी पसंद किया गया। इस पर जिले की सब्जियों पर नौ पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इनमें छह पुरस्कार प्रथम श्रेणी और चार पुरस्कार द्वितीय श्रेणी वाले शामिल हैं।
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इन किसानों की सब्जियों पर मिले पुरस्कार
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ में आयोजित प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में जिले के गांव सिकंदराबाद देहात निवासी किसान सागर देशवाल को बिलायती गाजर पर दो पुरस्कार मिले हैं। इनमें एक पुरस्कार प्रथम और दूसरा पुरस्कार द्वितीय श्रेणी का शामिल है। वहीं, खुर्जा क्षेत्र के गांव समसपुर निवासी किसान आनंद पोद्दार को छह पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार टमाटर, शिमला मिर्च रेड व येलो, चेरी टमेटो और यूरोपिन वेजीटेबल पर मिला है। इसी तरह शिकारपुर क्षेत्र के गांव हजरतपुर निवासी किसान अशोक कुमार को प्रदर्शन में फूल गोभी पर पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
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आंवले की चटनी को मिला पहला पुरस्कार
जिले के फल संरक्षण केंद्र द्वारा तैयार की गई आंवला की चटनी को भी इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया, जहां पर इस चटनी की खास चर्चा रही और इसे पहले पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। इस उपलब्धि पर फल संरक्षण केंद्र के अधिकारियों में खुशी की लहर है। बता दें कि फल संरक्षण केंद्र की ओर से अचार, मुरब्बा, चटनी आदि खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। साथ ही इनका प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि इन खाद्य पदार्थों को तैयार कर लोग अपना रोजगार चला सकें।
कोट =
किसानों को बराबर किया जाता है जागरूक
जिले के लिए यह खुशी की बात है कि लखनऊ स्थित राजभवन में चल रही प्रदर्शनी में नौ पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। पुरस्कार के लिए चयनित तीनों किसानों को रविवार प्रदर्शनी के समापन पर पुरस्कृत किया जाएगा। विभाग की तरफ से सब्जियों एवं फलों की बेहतर खेती के लिए किसानों को बराबर जागरूक किया जाता है।
- एनके सहानिया, जिला उद्यान अधिकारी।
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बुलंदशहर। लखनऊ स्थित राजभवन में आयोजित तीन दिवसीय प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में जिले के किसानों ने भी भागीदारी कर फल व सब्जी आदि की स्टॉल लगाए। यहां पर जिले की सब्जियों को खास पसंद किया गया। इसका नतीजा यह रहा कि इस प्रदर्शन में जिले को नौ पुरस्कार मिल चुके हैं। पुरस्कार के लिए चयनित किसानों को रविवार को पुरस्कृत किया जाएगा।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि लखनऊ स्थित राजभवन में प्रत्येक वर्ष प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। इस प्रदर्शनी में प्रदेश भर के जिलों के किसानों द्वारा प्रदर्शित की जाने वाले फल, सब्जी और फूल आदि पर चयनित कर पुरस्कृत किया जाता है। इस बार तीन दिवसीय प्रदर्शनी की शुरूआत शुक्रवार से हुई। इसमें जिले के करीब 50 किसानों ने अपनी सब्जी आदि के स्टॉल लगाए। यहां पर जिले के किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉल पर टमाटर, फूल गोभी, शिमला मिर्च और बिलायती गाजर आदि को शामिल किया, जिन्हें यहां पर काफी पसंद किया गया। इस पर जिले की सब्जियों पर नौ पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। इनमें छह पुरस्कार प्रथम श्रेणी और चार पुरस्कार द्वितीय श्रेणी वाले शामिल हैं।
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इन किसानों की सब्जियों पर मिले पुरस्कार
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ में आयोजित प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में जिले के गांव सिकंदराबाद देहात निवासी किसान सागर देशवाल को बिलायती गाजर पर दो पुरस्कार मिले हैं। इनमें एक पुरस्कार प्रथम और दूसरा पुरस्कार द्वितीय श्रेणी का शामिल है। वहीं, खुर्जा क्षेत्र के गांव समसपुर निवासी किसान आनंद पोद्दार को छह पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार टमाटर, शिमला मिर्च रेड व येलो, चेरी टमेटो और यूरोपिन वेजीटेबल पर मिला है। इसी तरह शिकारपुर क्षेत्र के गांव हजरतपुर निवासी किसान अशोक कुमार को प्रदर्शन में फूल गोभी पर पुरस्कार के लिए चयनित किया गया।
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आंवले की चटनी को मिला पहला पुरस्कार
जिले के फल संरक्षण केंद्र द्वारा तैयार की गई आंवला की चटनी को भी इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया, जहां पर इस चटनी की खास चर्चा रही और इसे पहले पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। इस उपलब्धि पर फल संरक्षण केंद्र के अधिकारियों में खुशी की लहर है। बता दें कि फल संरक्षण केंद्र की ओर से अचार, मुरब्बा, चटनी आदि खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। साथ ही इनका प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि इन खाद्य पदार्थों को तैयार कर लोग अपना रोजगार चला सकें।
कोट =
किसानों को बराबर किया जाता है जागरूक
जिले के लिए यह खुशी की बात है कि लखनऊ स्थित राजभवन में चल रही प्रदर्शनी में नौ पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। पुरस्कार के लिए चयनित तीनों किसानों को रविवार प्रदर्शनी के समापन पर पुरस्कृत किया जाएगा। विभाग की तरफ से सब्जियों एवं फलों की बेहतर खेती के लिए किसानों को बराबर जागरूक किया जाता है।
- एनके सहानिया, जिला उद्यान अधिकारी।