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यति नरसिंहानंद के काफिले निकट आई कार, पुलिस ने दी क्लीन चिट
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यति नरसिंहानंद के काफिले के निकट आई कार, पुलिस ने की जांच पड़ताल
नरौरा। रामघाट में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के काफिले के निकट आकर एक कार के यूटर्न लेने पर अफरातफरी मच गई। आनन फानन पुलिस ने कार समेत उसमें सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में समाने आया कि तीनों युवक रास्ता भटक कर यहां आ गए। साथ ही तीनों के पास जांच में किसी भी प्रकार की कोई आपत्त्तिजनक सामग्री नहीं मिली है।
रामघाट में गुप्त नवरात्र के अवसर पर मां बगलामुखी के पांच दिवसीय यज्ञ के दौरान यति नरसिंहानंद भाग लेने आए हैं। मंगलवार रात यज्ञ के बाद वह गंगागढ़ जा रहे थे। रामघाट कस्बे के बाहर निकलते ही काफिले की अगुवाई कर रहे एसओ रामघाट वीरेन्द्र कुमार ने सामने से आई सफेद रंग की पंजाब नंबर की एक लक्जरी कार काफिले के निकट आकर यूटर्न लेते देखा। इस पर उन्होंने कार को घेर लिया। कार चालक ने अपना नाम सैयद समीर अहमद बताया तो काफिले में काफिले में अफरातफरी मच गई। सुरक्षा कर्मी यति नरसिंहानंद की कार को घेर कर अलर्ट हो गए। थाना पुलिस ने पंजाब नंबर की कार सहित उसमें सवार तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने ले गई। एसओ रामघाट वीरेन्द्र कुमार ने कड़ी सुरक्षा में स्वामी यति नरसिंहानंद के काफिले को क्षेत्र में ग्राम गंगागढ़ पहुंचाया।
रात में ही सीओ वंदना शर्मा रामघाट पहुंची और संदिग्ध युवकों सैयद समीर अहमद, तनवीर पासा, वेंकटेशमी निवासी बंगलूरू से पूछताछ की। मामले में एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तीनों युवक पुरानी गाडियां खरीदने का कार्य करते हैं। इसी कार्य के सिलसिले में मुरादाबाद आकर वापस लौट रहे थे। रास्ता भटक जाने के कारण रामघाट पहुंच गए। उन्हें जैसे ही गलत रास्ते का आभास हुआ तो वापस लौटने के लिए कार यू टर्न लिया था। इनसे कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है। इनके द्वारा जो बातें व जिनसे मिलना बताया गया उनसे भी फोन पर संपर्क कर पुष्टि की गई है।
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काफिले में कार का घुसना हमले की साजिश : यति नरसिंहानंद
नरौरा। स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि उनके काफिले में कर्नाटक निवासी तीन युवकों की कार का संदिग्ध अवस्था में आना अनायास नहीं बल्कि मेरी हत्या करने की साजिश थी। कहा कि पिछली बार गाजियाबाद डासना मंदिर पर मेरे साथ इसी तरह की घटना हुई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले को गंभीरता से लेकर गहन जांच कराने की मांग की है। इस दौरान ओमप्रकाश शर्मा, देवेन्द्र शास्त्री, कपिल वशिष्ठ, केदार सिंह, शिवम भारद्वाज, हिमांशु शर्मा, टीटू शर्मा आदि मौजूद रहे।
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नरौरा। रामघाट में महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के काफिले के निकट आकर एक कार के यूटर्न लेने पर अफरातफरी मच गई। आनन फानन पुलिस ने कार समेत उसमें सवार तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में समाने आया कि तीनों युवक रास्ता भटक कर यहां आ गए। साथ ही तीनों के पास जांच में किसी भी प्रकार की कोई आपत्त्तिजनक सामग्री नहीं मिली है।
रामघाट में गुप्त नवरात्र के अवसर पर मां बगलामुखी के पांच दिवसीय यज्ञ के दौरान यति नरसिंहानंद भाग लेने आए हैं। मंगलवार रात यज्ञ के बाद वह गंगागढ़ जा रहे थे। रामघाट कस्बे के बाहर निकलते ही काफिले की अगुवाई कर रहे एसओ रामघाट वीरेन्द्र कुमार ने सामने से आई सफेद रंग की पंजाब नंबर की एक लक्जरी कार काफिले के निकट आकर यूटर्न लेते देखा। इस पर उन्होंने कार को घेर लिया। कार चालक ने अपना नाम सैयद समीर अहमद बताया तो काफिले में काफिले में अफरातफरी मच गई। सुरक्षा कर्मी यति नरसिंहानंद की कार को घेर कर अलर्ट हो गए। थाना पुलिस ने पंजाब नंबर की कार सहित उसमें सवार तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने ले गई। एसओ रामघाट वीरेन्द्र कुमार ने कड़ी सुरक्षा में स्वामी यति नरसिंहानंद के काफिले को क्षेत्र में ग्राम गंगागढ़ पहुंचाया।
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रात में ही सीओ वंदना शर्मा रामघाट पहुंची और संदिग्ध युवकों सैयद समीर अहमद, तनवीर पासा, वेंकटेशमी निवासी बंगलूरू से पूछताछ की। मामले में एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि तीनों युवक पुरानी गाडियां खरीदने का कार्य करते हैं। इसी कार्य के सिलसिले में मुरादाबाद आकर वापस लौट रहे थे। रास्ता भटक जाने के कारण रामघाट पहुंच गए। उन्हें जैसे ही गलत रास्ते का आभास हुआ तो वापस लौटने के लिए कार यू टर्न लिया था। इनसे कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है। इनके द्वारा जो बातें व जिनसे मिलना बताया गया उनसे भी फोन पर संपर्क कर पुष्टि की गई है।
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काफिले में कार का घुसना हमले की साजिश : यति नरसिंहानंद
नरौरा। स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बताया कि उनके काफिले में कर्नाटक निवासी तीन युवकों की कार का संदिग्ध अवस्था में आना अनायास नहीं बल्कि मेरी हत्या करने की साजिश थी। कहा कि पिछली बार गाजियाबाद डासना मंदिर पर मेरे साथ इसी तरह की घटना हुई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले को गंभीरता से लेकर गहन जांच कराने की मांग की है। इस दौरान ओमप्रकाश शर्मा, देवेन्द्र शास्त्री, कपिल वशिष्ठ, केदार सिंह, शिवम भारद्वाज, हिमांशु शर्मा, टीटू शर्मा आदि मौजूद रहे।