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मनरेगा कार्यों में हुई धांधली, रिकवरी के आदेश
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मनरेगा कार्यों में हुई धांधली, रिकवरी के आदेश
बुलंदशहर। मनरेगा लोकपाल ने जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव टिटोटा में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में धांधली पकड़ी। इस पर शासन ने पूर्व प्रधान, ग्राम सचिव और जेई से कार्यों के एवज में खर्च किए गए 60 हजार रुपये की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए हैं।
जहांगीराबाद ब्लॉक के गांव टिटौटा में मनरेगा में पुलिया निर्माण एवं गड्ढे खोदने का कार्य तत्कालीन प्रधान, ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक (जेई) द्वारा कराया गया था। इसमें लोगों द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। शिकायत मिलने के बाद मनरेगा लोकपाल अंशु त्यागी ने मामले की जांच की थी और जो कार्य गांव में दिखाए गए थे, उनमें कार्य काफी कम मिले थे। मामले में लोकपाल ने प्रधान एवं सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने जांच रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी थी। जिसके बाद अब शासन ने तीनों से रिकवरी करने के आदेश परियोजना निदेशक को दिए हैं। पीडी ने बताया के 60,918 रुपये का गबन उक्त तीनों के द्वारा किया गया है। रिकवरी के लिए डीएम को फाइल बनाकर भेजी जा रही है।
तीन और गांवों की चल रही जांच
लोकपाल ने बताया कि लखावटी ब्लॉक के गांव बुढ़ाना, खुर्जा के इब्राहिमपुर ढसौली और जहांगीराबाद ब्लॉक के ढक्का गांव में भी मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थी। इन गांवों में भी लाखों रुपये का गबन का मामला सामने आया है। पूरे मामले में जांच हो चुकी है। तत्कालीन ग्राम प्रधान, सचिव, खंड विकास अधिकारी, अकाउंटेंट और जेई/तकनीकी सहायक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। यदि उनके द्वारा जवाब नहीं दिया जाता है तो शासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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कोट =
जल्द राशि की होगी रिकवरी
जहांगीराबाद ब्लॉक के टिटौटा गांव में मनरेगा कार्यों में घपला हुआ है। शासन से रिकवरी की आदेश आ गए हैं और अब राशि की रिकवरी होगी। लोकपाल द्वारा अपने स्तर से जांच की जा रही है। शासन से जो आदेश आएं हैं, उनके आधार पर विभाग कार्रवाई करेगा।
- विनय कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग।
तीन अन्य गांवों की भी हुई है जांच
मनरेगा के कामों में जो घपला उजागर हुआ है उसकी जांच शासन को भेजी गई थी। गांव टिटौटा में 60 हजार रुपये का घपला हुआ था। तीन और गांवों की जांच पूरी हो गई है। इसमें पांच को नोटिस जारी किया गया है। रिकवरी और एफआईआर के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
- अंशु त्यागी, लोकपाल, मनरेगा।
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बुलंदशहर। मनरेगा लोकपाल ने जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव टिटोटा में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में धांधली पकड़ी। इस पर शासन ने पूर्व प्रधान, ग्राम सचिव और जेई से कार्यों के एवज में खर्च किए गए 60 हजार रुपये की रिकवरी के आदेश जारी कर दिए हैं।
जहांगीराबाद ब्लॉक के गांव टिटौटा में मनरेगा में पुलिया निर्माण एवं गड्ढे खोदने का कार्य तत्कालीन प्रधान, ग्राम सचिव और तकनीकी सहायक (जेई) द्वारा कराया गया था। इसमें लोगों द्वारा भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। शिकायत मिलने के बाद मनरेगा लोकपाल अंशु त्यागी ने मामले की जांच की थी और जो कार्य गांव में दिखाए गए थे, उनमें कार्य काफी कम मिले थे। मामले में लोकपाल ने प्रधान एवं सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर उन्होंने जांच रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी थी। जिसके बाद अब शासन ने तीनों से रिकवरी करने के आदेश परियोजना निदेशक को दिए हैं। पीडी ने बताया के 60,918 रुपये का गबन उक्त तीनों के द्वारा किया गया है। रिकवरी के लिए डीएम को फाइल बनाकर भेजी जा रही है।
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तीन और गांवों की चल रही जांच
लोकपाल ने बताया कि लखावटी ब्लॉक के गांव बुढ़ाना, खुर्जा के इब्राहिमपुर ढसौली और जहांगीराबाद ब्लॉक के ढक्का गांव में भी मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थी। इन गांवों में भी लाखों रुपये का गबन का मामला सामने आया है। पूरे मामले में जांच हो चुकी है। तत्कालीन ग्राम प्रधान, सचिव, खंड विकास अधिकारी, अकाउंटेंट और जेई/तकनीकी सहायक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। यदि उनके द्वारा जवाब नहीं दिया जाता है तो शासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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जल्द राशि की होगी रिकवरी
जहांगीराबाद ब्लॉक के टिटौटा गांव में मनरेगा कार्यों में घपला हुआ है। शासन से रिकवरी की आदेश आ गए हैं और अब राशि की रिकवरी होगी। लोकपाल द्वारा अपने स्तर से जांच की जा रही है। शासन से जो आदेश आएं हैं, उनके आधार पर विभाग कार्रवाई करेगा।
- विनय कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग।
तीन अन्य गांवों की भी हुई है जांच
मनरेगा के कामों में जो घपला उजागर हुआ है उसकी जांच शासन को भेजी गई थी। गांव टिटौटा में 60 हजार रुपये का घपला हुआ था। तीन और गांवों की जांच पूरी हो गई है। इसमें पांच को नोटिस जारी किया गया है। रिकवरी और एफआईआर के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
- अंशु त्यागी, लोकपाल, मनरेगा।