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14 हजार बच्चों को कुपोषण मुक्ति के लिए अधिकारी गोद लेंगे गांव
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14 हजार बच्चों को कुपोषण मुक्ति के लिए अधिकारी गोद लेंगे गांव
बुलंदशहर। जिले में कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए डीएम ने पहल की है। डीएम ने अपने स्तर से गांवों को गोद लेकर कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषित आहार देने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में जिले में कुल 14545 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं तो वहीं 3.13 लाख बच्चे स्वस्थ हैं।
कुपोषित बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शबरी संकल्प योजना के बंद होने के बाद अधिकारियों ने गांवों को गोद लिया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी। अब डीएम सीपी सिंह ने अपने स्तर से गांवों को गोद लेने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश बाल एवं पुष्टाहार विभाग के परियोजना निर्देशक हरिओम वाजपेयी को दिए हैं। पहले चरण में अति कुपोषित बच्चे वाले गांवों को चिन्हित करते हुए गोद लेने के निर्देश दिए। रिकॉर्ड के मुताबिक अभी तक जिले में कुल 14545 बच्चे कुपोषित हैं, इनमें से 4195 बच्चे लाल श्रेणी और 11350 बच्चे पीली श्रेणी में हैं। हालांकि राहत की बात है कि पूरी तरह से स्वस्थ बच्चों की संख्या 313470 है। अभी तक कुपोषित बच्चों को शासन की ओर से पोषित आहार में चना की दाल, रिपाइंड, गेहूं दलिया और चावल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रत्येक बुधवार व शनिवार को आशा वर्कर अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए आवश्यक टीके भी लगाती हैं।
कोट -
कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करना बहुत जरूरी है। इसके लिए गांवों को गोद लेने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही प्रभावी अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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- चंद्रप्रकाश सिंह, डीएम
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बुलंदशहर। जिले में कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए डीएम ने पहल की है। डीएम ने अपने स्तर से गांवों को गोद लेकर कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषित आहार देने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में जिले में कुल 14545 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं तो वहीं 3.13 लाख बच्चे स्वस्थ हैं।
कुपोषित बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाने के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। शबरी संकल्प योजना के बंद होने के बाद अधिकारियों ने गांवों को गोद लिया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी। अब डीएम सीपी सिंह ने अपने स्तर से गांवों को गोद लेने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश बाल एवं पुष्टाहार विभाग के परियोजना निर्देशक हरिओम वाजपेयी को दिए हैं। पहले चरण में अति कुपोषित बच्चे वाले गांवों को चिन्हित करते हुए गोद लेने के निर्देश दिए। रिकॉर्ड के मुताबिक अभी तक जिले में कुल 14545 बच्चे कुपोषित हैं, इनमें से 4195 बच्चे लाल श्रेणी और 11350 बच्चे पीली श्रेणी में हैं। हालांकि राहत की बात है कि पूरी तरह से स्वस्थ बच्चों की संख्या 313470 है। अभी तक कुपोषित बच्चों को शासन की ओर से पोषित आहार में चना की दाल, रिपाइंड, गेहूं दलिया और चावल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रत्येक बुधवार व शनिवार को आशा वर्कर अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए आवश्यक टीके भी लगाती हैं।
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कोट -
कुपोषित बच्चों को स्वस्थ करना बहुत जरूरी है। इसके लिए गांवों को गोद लेने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही प्रभावी अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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- चंद्रप्रकाश सिंह, डीएम